शिक्षा मंत्रालय
प्रकाश जावड़ेकर ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017 के बारे में जानकारी दी
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के ज़रिए हम ‘दुनिया के सबसे बड़े ओपन इनोवेशन मॉडल’ को सृजित करने की आशा करते हैं, जिसे अन्य देश भी पुनः दोहरा सकते हैं – मानव संसाधन विकास मंत्री
प्रविष्टि तिथि:
23 MAR 2017 7:42PM by PIB Delhi
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज नई दिल्ली में पत्रकारों को ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017’ के बारे जानकारी दी। इसको आई4सी (i4c), माईजीओवी (mygov), पर्सिस्टेंट सिस्टम (persistent system) एवं रम्भाउ म्हाल्गी पबोदिनी (Rambhau Mhalgi Pabodini) के सहयोग से पहले ही शुरू किया जा चुका है।
इस अवसर पर बोलते हुए मंत्री ने इस पहल के बारे में विस्तृत जानकारी दी और कहा कि ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के पैमाने एवं पहुंच अभूतपूर्व है, पहली बार विभिन्न मंत्रालय/विभाग एक साथ आए हैं और अभिनव समाधान की दिशा में कार्यरत छात्रों के लिए करीब 598 समस्याओं को पोस्ट किया है।’
उन्होंने कहा कि ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017’ का शुभारंभ हमारे सपनों का डिजिटल भारत बनाने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के कार्य में प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने के लिए किया गया है। इस पहल में करीब 30 विभिन्न सरकारी मंत्रालय/विभाग भागीदारों के रूप में शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर रेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय, डाक सेवाएं, आईएसआरओ, एनसीपीसीआर आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पहली बार सरकारी विभाग विद्यार्थियों के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़ रहे हैं और अपनी दक्षता में सुधार, राजस्व रिसाव और भ्रष्टाचार की दिशा में डिजिटल समाधान निर्मित करने के लिए उन्हें चुनौती दे रहे हैं।
श्री जावड़ेकर ने कहा कि ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017’ 36 घंटे की नॉन-स्टॉप डिजिटल उत्पाद विकास प्रतियोगिता होगी, जिसके दौरान प्रौद्योगिकी के हज़ारों विद्यार्थी, केन्द्र सरकार के रेलवे मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, इसरो, पर्यटन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभा सहित कुल 29 मंत्रालय/विभागों द्वारा पोस्ट की गई विभिन्न समस्याओं के संबंध में अभिनव डिजिटल समाधान का निर्माण करेंगे। ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017’ का ग्रैंड फिनाले एक साथ देशभर के 26 अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जाएगा और विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए जाने के साथ-साथ उनके आइडिया को स्टार्ट अप कार्यक्रम में बदलने में भी उनको मदद की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के ज़रिए हम ‘दुनिया के सबसे बड़े ओपन इनोवेशन मॉडल’ को सृजित करने की आशा करते हैं, जिसे अन्य देश भी पुनः दोहरा सकते हैं।
श्री जावड़ेकर ने आगे कहा कि हैकाथॉन की अवधारणा भारत मे अभी भी नई है, इसलिए स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017 के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से एआईसीटीई ने देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 26 स्थानों पर जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया है। इन कार्यशालाओं ने विद्यार्थियों को हमारे देश की समस्याओं को समझने और उनसे जुड़ने में मदद की।
मंत्री ने कहा कि 29 सरकारी मंत्रालयों/विभागों द्वारा पोस्ट की गई 598 समस्याओं के लिए हमें देशभर के 2100 से अधिक महाविद्यालयों की 7531 टीमों (प्रत्येक टीम में 06 छात्र और दो सलाहकार हैं, कुल 42,000 से भी अधिक प्रतिभागी हैं) के विचार प्राप्त हुए हैं। हमें अंडमान से भी प्रविष्टि प्राप्त हुई हैं।
7531 टीमों में से 01 एवं 02 अप्रैल को आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले के लिए 1266 टीमों (प्रत्येक टीम में 08 सदस्य, कुल 10,000 प्रतिभागी) को चुना गया है। इस ग्रैंड फिनाले के दौरान ये टीमें देशभर में 26 स्थानों पर अपने विचारों पर आधारित उत्पाद को निर्मित करने के लिए 36 घंटों तक लगातार काम करेंगी। यह पहला मौका है, जब करीब 10,000 युवा राष्ट्रहित में किसी कारगर उत्पाद को विकसित करने के लिए 36 घंटों तक लगातार कार्य करेंगे।
हमारे पास विद्यार्थियों के लिए 50 लाख रुपये तक के विभिन्न पुरस्कार हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह बात है कि इस पहल के दौरान छात्रों द्वारा विकसित उत्पादों को विभिन्न मंत्रालयों द्वारा अपनाए जाने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, हम नासकोम एवं एआईसीटीई, डीएसटी, डीबीटी एवं आईसीएमआर जैसी अन्य अनुदान प्रदान करने वाली एजेंसियों से आशा करते हैं कि वे इस पहल के दौरान आने वाले सर्वोत्तम विचारों को चुनें और उन्हें स्टार्ट-अप में परिवर्तित करने में मदद करें।
मंत्री ने कहा कि ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017’ की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हम विभिन्न स्तरों पर छात्रों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन भी कर रहे हैं। पहली बार हम आशा करते हैं कि इन ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्रों के ज़रिए 30,000 से भी अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
मंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017 दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा हैकाथॉन होगा। हमें उम्मीद है कि हमारी यह पहल ‘गिनिज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स एवं लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में प्रवेश करेगा।’
श्री जावड़ेकर ने कहा, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017 राष्ट्रीय विकास के लिए हमारे जनसांख्यिकी लाभांश (छात्र समुदाय) का उपयोग करने के मॉडल को स्थापित करेगा।
एक नज़र में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2017 को जानने के लिए अंग्रेजी का अनुलग्नक देखें।
वीके/प्रवीन/एमएम- 786
(रिलीज़ आईडी: 1485524)
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