राष्ट्रपति सचिवालय

राष्ट्रपति भवन में आर्टिस्ट इन रेजिडेंस के रूप में प्रवास करेंगे कलाकार श्री सुबोध गुप्ता और श्रीमती भारती खेर

प्रविष्टि तिथि: 01 MAR 2017 2:29PM by PIB Delhi

कलाकार श्री सुबोध गुप्ता और श्रीमती भारती खेर कल (02.02.2017) राष्ट्रपति भवन में आर्टिस्ट इन रेजिडेंस के रूप में अपना प्रवास आरंभ करेंगे। वे 10 मार्च 2017 तक राष्ट्रपति भवन में ही प्रवास करेंगे।

1964 में खागौल, बिहार में जन्मे श्री सुबोध गुप्ता ने कॉलेज ऑफ आर्ट, पटना (1983-88) से शिक्षा प्राप्त की। वह रसोईघर के स्टेनलेस स्टील के बर्तनों जैसी रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली वस्तुओं के साथ रचना करने के लिए विख्यात हैं। स्टेनलेस स्टील जहां उनका विशिष्ट माध्यम है, वहीं उन्होंने कांस्य, संगमरमर, पीतल और लकड़ी में भी बहुत कुशलतापूर्वक कार्य किया है। उनकी कलात्मक रचनाओं को दुनिया भर के प्रतिष्ठित संग्रहालयों, कला दीर्घाओं, कला मेलों और बाइनियल्स में प्रदर्शित किया गया है। उनकी रचनाओं की एकल प्रदर्शनियां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुछ बहुत ही विख्यात संग्रहालयों और कला दीर्घाओं में लगाई जा चुकी हैं, जिनमें नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट (नई दिल्ली), म्यूजियम फॉर मॉर्डनेन कुन्स्ट (फ्रेंकफर्ट), विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम (लंदन), हाउसर एंड वर्थ (लंदन, ज्यूरिख, न्यूयॉर्क और सॉमरसेट), अरारियो (सोल एवं बीजिंग), पिनचक आर्ट सेंटर (कीव) और ग्लेरिया कॉन्टीनुआ (सेन गिमिगनानो, इटली) शामिल हैं। समकालीन कला को दिए योगदान के लिए उन्हें फ्रांस सरकार के सर्वोच्च सम्मानों में से शुमार शेविलियर डेन्स आई ओर्डर डि आर्ट्स एट दि लैटर्स से सम्मानित किया गया है।

वर्ष 1969 में लंदन में जन्मी श्रीमती भारती खेर विख्यात भारतीय समकालीन कलाकार हैं। उन्होंने लंदन के मिडिलसेक्स पोलिटैक्नीक और उसके बाद नॉर्थन इंग्लैंड के न्यूकॉसल पोलिटैक्नीक से पेंटिंग एंड डिजाइन का अघ्ययन किया है। वह अपनी कला के माध्यम से सांस्कृतिक गलत अर्थ निरुपणों और सामाजिक संहिताओं का अन्वेषण करने के प्रति समर्पित हैं। वह अपने कार्य में परम्परा और आधुनिकता, पूर्व और पश्चिम को जोड़ने के लिए में बिंदी का उपयोग केंद्रीय प्रधान विचार के रूप में करती हैं। उनकी प्रसिद्ध रचना ‘‘द स्किन स्पीक्स अ लेंगुएज नॉट इट्स ओन (2006), में फाइबर ग्लास से बने और अनेक सफेद बिंदियों से ढके विशाल आकार के हाथी को मरण और जीवन की अस्पष्ट अवस्था में जमीन पर झुकते हुए दर्शाया गया था। श्रीमती खेर ने अपनी मूर्तियों और कोलाजों में हाइब्रिड प्राणियों को निरूपित किया है, जो जेंडर, प्रजातियों, नस्लों और सामाजिक भूमिका के विरोधाभासों को एकीकृत करते हैं। एरिओन (2004) और एरिओन्स सिस्टर (2006) आधी मानुषी और आधी पशु हैं और उनके शरीर पर वीर्य के आकार की बिंदियां हैं, जो भविष्यवादी नारीत्व के विज़न को परिपूर्ण करती है।

वह दो दशक से ज्यादा अर्से से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन करती आई हैं। उनके हाल के प्रदर्शनों में वेंकूवर आर्ट म्यूजियम (वेंकूवर), फ्रॉयड म्यूजियम (लंदन), रॉकलैंड आर्ट म्यूजियम (शंघाई), टवेन्टीयथ सिडनी बाइनियल (सिडनी), गुग्गनहेम अबु धाबी (अबु धाबी), सेंटर पॉम्पीडो (पेरिस) शामिल हैं। वह खोज इंटरनेशनल आर्टिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं संस्थापक सदस्य हैं। वह कोच्चि-मुजिरिस बाइनियल 2016 की कलात्मक सलाहकार और जवाहर कला केंद्र संग्रहालय, जयपुर की कार्यकारिणी समिति की सदस्य भी थीं। उन्हें 2015 में शेविलियर डेन्स आई ओर्डर डि आर्ट्स एट दि लैटर्स से सम्मानित किया गया ।

वह खोज इंटरनेशनल आर्टिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं संस्थापक सदस्य हैं। वह कोच्चि-मुजिरिस बाइनियल 2016 की कलात्मक सलाहकार और जवाहर कला केंद्र संग्रहालय, जयपुर की कार्यकारिणी समिति की सदस्य भी थीं। उन्हें 2015 में शेविलियर डेन्स आई ओर्डर डि आर्ट्स एट दि लैटर्स से सम्मानित किया गया ।

राष्ट्रपति भवन के ‘इन-रेजिडेंस‘ कार्यक्रम का शुभारंभ महामहिम राष्ट्रपति द्वारा 11 दिसम्बर, 2015 को लेखकों और कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में प्रवास का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था। इसके अंतर्गत राष्ट्रपति भवन में प्रवास करने वाले प्रमुख कलाकारों में से श्री जोगेन चैधरी, सांसद (राज्य सभा), श्री परेश मैती, श्रीमती जयश्री बर्मन और बांग्लादेश के श्री शहाबुद्दीन अहमद शामिल हैं।
 

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वीके/आरके/डीए - 575


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