• Skip to Content
  • Sitemap
  • Advance Search
Infrastructure

वंदे भारत एक्सप्रेस: भारत में शहरों के बीच रेल परिवहन के आधुनिकीकरण का प्रतीक

Posted On: 16 JAN 2026 2:51PM

मुख्य बिंदु

  • दिसंबर 2025 तक देश भर में 164 वंदे भारत ट्रेनें परिचालन में हैं,जिससे प्रमुख मार्गों पर कनेक्टिविटी में सुधार हो रहा है।
  • जनवरी 2026 में वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू की जाएगी, जिससे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए सेवाओं का विस्तार होगा।
  • इस परियोजना का लक्ष्य 2030 तक ट्रेनों की संख्या 800 और 2047 तक 4,500 तक बढ़ाना है।

परिचय

भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है,और इस दिशा में मोबिलिटी राष्ट्रीय विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरी है। आधुनिक परिवहन व्यवस्थाएं आज मूलभूत कनेक्टिविटी से कहीं आगे बढ़कर आर्थिक एकीकरण,क्षेत्रीय विकास और सामाजिक समावेशन के महत्वपूर्ण साधन के रूप में कार्य कर रहे  हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की एक प्रमुख पहल है,जो देश भर में तेज,सुरक्षित,अधिक विश्वसनीय और यात्री-केंद्रित रेल यात्रा  की सुविधा उपलब्ध कराती है। वंदे भारत एक्सप्रेस,भारत की पहली स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है,जिसे आधुनिक तकनीक,बेहतर यात्री सुविधा और कम यात्रा समय के साथ से शहरों के बीच रेल सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विकसित किया गया है।

वंदे भारत एक्सप्रेस: ​​उत्कृष्ट ट्रेन यात्रा की नई परिभाषा

वंदे भारत देश में उत्कृष्ट यात्री रेल सेवाओं में एक नए चरण का प्रतिनिधित्व करता है। स्वदेशी रूप से विकसित,सेमी हाई स्पीड वाली ट्रेनों के रूप में शुरू की गई यह ट्रेन,पारंपरिक लोकोमोटिव-चालित ट्रेनों से अलग  दक्षता,सुरक्षा और विश्वसनीयता की एक नयी प्रतीक बन गयी है।

वंदे भारत की आवश्यकता शहरों के बीच विशेष रूप से मध्यम दूरी के मार्गों पर,यात्रा के समय को कम करने और ट्रेन यात्रा के दौरान अधिक आराम प्रदान करने की बढ़ती मांग से उत्पन्न हुई है। इसके पहले राजधानी एक्सप्रेस (1969 में शुरू) और शताब्दी एक्सप्रेस (1988 में शुरू) जैसी पूर्व प्रीमियम सेवाओं ने अपने समय में उच्च गुणवत्ता वाली रात्रिकालीन और दिन के समय कनेक्टिविटी प्रदान करके रेल यात्रा को काफी उन्नत बनाया था। वंदे भारत ट्रेनें वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सेवा प्रदान कर रही हैं जो भारत में यात्री रेल आधुनिकीकरण के अगले चरण की नींव की तरह हैं।

मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • सेमी-परमानेंट झटक-मुक्त कपलर और उन्नत सस्पेंशन सिस्टम यात्रा के दौरान ज्यादा आराम प्रदान करते हैं,जबकि रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम परिचालन के दौरान ऊर्जा बचाते हैं।
  • कवच भारत की स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है, जिसे सुरक्षा अखंडता स्तर-4 (एसआईएल-4) का प्रमाणन प्राप्त है। ट्रेन के अंदर और ट्रैक के किनारे लगे उपकरणों के संयोजन से संचालित यह प्रणाली ट्रेन की गति और सिग्नल की स्थिति पर लगातार नज़र रखती है। यह प्रणाली टक्कर,अति गति और खतरे के सिग्नल को पार करने से रोकने के लिए स्वचालित रूप से ब्रेक लगाती है,जिससे ट्रेन संचालन में निवारक सुरक्षा मजबूत होती है।


    स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन टक्कर निवारण प्रणाली (कवच) का प्रावधान।
  • केंद्रीय नियंत्रण वाले स्वचालित प्लग डोर और पूरी तरह से सीलबंद चौड़े गलियारे।
  • स्वदेशी रूप से विकसित यूवी-सी लैंप आधारित कीटाणुशोधन प्रणालियों से युक्त आधुनिक एयर कंडीशनिंग सिस्टम।
  • सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे,आपातकालीन अलार्म पुश बटन और यात्री-चालक दल के बीच संवाद लिए टॉक-बैक यूनिट।
  • कोच स्थिति निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस) डिस्पले, दूरस्थ निगरानी सुविधा के साथ
  • ट्रेन के दोनों सिरों पर कोचों में बायो-वैक्यूम शौचालय और दिव्यांगजन-अनुकूल शौचालय।
  • जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली,आरामदायक मुद्रा के लिए डिज़ाइन की गई सीट व्यवस्था और बेहतर यात्रा आराम वंदे भारत ट्रेनों में समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने में योगदान करते हैं।

 

लगभग 90 प्रतिशत स्थानीयकरण के साथ इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में निर्मित वंदे भारत रेलगाड़िया मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप हैं। स्वदेशी क्षमता प्रमुख प्रणालियों के घरेलू डिजाइन और एकीकरण में परिलक्षित होती है। 2024 में,आईसीएफ को वंदे भारत रेलगाड़ियों के निर्माण के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार (एनईसीए) प्राप्त हुआ,जो ऊर्जा किफायत और टिकाऊ विनिर्माण कार्यों पर जोर देता है।

 

वंदे भारत व्यंजन:

दिसंबर 2025 से,भारतीय रेलवे ने चुनिंदा वंदे भारत ट्रेनों में क्षेत्रीय व्यंजन परोसना शुरू किया है। इसका उद्देश्य भारत की विविध पाक कला विरासत को दर्शाने वाले प्रामाणिक स्थानीय स्वादों को पेश करके यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाना है। इस पहल से यात्री उन क्षेत्रों से जुड़े पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे,जहां से होकर ट्रेनें गुजरती हैं। इससे रेल यात्रा में एक सांस्कृतिक आयाम जुड़ जाएगा।

 

 

ट्रेन में मिलने वाले स्वादिष्ट व्यंजन:

ट्रेन में उपलब्ध मेनू में महाराष्ट्र कांदा पोहा और मसाला उपमा,आंध्र प्रदेश कोडी कुरा, गुजरात मेथी थेपला,ओडिशा आलू फुलकोपी और पश्चिम बंगाल कोशा पनीर और मुर्गीर झोल सहित कई क्षेत्रीय व्यंजन शामिल हैं। केरल के अप्पम और पलाडा पायसम जैसे दक्षिणी व्यंजन के साथ ही बिहार के चंपारण पनीर और चिकन भी मेनू को और समृद्ध बनाते हैं। चुनिंदा सेवाओं में अंबल कद्दू और केसर फिरनी जैसे डोगरी और कश्मीरी व्यंजन भी उपलब्ध हैं।

वंदे भारत एक्सप्रेस के सात वर्ष

करीब सात साल पहले 15 फरवरी 2019 को शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ने नई दिल्ली-कानपुर-प्रयागराज-वाराणसी कॉरिडोर पर अपनी सेवा शुरू की थी। 16 डिब्बों वाली यह पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति के लिए डिज़ाइन की गई है। इसमें आधुनिक यात्री सुविधाएं जैसे स्वचालित दरवाजे,जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और  इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ-साथ ऊर्जा किफायत और परिचालन स्थिरता में सुधार के लिए रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम भी शामिल हैं।

वंदे भारत सेवाओं का राष्ट्रीय रेल नेटवर्क में तेजी से विस्तार हुआ है दिसंबर 2025 तक,274 जिलों में 164 वंदे भारत सेवाएं शुरू हो चुकी हैं,जिसमें सात करोड़ 50 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया है

इन ट्रेनों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें ट्रेन की गति को बढ़ाने और घटाने का काम तेजी से हो,जिससे कई मार्गों पर यात्रा का समय 45 प्रतिशत तक कम हो जाता है। उदाहरण के लिए,नई दिल्ली और वाराणसी के बीच निर्धारित यात्रा समय लगभग आठ घंटे है,जो इस मार्ग पर पहले चलने वाली ट्रेन सेवाओं की तुलना में लगभग 40 से 50 प्रतिशत कम है।

वंदे भारत एक्सप्रेस की उच्च यात्री संख्या इन सेवाओं के लिए यात्रियों की प्रबल मांग को दर्शाती है। 2024-25 में यात्री संख्या 102.01 प्रतिशत थी और 2025-26 (जून 2025 तक) में बढ़कर 105.03 प्रतिशत हो गई, जो यह साबित करता है कि तेज,स्वच्छ और अधिक विश्वसनीय रेल यात्रा केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है,बल्कि यात्रियों की प्राथमिकताओं में एक व्यापक बदलाव को भी दर्शा रही है।

वंदे भारत 2.0: प्रदर्शन,सुरक्षा और ऊर्जा किफायत को बढ़ाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 को  मूल ट्रेनों  के उन्नत संस्करण के रूप में पेश किया गया है। पहली वंदे भारत 2.0 ट्रेन  को 30 सितंबर 2022 को गांधीनगर-मुंबई सेंट्रल मार्ग पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। नया संस्करण हल्का है, जिसका वजन पिछले मॉडल के 430 टन की तुलना में कम लगभग 392 टन  है,जिससे तेज गति प्राप्त करना संभव हो पाता है। इसमें स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन टक्कर निवारण प्रणाली (कवच),उन्नत रिजेनरेटिव ब्रेकिंग और लगभग 15 प्रतिशत अधिक ऊर्जा-किफायत वाले एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगे हैं। इन सभी ट्रेनों को 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति और मार्ग की उपलब्धता के आधार पर 160 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया है।

वंदे भारत 3.0: परिचालन में मौजूद वंदे भारत ट्रेनों का सेमी-हाई-स्पीड संस्करण 3.0 बेहतर प्रदर्शन मानकों को प्रदर्शित करता है,जिसमें तेज गति और बेहतर यात्रा गुणवत्ता शामिल है। इसमें सुगम और अधिक आरामदायक यात्राएं उपलब्ध कराई जाती है यह लगभग 52 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है,जो जापान और कई यूरोपीय देशों में मौजूदा रेल बुनियादी ढांचे पर चलने वाली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों टक्कर देता है। वर्तमान पीढ़ी ट्रेनों में आधुनिक यात्री सेवा मानकों के अनुरूप आधुनिक यात्रा प्रणालियां भी शामिल हैं। इनमें कम शोर और कंपन स्तर के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनबोर्ड वाई-फाई और चार्जिंग पोर्ट जैसी सुविधाएं भी हैं।

वंदे भारत 4.0 में भारत की स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के अगले चरण, कवच 5.0 को उन्नत सुरक्षा और प्रौद्योगिकी ढांचे के हिस्से के रूप में शामिल करने की योजना बनाई गई है।

वंदे भारत 4.0, वंदे भारत प्लेटफॉर्म का आगामी अगली पीढ़ी का मॉडल है,जिसका उद्देश्य प्रदर्शन, यात्री आराम और समग्र निर्माण गुणवत्ता में उच्च वैश्विक मानक स्थापित करना है। इसका मुख्य उद्देश्य बेहतर सीट व्यवस्था,उन्नत शौचालय सुविधाएं,बेहतर कोच निर्माण और उन्नत आंतरिक साज-सज्जा सहित यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है।

अगली पीढ़ी की ट्रेनों को केवल भारत की भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया जा रहा है, बल्कि स्वदेशी रेल प्रौद्योगिकी की बेहतरी को दर्शाते हुए निर्यात क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए भी तैयार किया जा रहा है। प्रदर्शन के मामले में, वंदे भारत 4.0 का लक्ष्य नए मानक स्थापित करना है, जिसकी भविष्य की योजनाएं 350 किमी प्रति घंटे तक की गति को संभालने में सक्षम उच्च गति वाले डेडिकेटेड कॉरिडोर जुड़ी हैं।

वंदे भारत 4.0 परियोजना के 2025 के अंत से 18 महीनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है, जो भविष्य के लिए तैयार, उच्च प्रदर्शन वाली यात्री रेल प्रणालियों की दिशा में चल रहे प्रयासों को और मजबूत करेगी।

वंदे भारत स्लीपर: लंबी दूरी की यात्रा के लिए विस्तार

यात्रा समय की तुलना: हावड़ा-गुवाहाटी कॉरिडोर

  • सरायघाट एक्सप्रेस (12345/12346): लगभग 17 घंटे
  • वंदे भारत स्लीपर (संभावित): लगभग 14 घंटे
  • अनुमानित समय बचत: लगभग 3 घंटे


सेवाओं के विस्तार को और गति देते हुए, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जनवरी 2026 में शुरू होने वाली है, जिससे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए भी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा और असम के गुवाहाटी के बीच चलेगी,जिससे अंतर-क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होग यह कॉरिडोर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ता है और इसका उपयोग प्रतिदिन हजारों यात्री करते हैं, जिनमें छात्र, श्रमिक, व्यापारी और परिवार शामिल हैं।

इस स्लीपर ट्रेन में 16 वातानुकूलित कोच हैं,जिनमें एक एसी फर्स्ट क्लास,चार एसी टू-टियर और ग्यारह एसी थ्री-टियर शामिल हैं। इसे सुरक्षित और आरामदायक रात्रिकालीन यात्रा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है,जिसकी कुल क्षमता लगभग 823 यात्रियों की है।

स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किए गए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने परीक्षण,जांच और प्रमाणीकरण का कार्य पूरा कर लिया है,जो इसके परिचालन में आने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कोटा-नागदा खंड पर किए गए उच्च गति परीक्षणों में 180 किमी प्रति घंटे तक की गति पर स्थिर परिचालन प्रदर्शित हुआ। मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा किए गए लंबी दूरी के प्रदर्शन परीक्षणों ने धैर्यशीलता,यात्रा के दौरान आराम और सिस्टम के प्रति विश्वसनीयता को प्रमाणित किया। ट्रेन में सामान रखने की सुनियोजित जगह भी है,जिसमें ओवरहेड रैक,बर्थ के नीचे सामान रखने और बड़े सूटकेस के लिए कोच के प्रवेश द्वार के पास समर्पित क्षेत्र शामिल हैं जिससे लंबी यात्राओं के दौरान ट्रेन के भीतर अव्यवस्था नहीं होती है।

कर्मचारी सहायता और सुगम संचालन: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में रेल कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण सुधार हुआ है,जिससे सुरक्षित और अधिक कुशल संचालन को बढ़ावा मिलता है। लोको पायलटों को एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन किए गए ड्राइवर केबिनों का लाभ मिलता है जो लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान तनाव और थकान को कम करते हैंसाथ ही स्वच्छता और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित और अच्छी तरह से सुसज्जित शौचालय भी उपलब्ध हैं।

ट्रेन में मौजूद कर्मचारियों के लिए समर्पित केबिन और कंपार्टमेंट,बेहतर बर्थ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें जिनमें टीटीई और पैंट्री कर्मी शामिल हैं। ये प्रावधान ड्यूटी के दौरान पर्याप्त आराम की व्यवस्था करते हैं, जिससे सतर्कता बढ़ती है, कार्यकुशलता में सुधार होता है और समग्र सेवा गुणवत्ता बेहतर होती है।

दूरदृष्टि: वंदे भारत एक्प्रेस का विस्तार

वंदे भारत को आने वाले दशकों में भारत के यात्री रेल आधुनिकीकरण का एक प्रमुख स्तंभ माना जा रहा है। भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप,2047 तक वंदे भारत रेल बेड़े लगभग 4,500 रेलगाड़ियों तक विस्तार करने की योजना है। इस बीच बुनियादी ढांचे की तैयारी और विनिर्माण क्षमता के आधार पर,2030 तक लगभग 800 वंदे भारत रेलगाड़ियों को परिचालन में लाने के उद्देश्य से सेवाओं का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

निष्कर्ष

वंदे भारत ट्रेनें भारतीय रेलवे के आधुनिक,कुशल और यात्री-केंद्रित रेल सेवाओं की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाती हैं। इसके लिए लगातार अवसंरचना उन्नयन किया जा रहा है और स्वदेशी विनिर्माण क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। वंदे भारत नई पीढ़ी के ट्रेनों के विस्तार,विविधतापूर्ण सुविधाओं और यात्रा की बेहतर सेवाओं के माध्यम से,क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहा है और शहरों की बीच की यात्रा की गुणवत्ता में सुधार कर रहा है। ये ट्रेनें आर्थिक एकीकरण,स्थायी मोबिलिटी और समावेशी राष्ट्रीय विकास के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में रेल अवसंरचना की भूमिका को रेखांकित करती हैं।

पीआईबी अनुसंधान

संदर्भ

Ministry of Railways:

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2209199&reg=3&lang=1

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2210517&reg=3&lang=1

https://www.pib.gov.in/PressNoteDetails.aspx?NoteId=152077&ModuleId=3%20&reg=3&lang=1

https://ncr.indianrailways.gov.in/uploads/files/1617860431968-QUESTION%20BANK%20GENERAL%20AWARENESS%20RELATED%20TO%20RAILWAY.pdf

https://scr.indianrailways.gov.in/uploads/files/1665752971954-qb_InstructorComml.pdf

https://sansad.in/getFile/annex/267/AU603_maSfua.pdf?source=pqars

https://sansad.in/getFile/loksabhaquestions/annex/185/AU1789_4tXzwW.pdf?source=pqals

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1945080&reg=3&lang=2#:~:text=Total%20funds%20utilised%20for%20manufacture,question%20in%20Lok%20Sabha%20today.

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1966347&reg=3&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2204799&reg=3&lang=2

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2022/sep/doc2022929111101.pdf

https://nr.indianrailways.gov.in/uploads/files/1753876817265-KAVACH%20Press%20Note.pdf

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1561592&reg=3&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2210145&reg=3&lang=1

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2214695&reg=3&lang=1

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2205783&reg=3&lang=1

https://wr.indianrailways.gov.in/view_detail.jsp?lang=0&id=0,4,268&dcd=6691&did=1664546364987AE828D7BB8098E3A13A801E3DD19EDB7
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2210517&reg=3&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2205783&reg=3&lang=1

https://nr.indianrailways.gov.in/cris/view_section.jsp?lang=0&id=0,6,303,1721

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2024/dec/doc20241210468801.pdf

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1564577&reg=3&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1883511&reg=3&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1966347&reg=3&lang=2#:~:text=The%20Indian%20Railways%20has%20introduced,new%20avatar%20include%20the%20following:

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1858098&reg=3&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1910031&reg=3&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2179543&reg=3&lang=2

https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2100409&reg=3&lang=2

Integral Coach Factory: https://icf.indianrailways.gov.in/view_section.jsp?lang=0&id=0,294#:~:text=The%20Vande%20Bharat%20with%2090%25%20indigenous%20inputs,of%20trains%20in%20the%20Vande%20Bharat%20platform.

IBEF:

https://www.ibef.org/research/case-study/driving-progress-innovation-and-expansion-in-the-indian-railways-system

 

Youtube:

Vande Bharat 2.0 launch: https://www.youtube.com/watch?v=ijESLy2TLew

 

Twitter:

https://x.com/AshwiniVaishnaw/status/2006000165803680128?s=20

पीडीएफ में देखने के लिए यहां क्लिक करें

पीके/केसी/एमएस

(Explainer ID: 156970) आगंतुक पटल : 74
Provide suggestions / comments
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Kannada
Link mygov.in
National Portal Of India
STQC Certificate