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Rural Prosperity

स्वास्थ्यसेवा की हर जरूरत के लिए जनऔषधि उत्पाद

जेब पर बोझ कम और आरोग्य में सुधार
Posted On: 04 MAR 2026 9:18AM

स्वास्थ्यसेवा का मतलब किसी खास बीमारी या समस्या का एक ही बार उपचार भर नहीं है। इसमें पारिवारिक बजट के अंदर ही व्यक्ति और परिवार की सेहत की नियमित देखभाल भी है। दमा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों में सिर्फ एक बार उपचार की ही जरूरत नहीं होती। इन स्थितियों में लगातार निगरानी और भरोसेमंद उत्पादों की दरकार होती है। इस तरह स्वास्थ्यसेवा पर लगातार होने वाला खर्च परिवारों के लिए बोझ बन जाता है।

इस स्थिति में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के उत्पाद राहत का भाव पैदा करते हैं। मौजूदा समय में जनऔषधि के उत्पादों में 2110 से ज्यादा दवाएं, 315 चिकित्सा उपकरण और इलाज में काम आने वाले अन्य उत्पाद शामिल हैं। ये दिल और रक्तवाहिनियों से संबंधित रोगों, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी तथा पेट और आंतों की बीमारियों समेत विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में काम आते हैं। इन दवाओं और उपकरणों की कीमत प्रमुख कंपनियों के उत्पादों की तुलना में 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कम रखी गई है ताकि अनिवार्य चिकित्सा सेवा किफायती और तनाव से मुक्त हो।

प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों में स्वास्थ्यसेवा उत्पाद सिर्फ अलमारियों में सजे सामान नहीं बल्कि रोजमर्रा की जीवनरेखाएं हैं। बिजली की नेबुलाइजर मशीन सांस लेने में दिक्कत से जूझ रहे व्यक्ति को तुरंत आराम और राहत देती है। बाजार में इन मशीनों की कीमत 1500 रुपए से 2000 रुपए तक है। लेकिन जनऔषधि नेबुलाइजर सिर्फ लगभग 800 रुपए में उपलब्ध है। मधुमेह के रोगियों के लिए जरूरी ग्लूकोमीटर भी किफायती दर पर मिलता है। इसके साथ ही इसमें उपयोग के लिए टेस्ट स्ट्रिप भी दिया जाता है। इससे इस रोग के मरीजों के तुरंत और बार-बार होने वाले खर्चों में कमी आती है।

बुजुर्ग मरीजों के लिए किफायती डिजिटल रक्तचाप मॉनिटर आवश्यक है। इससे बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती। बाजार में 1800 रुपए से 2500 रुपए तक में मिलने वाला मॉनिटर प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों में काफी कम कीमत पर मिलता है। इससे मरीज खर्च की चिंता किए बिना रक्तचाप की नियमित रूप से जांच कर सकते हैं।

इसके अलावा इन केंद्रों में गर्भ जांच किट, निकोटिन गम और एलएस बेल्ट जैसे छोटे अनिवार्य उपकरण तथा पोषण पूरक आहार भी उपलब्ध हैं। इनमें से हर उत्पाद किसी-न-किसी व्यक्ति की अनिवार्य स्वास्थ्यसेवा की जरूरतों को पूरा करता है। ये दवाएं और चिकित्सा उपकरण सिर्फ किफायती ही नहीं हैं बल्कि जेनरिक

उत्पादों की पहुंच और बढ़ती स्वीकार्यता बदलाव का प्रतिनिधित्व भी करती है।

सितंबर 2024 से जनऔषधि केंद्रों में आम इस्तेमाल की 200 दवाओं के स्टॉक रखने पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इनमें इस योजना में सबसे ज्यादा बिकने वाली 100 दवाओं के अलावा 100 ऐसी औषधियों को भी शामिल किया गया है जो बाजार में सर्वाधिक तेजी से बिकती हैं। जनऔषधि केंद्रों के मालिकों को इन दवाओं के उनके स्टॉक के आधार पर मासिक प्रोत्साहन दिया जाता है। जनऔषधि केंद्र गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यसेवा की पहुंच के विस्तार और इस पर होने वाले खर्च में कमी लाकर सिर्फ उपचार में मदद ही नहीं कर रहे। वे जीवन को आसान बना कर हर परिवार के लिए किफायती स्वास्थ्यसेवा की बुनियाद को भी मजबूत कर रहे हैं।

संदर्भः

रसायन और उर्वरक मंत्रालय

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पीआईबी रिसर्च

पीके/केसी/एसके

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