|
केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज आंध्र प्रदेश के कोंडा पवूलूरू, गन्नावरम (मंडल), कृष्णा में नएराष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) परिसर की आधारशिला रखी। इस अवसर पर केंद्रीय शहरीविकास, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन तथा सूचना और प्रसारण मंत्री श्री एम वेंकैया नायडु, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडु और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस परिसर का निर्माण आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 50 एकड़ भूमि पर किया जाएगाऔर इसका निर्माण खर्च केंद्र वहन करेगी। यह परिसर दो वर्ष में बनकर तैयार होगा। एनडीआरएफ की 10वीं बटालियन पर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक के क्षेत्रों में आपदा मोचन की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर श्री राजनाथ सिंह ने देश के भीतर और बाहर आपदा की स्थिति से निपटने के लिएएनडीआरएफ की सराहना की और बल के आधुनिकीकरण पर जोर दिया। उन्होंने 10 वर्ष से कम समयमें देश के लोगों का विश्वास हासिल करने के लिए एनडीआरएफ की प्रशंसा की। श्री राजनाथ सिंह ने कहाकि आज एनडीआरएफ विकीरण, परमाणु और जैविक आपदाओं से निपटने में समक्ष है। एनडीआरएफ केप्रयासों की सराहना न केवल भारत में बल्कि नेपाल और जापान जैसे देशों में भी की गई है, जहां इस बलने आपदा राहत कार्य किया था। जापान के एक शहर के मेयर के साथ हुई अपनी बातचीत को याद करतेहुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमों ने वहां जिस तरह से न केवल लोगों को बचायाबल्कि शवों को भी पूरे सम्मान के साथ बाहर निकाला उससे मेयर विशेष रूप से प्रभावित हुए थे औरउन्होंने कहा था कि ऐसा कार्य अन्य राहत एजेंसी शायद ही कर पाती।
अधिक प्रभाव, सक्षम और जिम्मेदार होने के लिए एनडीआरएफ की सराहना करते हुए श्री राजनाथ सिंहने कहा कि देश के लोग चाहते है कि और एनडीआरएफ केंद्र हो तथा गृह मंत्रालय इसके लिए कार्य कर रहाहै। उन्होंने कहा कि इस असाधारण बल के कर्मियों के लिए विश्व स्तरीय आवास उपलब्ध करायेजाएंगे। उन्होंने एनडीआरएफ को भूमि प्रदान करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार का आभार व्यक्तकिया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन चंद्रबाबू नायडु द्वारा पहले किए गए अनुरोध का जिक्र करते हुए केंद्रीयगृहमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में ग्रे हाउंड्स बटालियन केंद्र और सीआरपीएफ बटालियन केंद्र स्थापितकरने के पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने एनडीआरएफ केंद्र के लिए 50 एकड़भूमि देने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री की सराहना की। उन्होंने आंध्र प्रदेश की विकास परियोजनाओंको केंद्र के समक्ष रखने के प्रयासों के लिए केंद्रीय शहरी विकास, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन तथासूचना और प्रसारण मंत्री श्री एम वेंकैया नायडु की भी प्रशंसा की।
इससे पहले श्री एम वेंकैया नायडु ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार चाहे प्राकृतिक या मानवनिर्मित कैसी भी आपदा हो उससे निपटने के दौरान लोगों की जरूरतों से पूरी तरह अवगत है। सरकार नेमारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा 1.2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख कर दिया है और राहत पहुंचाने केलिए 50 प्रतिशत फसल के नुकसान के मानक को कम कर 33 प्रतिशत कर दिया है।
श्री एन चंद्रबाबू नायडु ने भी आपदाओं विशेष रूप से हुदहुद और वरधा तूफानों के दौरान तुरंत और प्रभावीमदद करने के लिए एनडीआरएफ की सराहना की। उन्होंने घोषणा की कि नए एनडीआरएफ परिसर कोजल्द ही धातु से बनी सड़क के जरिए विजयवाड़ा बाईपास (चार किलोमीटर) से जोड़ा जाएगा और परिसरके लिए जल आपूर्ति पोलावरम नहर से की जाएगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से आंध्र प्रदेश पुनर्गठन केप्रावधानों को तेजी से लागू करने का भी आग्रह किया।
इससे पहले एनडीआरएफ के महानिदेशक आर के पचनंदा ने एकत्रित महानुभावों का स्वागत किया। इसअवसर पर एनडीआरएफ की टीमों ने नकली बचाव अभियान का प्रदर्शन भी किया।
एनडीआरएफ के गठन से एक दशक की अवधि में इसने देश की विभिन्न आपदाओं में राहत और बचावकार्य किया। इस दौरान एनडीआरएफ ने 5 लाख से अधिक लोगों का बहुमूल्य जीवन बचाकर और अपनेक्षमता निर्माण कार्यक्रमों के जरिए 47 लाख से अधिक लोगों को जागरूक बनाकर एनडीआरएफ नेआपदा मोचन के क्षेत्र में अपनी उपयोगिता साबित की है।
***
वीके/एमके/एसके -80
|