प्रविष्टि तिथि:
03 APR 2017 6:22PM by PIB Delhi
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव श्री शक्तिकांत दास का आज दक्षिण एशिया उप-क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग (एसएएसईसी) देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में संबोधन का मूल पाठ निम्नलिखित है :
“
· बांग्लादेश के वित्त मंत्री महामहिम अबुल माल अब्दुल मुहिथ
· भूटान के वित्त मंत्री महामहिम ल्योंपो नामगे दोरजी
· नेपाल के वित्त मंत्री महामहिम कृष्ण बहादुर महारा
· श्रीलंका के वित्त मंत्री महामहिम रवि करूणानायके
· भारत के माननीय वित्त मंत्री
· मालदीव सरकार के स्थायी निदेशक श्री अहमद माजिन
· म्यांमार सरकार के महानिदेशक सुश्री न्यू वेउ विन
· एशियाई विकास बैंक के उपाध्यक्ष (संचालन) श्री वेंकई झयांग
· एशियाई विकास बैंक (एडीबी), भारत सरकार और राज्य सरकारों के अधिकारी
· तथा, देवियों और सज्जनों,
मुझे दक्षिण एशिया उप-क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग (एसएएसईसी) के विजन के उद्घाटन के अवसर पर आप लोगों का स्वागत करते हुए अपार हर्ष हो रहा है। जैसा कि आप सब लोग जानते हैं, म्यांमार ने एसएएसईसी में शामिल होने का फैसला किया है और अब यह एसएएसईसी का पूर्णकालिक सदस्य बन गया है। हम म्यांमार की सरकार को धन्यवाद देते हैं और इस अवसर पर हम उनका तहे दिल से स्वागत करते हैं।
एसएएसईसी विजन जारी करने का मुझे अवसर देने के लिए मैं एडीबी का धन्यवाद करता हूं और इस कार्यक्रम में उनका स्वागत भी करता हूं।
मई 2016 में एसएएसईसी के सदस्य देशों ने 2016-2025 के लिए एसएएसईसी संचालन योजना का प्रारूप तैयार किया था जिसका उद्देश्य समूह के सामरिक और संचालन प्राथमिकताओं को आकार देना है। यह एसएएसईसी की लंबी अवधि की संचालन परियोजनाओं का रूप है जिसमें तीन क्षेत्रों- परिवहन, व्यापार सुविधा और ऊर्जा- साथ-ही-साथ आर्थिक गलियारे के विकास को एक नए क्षेत्र के रूप में शामिल कर प्राथमिकता दिया गया है।
एसएएसईसी सदस्य देशों ने फैसला किया है कि सभी सहभागी देशों के सामूहिक विकास और इसके उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए एसएएसईसी कार्यक्रम के तहत एक विजन विकसित किया जाना चाहिए। इस सामूहिक विजन को प्राप्त के लिए सभी कारकों को---एसएएसईसी: 21 वीं सदी में एशिया की शक्ति- एक जगह किया गया है। इस सामूहिक विजन को क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा जिसका मुख्य उद्देश्य तीन माध्यमों- प्राकृतिक संसाधनों, औद्योगिक क्षमता तथा संयोजकता- के बीच तालमेल लाना है।
एसएएसईसी सदस्य देशों ने ग्रुप के लिए विजन विकसित करने का जो फैसला किया है वह एसएएसईसी की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। विजन दस्तावेज इस प्रकार हैं:
· एसएएसईसी देशों की एक साझा अभिलाषा और उन्हें प्राप्त करने के लिए विस्तृत रणनीतियां: और भाग लेने वाले देशों द्वारा खुद को प्रेरित करने के लिए किया गया विशिष्ट हस्तक्षेप
· वैसे आर्थिक क्षेत्रों/उद्योगों की पहचान करना जहां एसएएसईसी देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाया जा सके
· संभावित क्षेत्रीय सहयोग के वृहत-प्रभाव का आकलन करना और उनकी पहचान करना
पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय के लाभकारी सहयोग ने एसएएसईसी सदस्य देशों के बीच एक साथ काम करने के लिए ठोस नींव रखी है:
· शारीरिक सहयोग के साथ बाजार आधारित सहयोग बढ़ाना
· राष्ट्रीय सीमाओं से परे ऐसी नीति तैयार करना जो सकारात्मक तौर पर विकास की रूपरेखा तैयार कर सके
· विकास में निजी क्षेत्रों को भागीदारी तो बढ़ाना ताकि विकास को गति मिल सके
मुझे यह जानकार खुशी हो रही है कि एडीबी ने एसएएसईसी के सभी सदस्य देशों के साथ एक व्यापक राष्ट्रीय परामर्श प्रक्रिया की सुविधा प्रदान की है जहां सभी सदस्य देशों के प्रमुख हितधारकों ने विजन तैयार करने में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाई थी। इस विजन से सभी सदस्य देशों के राष्ट्रीय हितों का ध्यान रखते हुए क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में बढ़ावा मिलेगा। इससे 2025 तक करीब 70 बिलियन डॉलर की आय होने की संभावना है तथा 20 मिलियन से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे जिनमें 9 मिलियन से ज्यादा उप-क्षेत्र में ही रोजगार सृजित होंगे।
इससे आगे बढ़ते हुए, इस विजन को सक्रिय द्विपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग की प्रक्रिया के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा। आज का यह कार्यक्रम दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग और समाकलन की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। हम अपनी क्षमता के साथ मिलकर काम करेंगे जो हमें एशिया में एक प्रणेता के रूप में स्थापित होने में मदद करेगा।
धन्यवाद। ”
***
वीके/पीकेपी-915