पर्यटन मंत्रालय
2015 की तुलना में 2016 में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में घरेलू पर्यटकों के आगमन में 15.5 प्रतिशत की वृद्धि
प्रविष्टि तिथि:
02 MAR 2017 7:39PM by PIB Delhi
घरेलू पर्यटन वृद्धि के साथ भारतीय घरेलू पर्यटन फल-फूल रहा है
पर्यटन मंत्रालय आप्रवासन ब्यूरो तथा राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में पर्यटकों के आगमन और यात्रा की अनुमानों का संकलन करता है।
विदेशी पर्यटक आगमन (एफटीए) में जनवरी, 2015 की तुलना में जनवरी, 2016 की में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर को लांघते हुए एफटीए जनवरी, 2016 की तुलना में जनवरी, 2017 के महीने में 16.5 प्रतिशतकी दो अंकीय वृद्धि दर देखने को मिली है। इसी तरह घरेलू पर्यटक यात्रा (डीटीवी) में 2016 में 2015 की तुलना में 15.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
डीटीवी के लिए प्रत्येक वर्ष पर्यटन मंत्रालय सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त इनपुट के आधार पर डाटा संकलन करता है। पर्यटन मंत्रालय सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से प्रत्येक कैलेंडर वर्ष के लिए संपूर्ण आंकड़ा उत्तरवर्ती वर्ष के अप्रैल-मई महीने में प्राप्त होता है। अब पर्यटन मंत्रालय ने संबंधित राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से अब तक उपलब्ध सूचना/डाटा के आधार पर और पर्यटन मंत्रालय के अनुमानों के आधार पर अस्थायी आंकड़ा पेश किया है। अनुमान प्रक्रिया में मूल रूप से वर्तमान वृद्धि दरों के तरीकों तथा अनुपातिक योगदान शामिल होते हैं।
वर्ष 2016 के दौरान राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में आए घरेलू पर्यटकों से संबंधित अस्थायी आंकड़े इस प्रकार हैं:
- वर्ष 2016 के दौरान राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में घरेलू पर्यटकों की संख्या 1653 मिलियन (अस्थायी) रही, जबकि यह संख्या 2015 में 1432 मिलियन थी। इस तरह इसमें 15.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्जकी गई।
- 2016 में दस शीर्ष राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों का योगदान कुल घरेलू पर्यटकों में 84.2 प्रतिशत रहा, जबकि यह 2015 में 83.62 प्रतिशत था।
- घरेलू पर्यटक आगमन संख्या में शीर्ष 10 राज्य इस प्रकार रहे-
तमिलनाडु (344.3), उत्तर प्रदेश (229.6), मध्य प्रदेश (184.7), आंध्र प्रदेश (158.5), कर्नाटक (129.8), महाराष्ट्र ( 115.4), पश्चिम बंगाल (74.5), तेलंगाना (71.5), गुजरात (42.8) और राजस्थान (41.5)।
- 2016 में घरेलू पर्यटक भ्रमण के मामले में क्रमश: तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश ने प्रथम और दूसरा स्थान बनाए रखा है। मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर और आंध्र प्रदेश चौथे, कर्नाटक पांचवें तथा महाराष्ट्र छठे स्थान पर रहा। पश्चिम बंगाल ने तेलंगना को पछाड़ते हुए सातवां स्थान प्राप्त किया और तेलंगना 8वें स्थान पर रहा। उसके बाद गुजरात और राजस्थान रहे।
वीके/एजी/एसकेपी-582
(रिलीज़ आईडी: 1483560)
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