आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्‍डलीय समिति (सीसीईए)

कैबिनेट ने सीआरईडीए एचपीसीएल बायोफ्यूल लिमिटेड (सीएचबीएल) और इंडियन ऑयल- सीआरईडीए बायोफ्यूल लिमिटेड (आईसीबीएल) को बंद करने/समेटने को मंजूरी दी

प्रविष्टि तिथि: 22 MAR 2017 9:31PM by PIB Delhi


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की केंद्रीय समिति ने सीआरईडीए एचपीसीएल बायोफ्यूल लिमिटेड (सीएचबीएल) और इंडियन ऑयल- छत्तीसगढ़ रिनेवल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (सीआरईडीए) बायोफ्यूल लिमिटेड (आईसीबीएल) को बंद करने/समेटने को मंजूरी दे दी है। 

सीएचबीएल/आईसीबीएल की सभी कार्यालय संपत्तियों का निबटारा कर दिया गया है। सीएचबीएल/आईसीबीएल के रोल पर कोई आदमी काम नहीं कर रहा है। केंद्र सरकार की ओर से कोई खर्च बकाया नहीं है। सीआरईडीए को भूमि लौटा दी गई है। सभी देनदारियां का निपटारा कर दिया गया है। सीएचबीएल और आईसीबीएल को बंद करने के परिणामस्वरूप वैधानिक अनुपालन पर बेकार व्यय की बचत होगी। 

पृष्ठभूमि 

सीआरईडीए एचपीसीएल बायोफ्यूल लिमिटेड (सीएचबीएल) और इंडियन ऑयल- सीआरईडीए बायोफ्यूल लिमिटेड (आईसीबीएल) के बीच ऊर्जा फसल (जटरोफा) के प्लांटेशन एवं जैव-ईंधन के उत्पादन के लिए क्रमशः 2008 और 2009 में संयुक्त उपक्रम (जेवी) की शुरुआत की गई थी। इंडियन ऑयल- छत्तीसगढ़ की शाखा सीआरईडीए ने लैंड यूज एग्रीमेंट के तहत जटरोफा के प्लांटेशन के लिए सीएचबीएल और आईसीबीएल को बंजर भूमि उपलब्ध कराई। विभिन्न बाधाओं जैसे बीज की बहुत कम उपज, बंजर भूमिक की सीमित उपलब्धता, प्लांटेशन के रखरखाव की ऊंची कीमत आदि के चलते यह परियोजना अव्यवहारिक हो गई और जटरोफा प्लांटेशन की गतिविधियों को रोक दिया गया। 

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अतुल कुमार तिवारी/वी बी अरोड़ा/शाहबाज़ हसीबी/अर्जून सिंह

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