संचार मंत्रालय
केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में मीडिया से बातचीत की और भारतीय प्रौद्योगिकियों को वैश्विक स्तर पर ले जाने का आह्वान किया
“अगला दशक दुनिया को भारत लाने का नहीं, बल्कि भारत को दुनिया तक ले जाने का है”: केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया
केंद्रीय संचार मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान भारत के डिजिटल कनेक्टिविटी से वैश्विक दूरसंचार प्रौद्योगिकी नेतृत्व की ओर बढ़ने पर जोर दिया
प्रविष्टि तिथि:
09 OCT 2026 7:02PM by PIB Delhi
केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 के 10वें संस्करण पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने से लेकर स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को विकसित करने और वैश्विक दूरसंचार इकोसिस्टम में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए भारत के परिवर्तन पर प्रकाश डाला। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की दूरसंचार यात्रा का अगला चरण सरकार और उद्योग के बीच घनिष्ठ सहयोग के साथ, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भारत में ही प्रौद्योगिकियों के डिजाइन, विकास और विनिर्माण पर केंद्रित होगा।
पिछले दशक की यात्रा के बारे में बात करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां पिछला दशक डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए जाना गया, वहीं आगामी दशक को स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्षमताओं के निर्माण, नवाचारों के प्रसार में तेजी लाने और भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग तथा सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित आईएमसी 2026 नई दिल्ली के यशोभूमि में "स्केल विदाउट बाउंड्रीज" थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है। आईएमसी की यात्रा का उल्लेख करते हुए श्री सिंधिया ने कहा, "आईएमसी इस समय एशिया का नंबर एक डिजिटल और दूरसंचार सम्मेलन बन गया है, और आने वाले समय में हम इसे वैश्विक मंच पर ले जाने की उम्मीद करते हैं।"
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026: प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए एक वैश्विक मंच
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दसवें संस्करण का पैमाना इसके 60,000 वर्ग मीटर के प्रदर्शनी क्षेत्र, 100 से अधिक देशों की भागीदारी, 2,000 से अधिक टेक्नोलॉजी यूज केस, 400 से अधिक स्टार्टअप्स और 900 से अधिक विचारकों के साथ-साथ उद्योग भागीदारों, प्रदर्शकों, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स और एक्सेलेरेटर्स में परिलक्षित होता है। केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि आईएमसी का महत्व केवल इसमें भाग लेने वालों की संख्या तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका असली प्रभाव विचारों को उत्पादों में, साझेदारियों को निवेश में और तकनीकी प्रगति को ऐसे समाधानों में बदलने में है, जिनसे नागरिकों का जीवन बेहतर हो सके।
प्रदर्शित यूज केस यह दर्शाते हैं कि किस तरह उभरती हुई प्रौद्योगिकियां प्रयोगशालाओं और प्रायोगिक परियोजनाओं से आगे बढ़कर उद्यमों, सार्वजनिक सेवाओं और रोजमर्रा के उपयोग में आ रही हैं। यह मंच अभिनव समाधानों के विकास, व्यावसायीकरण और कार्यान्वयन को गति देने के लिए सरकार, उद्योग, अकादमिक जगत और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग के अवसर भी प्रदान करता है।

कनेक्टिविटी से लेकर स्वदेशी प्रौद्योगिकी की क्षमता तक
केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि भारत का दूरसंचार परिवर्तन तीन प्रमुख क्षेत्रों- कनेक्टिविटी का विस्तार, स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्षमताओं का विकास और घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करना- में आगे बढ़ा है। देश ने ब्रॉडबैंड बुनियादी ढांचे का विस्तार किया है, देश भर में तेजी से 5जी की शुरुआत की है, एक स्वदेशी एंड-टू-एंड 4जी टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित किया है तथा अपने दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकोसिस्टम को मजबूत किया है।
देश की बढ़ती आकांक्षाओं को रेखांकित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने 'मेड इन इंडिया' से आगे बढ़कर 'डिजाइन, डेवलप और मेड इन इंडिया' की ओर बढ़ने के उद्देश्य पर जोर दिया तथा भारतीय प्रौद्योगिकियों व समाधानों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की बात कही। यह परिवर्तन डिजिटल कनेक्टिविटी का आधार बनने वाली प्रौद्योगिकयों को डिजाइन, विकसित, निर्मित और उपयोग करने की भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है, जिससे एक प्रौद्योगिकी निर्माता और विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होती है।
केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने दूरसंचार विभाग की वैश्विक स्तर पर पुरस्कृत पहल 'समृद्ध ग्राम' का विशेष उल्लेख किया और यह प्रदर्शित किया कि किस प्रकार डिजिटल कनेक्टिविटी और स्वदेशी नवाचार समावेशी विकास को बढ़ावा दे सकते हैं तथा सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार कर सकते हैं। इस पहल के अंतर्गत समृद्धि केंद्र सरकारी सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और स्थानीय उद्यमों को आपस में जोड़कर ग्रामीण समुदायों में बदलाव लाने के लिए एकीकृत डिजिटल बुनियादी ढांचे की क्षमता को दर्शाते हैं।
केंद्रीय संचार मंत्री ने अनुसंधान और बौद्धिक संपदा विकास से लेकर उत्पाद निर्माण, उसे बाजार में उतारने और वैश्विक बाजारों तक पहुंच के लिए एक निर्बाध मार्ग स्थापित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स और उद्योग भागीदारों के साथ-साथ एस्पायर और सी-डॉट जैसी पहलों और संस्थानों की इस नवाचार इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका है।

केंद्रीय मंत्री ने भाग लेने वाले देशों, उद्योग भागीदारों, प्रदर्शकों, स्टार्टअप्स, नवोन्मेषकों, शोधकर्ताओं, निवेशकों और आयोजकों को इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दसवें संस्करण में योगदान देने तथा दूरसंचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करने के लिए धन्यवाद देते हुए अपनी बात समाप्त की।
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पीके/केसी/आरटी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2321657)
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