रक्षा मंत्रालय

उच्च रक्षा प्रबंधन कोर्स -12 का समापन समारोह रक्षा प्रबंधन कॉलेज सिकंदराबाद में आयोजित किया गया

प्रविष्टि तिथि: 30 MAR 2017 6:20PM by PIB Delhi
 
उच्च रक्षा प्रबंधन कोर्स -12 (एचडीएमसी -12) का समापन समारोह रक्षा प्रबंधन कॉलेज सिकंदराबाद में आयोजित किया गया। एडमिरल सुनील लांबा, चेयरमैन सीओएससी और नौसेना प्रमुख ने समारोह की अध्यक्षता की और समापन भाषण दिया। एचडीएमसी -12 कोर्स 30 मार्च 2016 को शुरू हुआ था जिसमें कर्नल और तीनों सेनाओं के समतुलय रैंक के 150 चयनित प्रतिभागी शामिल हुए। इनके अलावा इस कोर्स में मित्र देशों जैसे बांग्‍लादेश, नाइजीरिया ईरान, वियतनाम और श्रीलंका के प्रतिभागियों ने भी भाग लिया।  
कोर्स के पूरा होने पर सफल प्रतिभागियों को उस्मानिया विश्वविद्यालय ने मास्टर इन मैनेजमेंट स्टडीज (एमएमएस) की डिग्री और ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा प्रबंधन में एडवांस्ड कोर्स का एक प्रमाण-पत्र दिया गया।
अपने स्वागत भाषण में, रियर एडमिरल दुष्यंत सिंह चौहान ने पिछले शैक्षणिक वर्ष की गतिविधियों पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को उनके उच्‍च प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कोर्स का पाठ्यक्रम प्रभावी प्रबंधन विचार प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित करने में सफल रहा है जो सशस्‍त्र बलों में परिचालन निपुणता और संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए ठोस उपायों को बढ़ावा देगा।
अपने समापन संबोधन में, मुख्य अतिथि ने कोर्स के भागीदारों को बधाई दी जिन्‍होंने इस  कॉलेज में पिछले 44 साप्‍ताहों के दौरान इस महत्‍वपूर्ण पाठ्यक्रम का अध्‍ययन किया है। उन्होंने इस पाठ्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों की विशेष रूप से प्रशंसा की और उन्‍हें बधाई दी। उन्होंने उभरती हुई चुनौतियों का खतरा बनने से पहले ही सामना करने की जरूरत पर बल दिया और भविष्‍य के नेताओं को बेहतर पूर्वानुमान सीखने की आवश्‍यकता बताई। उन्‍होंने कहा कि अच्‍छी सूझबूझ के द्वारा चुनौतियों की पहचान की योग्‍यता को राष्‍ट्र को सुरक्षित बनाने की जरूरत के लिए बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है।    
उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि पाठ्यक्रम के दौरान संज्ञानात्मक पूर्वाग्रहों की पहचान करने में प्रशिक्षण में भाग लेने वाले अधिकारी अच्छी तरह कार्य करेंगे और यह पाठ्यक्रम उन्‍हें एक वरिष्ठ सैन्य नेताओं के रूप में अपनी स्थिति के अनुसार समय पर सकारात्मक कार्रवाई उन्मुख निर्णय लेने में सक्षम बनाएगा।  इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह आवश्यक है कि किसी क्षेत्र के संचालन में उन्‍हें संबंधित मुद्दों की गतिविधियों के बारे में सतर्क रहना चाहिए और एक दूसरे के प्रयासों की सहायता और समन्‍वय द्वारा राष्‍ट्र सुरक्षा के प्रबंधन में लगे राज्‍य के अन्‍य अंगों के साथ घनिष्‍ठ तालमेल के साथ काम करना चाहिए।
रक्षा प्रबंधन कॉलेज सिकंदराबाद तीनों सेवाओं का एक प्रमुख संस्‍थान है, जिसे रक्षा प्रबंधन में प्रशिक्षण देने के लिए  उत्कृष्टता का केंद्र माना जाता है। इस कॉलेज का प्रमुख प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उच्च रक्षा प्रबंधन कोर्स है। इस कॉलेज ने परिचालन योजना के साथ प्रबंधन दर्शन एकीकृत और संरेखित करने की दिशा में महत्‍वपूर्ण प्रगति की है। यह  कॉलेज के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।   
वीके/आईपीएस/एसकेपी -866

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