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प्रधानमंत्री ने विनम्रता और निरंतर सीखते रहने के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रविष्टि तिथि: 22 OCT 2026 7:49AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें सीमित सफलता पर विनम्र बने रहने तथा निरंतर सीखने और आगे बढ़ने की आवश्यकता के महत्व को रेखांकित किया गया है

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

"खद्योतो द्योतते तावद् यावन्नोदयते शशी।

उदिते तु सहस्रांशौ न खद्योतो न चन्द्रमाः।।"

जुगनू केवल चंद्रमा की अनुपस्थिति में ही चमकता हुआ दिखाई देता है। लेकिन जब सूर्य उदित होता है, तो न जुगनू की चमक दिखाई देती है और न ही चंद्रमा दिखाई देता है। इसी प्रकार, किसी छोटी उपलब्धि का महत्व तब तक ही रहता है, जब तक उससे बड़ी कोई उपलब्धि सामने नहीं आ जाती। इसलिए, सीमित सफलता पर अहंकारी होने के बजाय विनम्र बने रहना चाहिए और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए।

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पीके/केसी/आरटी/पीके


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