Infrastructure
उड़ान योजना
भारत को जोड़ना, एक समय में एक उड़ान
Posted On:
26 APR 2025 9:29AM
“विमानन को कभी कुछ चुनिंदा लोगों का क्षेत्र माना जाता था, लेकिन उड़ान के आगमन के साथ अब यह बदल गया है। मेरा सपना है कि मैं हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति को भी हवाई जहाज में उड़ते हुए देखूं।”
- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी
सारांश
उड़ान योजना 21 अक्टूबर 2016 को शुरू की गई थी; पहली उड़ान 27 अप्रैल 2017 को शिमला और दिल्ली के बीच संचालित हुई थी।
625 उड़ान मार्गों का संचालन किया जा रहा है, जो पूरे भारत में 90 हवाई अड्डों (2 जल हवाई अड्डों और 15 हेलीपोर्ट सहित) को जोड़ते हैं।
उड़ान के तहत किफायती क्षेत्रीय हवाई यात्रा से 1.49 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ हुआ है।
भारत का हवाई अड्डा नेटवर्क 2014 में 74 हवाई अड्डों से बढ़कर 2024 में 159 हवाई अड्डों तक पहुंच गया, जो एक दशक में दोगुना से भी अधिक है।
अल्प विकसित और दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ) के रूप में 4,023.37 करोड़ रुपये वितरित किए गए।
उड़ान ने क्षेत्रीय पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा पहुंच और व्यापार को मजबूत किया, जिससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक विकास को गति मिली।
भूमिका
आकाश की ओर देखना मतलब बड़ी आकांक्षाएं, लंबे समय से भारत में आसमान में उड़ना आम आदमी के लिए एक सपना था, जिसको पूरा कर पाना उसके पहुँच से लगभग बाहर था। इस अंतर को पाटने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 21 अक्टूबर 2016 को क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) - उड़ान (“उड़े देश का आम नागरिक”) शुरू की। उड़ान योजना का उद्देश्य सभी के लिए उड़ान को सुलभ और किफ़ायती बनाकर विमानन क्षेत्र का लोकतंत्रीकरण करना है जिससे प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण “हवाई चप्पल पहनने वाला आम आदमी भी हवाई यात्रा का खर्च उठा सके” को पूरा किया जा सके। नागर विमानन मंत्रालय की इस प्रमुख योजना ने भारत के क्षेत्रीय संपर्क परिदृश्य को बदल दिया है।
आम नागरिक के लिए किफायती हवाई यात्रा का सपना पहली उड़ान के साथ यथार्थ रूप लेने लगा। पहली ऐतिहासिक उड़ान 27 अप्रैल 2017 को शुरू हुई, जिसने शिमला की शांत पहाड़ियों को दिल्ली के हलचल भरे महानगर से जोड़ा। इस ऐतिहासिक योजना ने भारतीय विमानन में एक परिवर्तनकारी यात्रा की शुरुआत की, जिससे अनगिनत नागरिकों के लिए आसमान में उड़ान भरने का रास्ता खुल गया। 27 अप्रैल, 2025 को इस योजना ने 8 साल पूरे कर लिए।

उड़ान योजना की परिकल्पना राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति (एनसीएपी) 2016 के तहत की गई थी। 10 वर्ष के दृष्टिकोण के साथ बाजार संचालित लेकिन वित्तीय रूप से समर्थित इस मॉडल के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया। इस योजना ने एयरलाइनों को रियायतों और व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ) के माध्यम से क्षेत्रीय मार्गों पर परिचालन करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे किफायती किराया और बेहतर पहुंच सुनिश्चित हुई।
उड़ान योजना के घटक
- व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ): किफायती किराया सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइनों को वित्तीय सहायता।
- वहनीयता सुनिश्चित करने के लिए हवाई किराया सीमा।
- केंद्र, राज्य, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और निजी हवाई अड्डा संचालकों के बीच सहयोगात्मक शासन।
- हितधारक प्रोत्साहन:
सरकार ने कम आकर्षक बाजारों में उड़ानें संचालित करने के लिए एयरलाइनों को आकर्षित करने के लिए कई सहायक उपाय लागू किए हैं:
हवाई अड्डा संचालक: वे आरसीएस उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क माफ करते हैं और भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एएआई) इन उड़ानों पर टर्मिनल नेविगेशन लैंडिंग शुल्क (टीएनएलसी) नहीं लगाता है। इसके अलावा, रियायती रूट नेविगेशन और सुविधा शुल्क (आरएनएफसी) लगाया जाता है।
केंद्र सरकार: पहले तीन वर्षों के लिए, आरसीएस हवाई अड्डों पर खरीदे गए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर उत्पाद शुल्क 2% तक सीमित है। एयरलाइनों को अपनी पहुंच का विस्तार करने के लिए कोड-शेयरिंग समझौते करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।
राज्य सरकारें: राज्यों ने दस वर्षों के लिए एटीएफ पर वैट को 1% या उससे कम करने और सुरक्षा, अग्निशमन सेवाओं और जनोपयोगी सेवाओं जैसी आवश्यक सेवाएँ कम दरों पर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।
इस सहयोगात्मक ढांचे ने एक ऐसा माहौल तैयार किया है जहाँ एयरलाइनें लंबे समय से नज़रअंदाज़ किए गए क्षेत्रों में सेवा देते हुए सफल हो रही हैं।
उड़ान योजना का विकास: प्रारंभ से विस्तार तक
2016 में अपनी शुरुआत के बाद से, उड़ान योजना कई चरणों से गुज़री है, जिनमें से प्रत्येक ने भारत के क्षेत्रीय हवाई संपर्क के दायरे और पैमाने का विस्तार किया है। नीचे मुख्य चरणों का सारांश दिया गया है:
उड़ान 1.0 (2017)
शुरुआत की उपलब्धि : पहली उड़ान 27 अप्रैल 2017 को (शिमला-दिल्ली) रवाना हुई।
कवरेज: 5 एयरलाइन ऑपरेटरों ने 70 हवाई अड्डों को 128 रूट दिए, जिनमें 36 नए हवाई अड्डे शामिल हैं।
उड़ान 2.0 (2018)
योजना का विस्तार करके इसमें 73 कम सेवा वाले और असेवित हवाई अड्डों को शामिल किया गया।
पहली बार, हेलीपैड को भी उड़ान नेटवर्क से जोड़ा गया।
उड़ान 3.0 (2019)
पर्यटन मंत्रालय के साथ समन्वय में पर्यटन मार्गों की शुरुआत की गई।
जल हवाई अड्डों को जोड़ने के लिए सीप्लेन संचालन को शामिल किया गया।
उत्तर-पूर्व क्षेत्र के कई मार्ग इस योजना के दायरे में आए।
उड़ान 4.0 (2020)
पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों और द्वीप क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
हेलीकॉप्टर और सीप्लेन सेवा पर अधिक जोर दिया गया।

अक्टूबर 2025 में उड़ान अपने 9वें वर्ष में प्रवेश कर रही है, इस योजना ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं-

क्षेत्रीय संपर्क के लिए प्रमुख नवाचार और आगे की राह
उड़ान यात्री कैफे: हवाई यात्रा को अधिक समावेशी बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप, कोलकाता और चेन्नई हवाई अड्डों पर किफायती यात्री कैफे शुरू किए गए हैं, जो किफायती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराते हैं - 10 रुपये में चाय और 20 रुपये में समोसा।
सीप्लेन संचालन: क्षेत्रीय और देश के आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने हेतु, सीप्लेन संचालन के लिए दिशा-निर्देश 22 अगस्त 2024 को जारी किए गए, जिसमें सुरक्षा, संरक्षा और परिचालन व्यवहार्यता पर ध्यान केंद्रित किया गया। देश भर में 50 से अधिक चिन्हित जल निकायों से बोलियाँ आमंत्रित करने के लिए उड़ान राउंड 5.5 शुरु किया गया है।
उड़ान पहल का नवीनीकरण: मूल योजना की सफलता के आधार पर, इसके नवीनीकरण का लक्ष्य 120 नए गंतव्यों को जोड़ना और अगले दशक में 4 करोड़ से अधिक यात्रियों के लिए किफायती हवाई यात्रा को सक्षम बनाना है। इसका उद्देश्य दूरदराज, पहाड़ी और आकांक्षी जिलों, विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी का विस्तार करना है, जिसमें हेलीपैड और छोटे हवाई अड्डों के लिए विशेष सहायता शामिल है।
कृषि उड़ान योजना: किसानों को सहायता प्रदान करने तथा कृषि-उत्पादों के लिए मूल्य प्राप्ति में सुधार करने के लिए डिज़ाइन की गई कृषि उड़ान, समय पर तथा लागत प्रभावी हवाई रसद की सुविधा प्रदान करती है, विशेष रूप से पूर्वोत्तर, पहाड़ी तथा आदिवासी क्षेत्रों से। यह बहु-मंत्रालय अभिसरण योजना वर्तमान में 58 हवाई अड्डों को कवर करती है, जिसमें 25 प्राथमिकता वाले हवाई अड्डों तथा देश भर में 33 अन्य पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे का विकास: सरकार ने अगले 5 वर्षों में 50 नए हवाई अड्डे विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इसमें बिहार में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, पटना हवाई अड्डे का विस्तार और बिहटा में ब्राउनफील्ड हवाई अड्डे का विकास शामिल है, जिसका उद्देश्य हवाई यात्रा और क्षेत्रीय विकास की भविष्य की मांग को पूरा करना है।
निष्कर्ष
उड़ान सिर्फ एक नीति नहीं है बल्कि अब यह एक परिवर्तनकारी आंदोलन है जिसने भारत में विमानन क्षेत्र की कहानी को नए सिरे से परिभाषित किया है। भारत और इंडिया के बीच आसमान को जोड़कर, इस योजना ने लाखों लोगों के लिए सस्ती हवाई यात्रा के सपने को हकीकत बना दिया है। इसने न केवल दूरदराज के क्षेत्रों को राष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर प्रस्तुत किया है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी बढ़ावा दिया है, पर्यटन को बढ़ावा दिया है और पूरे देश में रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। जैसे-जैसे भारत एक वैश्विक विमानन केंद्र बनने की ओर अग्रसर है, उड़ान समावेशी विकास, लचीलापन और दूरदर्शी शासन के प्रतीक के रूप में खड़ी है, जो एक समय में एक उड़ान के साथ नए भारत की आकांक्षाओं को पूरा करती है।
संदर्भ :
· https://ncgg.org.in/sites/default/files/news_document/Presentation_UDAN.pdf
· https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2066445
· https://pib.gov.in/PressNoteDetails.aspx?ModuleId=3&NoteId=153437&lang=1®=3
· https://www.narendramodi.in/pm-modi-flags-off-first-udan-flight-under-regional-connectivity-scheme-on-shimla-delhi-sector-535203
· https://www.civilaviation.gov.in/sites/default/files/migration/Udaan_Eng.pdf
· https://sansad.in/getFile/loksabhaquestions/annex/184/AU4382_Wzl24z.pdf?source=pqals, LOK SABHA - UNSTARRED QUESTION NO.4382
· https://www.aai.aero/sites/default/files/rcs_udan/Approved%20Scheme%20UDAN%205.5.pdf
· https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2066529
· https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2089984
· https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2098780
· https://sansad.in/getFile/annex/266/AU1456_FhLisi.pdf?source=pqars - RAJYA SABHA UNSTARRED QUESTION NO.1456
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