रेल मंत्रालय

भारतीय रेलवे आखिरी स्‍थान सर्वेक्षण की शुरुआत के जरिए उत्‍तराखंड राज्‍य में चारधाम तीर्थयात्रा के लिए रेल संपर्क सुलभ कराने की दिशा में महत्‍वपूर्ण कदम उठायेगी 



केन्‍द्रीय रेल मंत्री और उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री शनिवार यानी 13 मई, 2017 को बद्रीनाथ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए रेल संपर्क उपलब्‍ध कराने हेतु आखिरी स्‍थान सर्वेक्षण के लिए आधारशिला रखेंगे



बजट 2017-18 में 120.92 करोड़ रुपये की लागत से आखिरी स्‍थान सर्वेक्षण को मंजूरी दी गई



रेलवे के पीएसयू रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को आखिरी स्‍थान सर्वेक्षण करने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है

प्रविष्टि तिथि: 11 MAY 2017 6:19PM by PIB Delhi

 

 

 

 

 

 

रेल कनेक्टिविटी के जरिए चारधाम तीर्थयात्रा केन्‍द्रों को जोड़ने संबंधी प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाने और बजट में किये गये अपने वादे पर अमल करते हुए भारतीय रेलवे चारधाम तीर्थयात्रा के लिए एकल बीजी लाइन रेल कनेक्टिविटी हेतु आखिरी स्‍थान सर्वेक्षण करने का महत्‍वपूर्ण कदम उठा रही है। इस रेल परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु 13 मई, 2017 (शनिवार) को बद्रीनाथ में अपराह्न 12.30 बजे आयोजित होने वाले एक औपचारिक कार्यक्रम में एकल बड़ी लाइन रेल कनेक्टिविटी हेतु आखिरी स्‍थान सर्वेक्षण के लिए आधारशिला रखेंगे। उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री श्री त्रिवेन्‍द्र सिंह रावत की मौजूदगी में यह आधारशिला रखी जायेगी, जो उस दिन मुख्‍य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे। केन्‍द्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह और इस क्षेत्र के लोकसभा एवं राज्‍य सभा सांसदों के अलावा उत्‍तराखंड विधानसभा के सदस्‍य भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।

रेल मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को उत्‍तराखंड में चारधाम और चारधाम यात्रा (देहरादून और कर्णप्रयाग के रास्‍ते गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ) के लिए रेल संपर्क सुनिश्चित करने हेतु आखिरी स्‍थान सर्वेक्षण करने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है। क्‍योंकि यह रेल लाइन विशालकाय हिमालय के बीहड़ पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरेगी इसलिए रेल निर्माण की बड़ी चुनौती का सामना रेलवे को करना पड़ेगा। इन चारों धामों की ऊंचाई औसत समुद्री स्‍तर से भिन्‍न–भिन्‍न है और इनका आध्‍यात्मिक महत्‍व भी अनूठा है। यमुना नदी के उद्गम से जुड़ी यमुनोत्री औसत समुद्री स्‍तर (एमएसएल) से 3293 मीटर ऊपर है, जबकि गंगा नदी के उद्गम से जुड़ी गंगोत्री औसत समुद्री स्‍तर से 3408 मीटर ऊपर है। भगवान शिव के तीर्थ स्‍थान वाला केदारनाथ औसत समुद्री स्‍तर से 3853 मीटर ऊपर है, जबकि भगवान विष्‍णु के तीर्थ स्‍थान वाला बद्रीनाथ औसत समुद्री स्‍तर से 3133 मीटर ऊपर है। प्रस्‍तावित चारधाम कनेक्टिविटी से निकटतम रेलवे स्‍टेशन दोईवाला, ऋषिकेश और कर्णप्रयाग हैं, जो औसत समुद्री स्‍तर से 400-825 मीटर ऊपर हैं। एमएसएल से 2000 मीटर एवं उससे भी ज्‍यादा ऊंचाई को प्रस्‍तावित चारधाम रेल लाइन के जरिए जोड़ना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।

चारधाम हिंदू तीर्थयात्रा का प्रमुख आधार है। बड़ी संख्‍या में तीर्थ यात्री चारधाम जाते हैं, जबकि विदेशी एवं घरेलू पर्यटक दर्शनीय स्‍थलों को देखने के साथ-साथ ट्रेकिंग के लिए उत्‍तराखंड जाते हैं। रेलवे ने इस चारधाम रेल संपर्क परियोजना के जरिए पर्यटकों को सुरक्षित एवं आरामदेह यात्रा सुलभ कराने का नया युग शुरू करने की परिकल्‍पना की है। रेल विकास निगम लिमिटेड के जरिए भारतीय रेलवे ऋषिकेश और कर्णप्रयाग के बीच नई रेल लाइन बिछाने की महत्‍वाकांक्षी योजना पर फिलहाल काम कर रही है।

 

 

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वीके/आरआरएस/एस-1319

 


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