उप राष्ट्रपति सचिवालय
उपराष्ट्रपति ने कहा-अफ्रीकी देशों के साथ संबंधों को और गतिशील बनाने के लिए नये सिरे से और अधिक केन्द्रित प्रयास करने होंगे
रवांडा और उगांडा की यात्रा के मार्ग में मीडिया को संबोधित किया
प्रविष्टि तिथि:
19 FEB 2017 12:45PM by PIB Delhi
भारत के उपराष्ट्रपति श्री हामिद अंसारी ने कहा है कि भारत में भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन (आईएएफएस) के बाद, अफ्रीकी देशों के साथ संबंधों को और गतिशील बनाने के लिए नये सिरे से और अधिक केन्द्रित प्रयास किए जाने की जरूरत है। उपराष्ट्र्पति आज रवांडा और उगांडा की पांच दिवसीय यात्रा के दौरान एयर इंडिया वन के विशेष विमान में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर, सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री, श्री विजय सांपला के साथ-साथ अधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रपति ने तीन देशों और प्रधानमंत्री ने चार देशों का दौरा किया और अब वह पांच देशों का दौरा करने जा रहे हैं, उनकी यह यात्रा इस कड़ी में दो और देशों को जोड़ देगी। उन्होंने कहा कि यह अफ्रीकी देशों के साथ उच्चतम राजनीतिक स्तर पर वार्तालाप को आगे बढ़ाने के सरकार के सकारात्मक प्रयास का एक अंग है।
श्री हामिद अंसारी ने कहा कि भारतीय कंपनियां रवांडा की गतिशील अर्थव्यवस्था का उपयोग करके रवांडा के माध्यम से अफ्रीका में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि विकास सहयोग के रूप में, भारत ने कई परियोजनाओं में रवांडा के साथ सहयोग किया है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि युगांडा में भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में हैं और वे युगांडा के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युगांडा के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं।
श्री हामिद अंसारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत विकास सहयोग का अद्वितीय उदाहरण है और अफ्रीकी भागीदारों ने इस प्राथमिकता को स्वयं परिभाषित किया गया है।
भारत में अफ्रीकी नागरिकों की सुरक्षा के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने इस मामले में अपनी स्थिति बहुत स्पष्ट की है कि असामाजिक तत्वों के द्वारा इस तरह के हमलों के मामले बेहद छिटपुट हैं। श्री हामिद अंसारी ने कहा कि इन मुद्दों को राजनयिक स्तर पर उठाया गया है और इस संदर्भ में हमारी प्रतिक्रिया व्यापक रही है और यह अफ्रीकी दोस्तों के लिए संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि इसने बड़ी संख्या में भारत आने वाले अफ्रीकी छात्रों के प्रवाह को प्रभावित नहीं किया है।
अफ्रीकी देशों को भारत के सहयोग के के सवाल पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि अफ्रीकी देश भारतीय कौशल और विशेषज्ञता का लाभ लेना चाहते है और इस मामले में जहां कहीं भी उनको भारतीय सहायता की आवश्यकता होगी, भारत मजबूत परियोजनाओं के रूप में इसे प्रदान करेगा।
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वीके/एसएस-460
(रिलीज़ आईडी: 1483042)
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