रक्षा मंत्रालय

भारतीय वायु सेना की टीम का माउंट धौलागिरि पर्वतारोहण अभियान 

प्रविष्टि तिथि: 25 MAY 2017 6:54PM by PIB Delhi

 
भारतीय वायु सेना के पर्वतारोही टीम के 12 सदस्‍यों का एक दल जिसमें एक महिला पर्वतारोही भी शामिल थी, ने 15 अप्रैल 2017 को नेपाल स्थित माउंट धौलागिरि पर्वत पर पर्वतारोहण अभियान शुरू किया था। 8167 मीटर (26795 फीट) की ऊंचाई वाले धौलागिरि को दुनिया का 7वां सबसे ऊंचा पर्वत माना जाता है। धौलागिरी शब्‍द की उत्‍पत्ति संस्‍कृत के ‘धवल’ से हुई है। जिसका अर्थ है चमकदार, सफेद और सुन्‍दर एवं ‘गिरि’ का मतलब है पर्वत।

भारतीय वायु सेना के पर्वतारोही की इस टीम का नेतृत्‍व ग्रुप कैप्‍टन आर.सी.त्रिपाठी ने किया। यह टीम 8 दिन की कठिन यात्रा के बाद बेस कैम्‍प पर पहुंची थी। बेस कैम्‍प पर टीम को आगे की चुनौती के लिए तैयार करने के लिए एक सप्‍ताह की कड़ी ट्रैनिंग दी गई। अपना अभियान शुरू करने के लिए टीम को खराब मौसम से निपटने के बारे में एक सप्‍ताह तक पूरी जानकारी दी गई। 18 मई 2017 को जब मौसम साफ हुआ तो यह दल अपने लक्ष्‍य के लिए तैयार हुआ। दल को दो ग्रुपों में बांटा गया। स्‍क्‍वाड्रन लीडर कैविन निशान के नेतृत्‍व में पर्वतारोहियों के तीन सदस्‍यों ने इस बेहद चुनौतीपूर्ण चढ़ाई को पूरा करते हुए 20 मई 2017 को शाम 5 बजकर 30 मिनट पर माउंट धौलागिरि की चोटी पर भारत और एयरफोर्स का झंडा लहराया। अन्‍य सदस्‍यों में कॉरपोरल रविन्‍दर और कॉरपोरल जेपीएस रैना शामिल थे।

यह वाकई में वायुसेना के लिए एक गौरवपूर्ण पल था। इससे पहले 2005 में वायुसेना ने तब इतिहास बनाया था जब इसने अपने पहले ही प्रयास में विश्‍व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्‍ट पर तिरंगा और वायुसेना का झंडा फहराया था और 2011 में इस उपलब्धि को फिर दोहराया गया था।
 

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जीवाई/केजे/एस – 1480

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