वित्‍त मंत्रालय

वित्‍तमंत्री श्री अरुण जेटली ने सिक्‍यूरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (एसपीएमसीआईएल) के 11वीं स्‍थापना दिवस समारोह में उत्‍कृष्‍टता पुरस्‍कार प्रदान किए

प्रविष्टि तिथि: 17 FEB 2017 7:41PM by PIB Delhi



वित्‍तमंत्री श्री अरुण जेटली ने राष्‍ट्रीय मीडिया सेंटर, नई दिल्‍ली में सिक्‍यूरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (एसपीएमसीआईएल) के 11वें स्‍थापना दिवस समारोह में उत्‍कृष्‍टता पुरस्‍कार प्रदान किए। उन्‍होंने कहा कि एसपीएमसीआईएल ने दुनिया की विमुद्रीकरण की सबसे बड़ी प्रक्रिया में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस आयोजन में आर्थिक मामलों के सचिव श्री शक्‍तिकांत दास और एसपीएमसीआईएल के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

ये पुरस्‍कार वर्ष 2015-16 के दौरान विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए एसपीएमसीआईएल के 26 कर्मचारियों को दिए गए। इसके अलावा एसपीएमसीआईएल की विभिन्‍न इकाइयों को भी उनके कार्यों के लिए पुरस्‍कार प्रदान किए गए। उत्‍पादकता में- भारत सरकार टकसाल मुंबई, ऊर्जा संरक्षण में भारतीय सिक्‍यूरिटी प्रेस- नासिक, पर्यावरण और संरक्षण- भारत सरकार टकसाल नोएडा, प्रशिक्षण और विकास- सिक्‍यूरिटी प्रेस मिल होशंगाबाद, सतर्कता- बैंक नोट प्रेस देवास, राजभाषा (श्री शंकरदयाल सिंह शील्‍ड)- करेंसी नोट प्रेस नासिक को ये पुरस्‍कार प्रदान किए गए। सीएमडी कप इंडिया सिक्‍यूरिटी प्रेस नासिक को दिया गया। ये पुरस्‍कार संबंधित यूनिटों के महाप्रबंधकों/सहायक प्रबंधकों ने प्राप्‍त किए।

उपस्‍थित जनों को संबोधित करते हुए वित्‍तमंत्री ने ऋणमुक्‍त होने के लिए एसपीएमसीआईएल को बधाई देते हुए कहा कि इस कंपनी ने न केवल नोटों की छपाई की है बल्‍कि सरकार के लिए धन जुटाया है। उन्‍होंने एसपीएमसीआईएल के कर्मचारियों की शतप्रतिशत दक्षता के साथ काम करने के लिए प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा कि जब विमुद्रीकरण का इतिहास लिखा जाएगा तो उसमें एक अध्‍याय एसपीएमसीआईएल पर भी लिखा जाएगा।

इस अवसर पर आर्थिक मामलों के सचिव श्री शक्‍तिकांत दास ने विमुद्रीकरण के दौरान 500 और 2000 रुपये के करेंसी नोट छापने में समय की जरूरत के अनुसार एक दिन में तीन-तीन शिफ्टों में काम करने के लिए इसके कर्मचारियों को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि एसपीएमसीआईएल ने नासिक और देवास यूनिटों से करेंसी नोटों की एयरलिफ्टिंग की। उन्‍होंने एसपीएमसीआईएल के पुरानें उपकरणों को आधुनिक बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

एसपीएमसीआईएल श्रेणी-1, अनुसूची -1 में मिनी रत्‍न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जिसकी स्‍थापना 13 जनवरी, 2006 को हुई थी। इसकी स्‍थापना भारत सरकार की चार टकसालों, दो करेंसी नोट, दो सिक्‍यूरिटी प्रेस और एक सिक्‍यूरिटी पेपर मिल के प्रबंधन के लिए की गई थी। इससे पहले इनका प्रबंध वित्‍त मंत्रालय द्वारा सीधे तौर पर किया जाता था। यह निगम केंद्र सरकार के पूर्ण स्‍वामित्‍व में है।

एसपीएमसीआईएल के ग्राहकों में करेंसी नोट के लिए भारतीय रिजर्व बैंक, गैर-ज्‍यूडिशियल स्‍टाम्‍प पेपर और संबद्ध स्‍टाम्‍पों के लिए राज्‍य सरकारें, पोस्‍टल स्‍टेशनरी और स्‍टाम्‍प आदि के लिए डाक विभाग शामिल हैं। सिक्‍यूरिटी प्रेस चैक, रेलवे वारंट, आय कर रिटर्न, ऑडर फॉर्म, स्‍मृति डाक टिकट, पासपोर्ट आदि जैसे सुरक्षा मदों का उत्‍पादन करती हैं। इस निगम ने भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लि. के साथ अक्‍टूबर, 2010 में बैंक नोट पेपर मिल इंडिया प्राइवेट लि. के नाम से एक संयुक्‍त उपक्रम की स्‍थापना भी की है। एसपीएमसीआईएल का बिक्री टर्नओवर जो 2014-15 में 4413.85 करोड़ रुपये था वह 2015-16 में बढकर 4647.57 करोड़ रुपये हो गया है, इस प्रकार इसने पिछले वर्ष की तुलना में 5.30 प्रतिशत बढोत्‍तरी दर्ज की है। निगम को वर्ष 2014-15 के लिए इसके समझौता ज्ञापन आकलन के लिए सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा लगातार छठे वर्ष उत्‍कृष्‍ट रेटिंग प्रदान की गई है।
 

***



वीके/आईपीएस/एसकेपी-442


(रिलीज़ आईडी: 1482979) आगंतुक पटल : 32