पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
पर्यावरण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की,
पर्यावरण मंजूरी प्राप्ति करने के लिए 6 महीने का समय प्रदान किया
प्रविष्टि तिथि:
16 MAR 2017 8:23PM by PIB Delhi
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एवं सीसी) ने वैसी इकाईयों के लिए एकबारगी अवसर के रूप में 6 महीने का समय प्रदान किया है जिन्होंकने इसके लिए आवेदन करने में पर्यावरण की पूर्व अनुमति नहीं प्राप्तर की है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय एवं राज्यन पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकारी (एसईआईएए) पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) अधिसूचना, 2006 के तहत ऐसी परियोजनाओं के लिए संदर्भ शर्तों (टीओआर) एवं पर्यावरण मंजूरी (ईसी) की मंजूरी के लिए आवेदन प्राप्तय करते रहे हैं जिन्हों ने स्थेल पर कार्य आरंभ कर दिया है, उत्पासदन को पर्यावरण मंजूरी की सीमा से अधिक विस्ताहरित कर दिया है या बिना पूर्व ईसी मंजूरी प्राप्ति किये उत्पाउद मिश्रण को परिवर्तित किया है।
मंत्रालय ने कार्यालय ज्ञापन (ओएम) दिनांग 12/12/2012 एवं 27/06/2013 जारी किया था एवं उल्लंाघन के ऐसे मामलों में ईसी की मंजूरी के लिए एक प्रक्रिया निर्धारित की थी। बहरहाल, झारखंड उच्ची न्यांयालय ने 28 नवम्बवर 2014 को एक आदेश पारित किया एवं 12/12/2000 के उपरोक्तच ओएम के प्रावधानों को निष्प्र भावी करार दिया था। न्याूयालय ने यह भी कहा कि कथित उल्लं घन के लिए कार्रवाई एक स्वातंत्र एवं अलग गतिविधि होगी। इसके बाद उपरोक्त0 दोनों एएम को एनजीटी द्वारा दिनांक 07 जुलाई 2015 के आदेश के बाद रद्द कर दिया गया, जो मुख्यत रूप से इस आधार पर था कि पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 में पूर्व पर्यावरण मंजूरी का प्रावधान है इसलिए पर्यावरण मंजूरी के बाद ओएम के जरिए कोई प्रक्रिया निर्धारित नहीं की जा सकती। उदाहरण दिया गया कि ओएम किसी अधिसूचना को संशोधित नहीं कर सकता जोकि एक गौण विधान है।
उपरोक्त को ध्या न में रखते हुए मंत्रालय ने एस.ओ.804 (ई) दिनांक 14/03/2017 के द्वारा ऐसी परियोजनाओं एवं गतिविधियों को शीघ्रताशीघ्र पर्यावरण कानून के अनुरूप लाने, बजाए इसके कि उन्हेंो अविनियमित एवं अनियंत्रित छोड दिया जाए, अधिसूचना जारी की। ऐसी इकाइयों को जो ज्याकदा प्रदूषणकारी हैं, अगर पर्यावरण अनुपालन के तहत नहीं लाया गया तो वे ज्याादा नुकसानदायक साबित हो सकती हैं इसलिए उल्लंयघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्तल एवं दंडात्म क प्रक्रिया अपनाये जाने की जरूरत है।
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वीके/एसकेजे/एस-728
(रिलीज़ आईडी: 1484713)
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