जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय

सौराष्ट्र नर्मदा अवतरण सिंचाई योजना (एसएयूएनआई) परियोजना की स्थिति के संबंध में स्पष्टीकरण

प्रविष्टि तिथि: 16 MAY 2017 5:11PM by PIB Delhi

 
मीडिया के एक वर्ग ने गलत तरीके से यह बताया है कि गुज़रात सरकार द्वारा सौराष्ट्र नर्मदा अवतरण सिंचाई योजना (एसएयूएनआई) परियोजना के लिए की गई अनुदान की मांग को केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के बाहरी सहायता निदेशालय ने तकनीकी आधार पर अस्वीकृत कर दिया है। मीडिया में यह भी आया है कि संबंधित विभाग ने इस परियोजना की व्यावहारिकता पर सवाल भी उठाए हैं।

इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि मीडिया में आई ये सभी रिपोर्ट पूरी तरह से गलत हैं। केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय एसएयूएनआई – 2 परियोजना के संबंध में अक्टूबर 2016 में भारत सरकार के आर्थिक कार्य विभाग को अपनी सैद्धांतिक मंज़ूरी दे चुका है।

इस संबंध में तथ्य निम्नानुसार हैः

एक स्थायी प्रक्रिया के अंतर्गत, सभी बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का केन्द्रीय जल आयोग द्वारा तकनीकी मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है, और सीडब्ल्यूसी की टिप्पणियों के संबंध में राज्यों को एक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है। यह एक निरंतर और परामर्शदात्री प्रक्रिया है, जिसका पालन प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (पीपीआर) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), दोनों ही चरणों में किया जाता है।

एसएयूएनआई – 2 परियोजना के मामले में केन्द्रीय जल आयोग ने गुजरात सरकार द्वारा प्रस्तुत की गई प्रारंभिक परियोजना के संबंध में कुछ टिप्पणियां की थी। इसके बाद, राज्य ने उन टिप्पणियों का अनुपालन कर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद, केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय ने एसएयूएनआई परियोजना को बाहरी सहायता मुहैया कराने के लिए भारत सरकार के आर्थिक कार्य विभाग को अपनी अनुशंसा भेज दी हैं।
 

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