राष्ट्रपति सचिवालय
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि समावेशी विकास के मुख्य उद्देश्य वाले आधुनिक भारत में लिंग भेदभाव का कोई स्थान नहीं
प्रविष्टि तिथि:
08 MAR 2017 1:32PM by PIB Delhi
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने 8 मार्च, 2017 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्ष 2016 के लिए नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित होने वाली महिलाओं और संगठनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने चुनौतियों का सामना करने में खुद को विलक्षण सिद्ध किया हैं। सफलता की हर गाथा के पीछे अथक प्रयास और लगन सम्मिलित है। हर सफलता अन्य हजारों महिलाओं के अथक प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है और हमें उनका भी समान रूप से आदर करना चाहिए।
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार महिलाओं के विरूद्ध हिंसक अपराधों की दर में वृद्धि सरकार के लिए समान रूप से चिंता का विषय है। भारत में महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करती, यह बात अक्षम्य है। आधुनिक भारत में जहां समावेशी विकास एक प्रमुख उद्देश्य है। लिंग भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। बच्चों और युवाओं में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने पर जोर दिया जाना चाहिए। यह ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उचित प्रयासों और सरकार के समेकित कार्यक्रमों द्वारा लागू किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस इस बात को दोहराता है कि देश में हर बालिका और महिला को सम्मान अवसर प्रदान करने के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्हें विश्वस्त होना चाहिए कि जिस भी क्षेत्र को वह चुनेंगी उसमें वह सर्वोच्च स्थान प्राप्त करेंगी। देश के कई हिस्सों में शिशु लिंग दर में आ रही इस गिरावट को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की गई। इस अभियान के तहत बालिकाओं को प्राथमिक शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2015 में 100 जिलों में यह कार्यक्रम और 2016 में 61 अतिरिक्त जिलों में कार्यक्रम चलाया गया।
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वीके/एजे/एसके-658
(रिलीज़ आईडी: 1483934)
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