रेल मंत्रालय
रेल मंत्री ने रेलवे में सिग्नल और दूरसंचार में आधुनिक तकनीक अपनाये जाने और उसके स्थायित्व पर कार्यशाला का उद्घाटन किया
प्रविष्टि तिथि:
19 APR 2017 4:49PM by PIB Delhi
रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने आज 19 अप्रैल 2017 को नयी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में रेलवेज सिग्नल और दूरसंचार में आधुनिक तकनीक अपनाये जाने तथा उसके स्थायित्व पर एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया जिसमें कौशल विकास और मेक इन इंडिया चर्चा के मुख्य बिंदु थे।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री ए.के. मित्तल, बोर्ड के अन्य सदस्य, वरिष्ठ रेल अधिकारी, क्षेत्रीय रेलवेज के प्रतिनिधि और दूरसंचार उद्योग के प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला का आरंभ रेलवे बोर्ड चेयरमैन श्री ए.के. मित्तल और श्री अखिल अग्रवाल डीजी (एस एवं टी) के संबोधन से हुआ। कार्यशाला का आयोजन आईआरएसटीई और रेलटेल ने भारतीय रेलवे की तरफ से संयुक्त रूप से किया था।
इस अवसर पर श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा, "सिग्नल और टेलीकॉम क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुयी और डिजिटल तकनीक के आने से सिग्नल तथा टेलीकॉम क्षेत्र में नये आयाम आये हैं। मेक इन इंडिया भारत सरकार का एक अहम कार्यक्रम है और रेलवे की इस कार्यक्रम में बड़ी भूमिका है। बिहार में लोको उत्पादन की मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत वैश्विक आपूर्ति में बड़ी हिस्सेदारी है। इस कार्यक्रम के तहत आपूर्ति प्रणाली और रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है। गुणवत्ता का सृजन और आपूर्ति प्रणाली का विकास उसी तरह से दो अलग चीजे हैं जैसे कि मेक इन इंडिया और डेवलप इन इंडिया। भारत में तकनीक के विकास से गुणवत्ता के सृजन में सहायता मिलती है इसलिये यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये। शोध और विकास को बढ़ावा देने से भारत में तकनीक के विकास में मदद मिलेगी। शोध और विकास बढ़ाने का सीधा मतलब गुणवत्ता बढ़ाना है। दूरसंचार के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का विकास हमारी प्राथमिकता होना चाहिये। हमें रेलवे को वैश्विक आपूर्ति प्रणाली का एक अहम हिस्सा बनाना है। हमारा ध्यान इस बात पर होना चाहिये कि 2022 का भारत कैसा होगा?"
उद्घाटन सत्र के बाद दो तकनीकी सत्र आयोजित किये गये जिनमें प्रत्येक में 5 तकनीकी पेपर प्रस्तुत किये गये। पहले सत्र में कौशल विकास और दूसरे सत्र में आत्म निर्भरता पर पेपर प्रस्तुत किये गये।
पहले तकनीकी सत्र में भारतीय रेलवे, मेसर्स केनेस, मेसर्स टीसीएस, मेसर्स हिटाची और आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों ने पेपर प्रस्तुत किये। दूसरे तकनीकी सत्र में मेसर्स फ्रॉश्चर, मेसर्स टीएसटीएस, मेसर्स अन्साल्डो, मेसर्स थेल्स और मेसर्स हिमा, जर्मनी ने पेपर प्रस्तुत किये जिसके बाद प्रश्नोत्तर का सत्र हुआ और धन्यवाद ज्ञापन के साथ सत्र समाप्त हुआ।
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वीके/डीटी/वाईबी – 1099
(रिलीज़ आईडी: 1488363)
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