संचार मंत्रालय

श्री मनोज सिन्हा ने संचार मंत्रालय द्वारा 3 वर्षों में किए गए उपायों और सुधारों के बारे में जानकारी प्रदान की।


 
एक अरब टेलीफोन उपभोक्ताओं का लैंडमार्क क्रास करने के साथ ही भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बनाः मनोज सिन्हा

 

मार्च, 2017 तक ब्रॉडबैंड कनेक्शनों की कुल संख्या 27.652 करोड़ को पार कर गईः श्री सिन्हा

 

मेगा स्पैक्ट्रम नीलामी के जरिए 965 मेगा हर्ट्ज़ स्पैक्ट्रम के लिए 2012 के बाद सर्वाधिक रु. 32434 करोड़ का अग्रिम धन प्राप्त कियाः श्री सिन्हा

 

रायपुर और रांची में दो शाखाओं के साथ इंडिया पोस्ट पेमैंट बैंक (आईपीपीबी) का

शुभारंभः श्री सिन्हा

 

देश के विभिन्न भागों में 129 पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीओपीएसकेएस) के बारे में विदेश मंत्रालय के साथ सहमति, अभी तक 50 केंद्र परिचालितः श्री मनोज सिन्हा 

प्रविष्टि तिथि: 25 MAY 2017 6:58PM by PIB Delhi

 

 

 

 

 

     केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री श्री मनोज सिन्हा ने आज एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें अपने मंत्रालय की तीन वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। श्री सिन्हा ने कहा कि मई 2014 के बाद से संचार मंत्रालय ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि दूरसंचार विभाग और डाक विभाग के जरिए नीतियों के सक्षम कार्यान्वयन की दिशा में अनेक उपाय किए गए। उन्होंने कहा कि मंत्रालय द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं का उपयोग करने वाले उपभोक्ता सरकार की कार्यसूची में सर्वोपरि हैं।

 

दूरसंचार विभाग की तीन वर्ष की उपलब्धियां

1. भौतिक निष्पादन

·         दूरसंचार विभाग द्वारा प्रारंभ किए गए इन सुधारों और उपायों की बदौलत पिछले कुछ वर्षों में भारतीय दूरसंचार क्षेत्र ने तीव्र प्रगति की है।

·         भारत, चीन के बाद विश्व में दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है। 2015-16 के दौरान टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या एक अरब के लैंडमार्क को पाकर कर गई।

·         समग्र उपभोक्ताओं में 97.69 प्रतिशत (117.059 करोड़) वायरलेस टेलीफोन धारक हैं, जोकि मार्च, 2017 के अंत तक लैंडलाइन टेलीफोन की हिस्सेदारी 2.04 प्रतिशत (2.440 करोड़) है।

·         दिसम्बर, 2016 तक समग्र इंटरनेट कनेक्शन 39.15 करोड़ थे। कुल ब्रॉडबैंड कनेक्शन मार्च, 2017 तक 27.652 करोड़ पर पहुंच गए।

 

2. स्पैक्ट्रम सुधार

·         अक्तूबर, 2016 में मेगा स्पैक्ट्रम नीलामी की गई, जिसमें 965 मेगा हर्ट्ज़ स्पैक्ट्रम के लिए 2012 के बाद सर्वाधिक रु. 32434 करोड़ का अग्रिम धन प्राप्त किया।

 

3. परियोजनाएं

·         भारत की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड आप्टिकल फाइबर नेटवर्क के जरिए जोड़ने हेतु भारतनेट नाम का प्रमुख कार्यक्रम लागू किया जा रहा है।

·         बीएसएनएल की टेलीफोन एक्सचेंजों के ब्लाक स्तरीय ढांचे का इस्तेमाल करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 25,000 सार्वजनिक वाईफाई हॉट स्पॉट्स स्थापित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

 

4. उपभोक्ता केंद्रित उपाय

·         भारत में प्रयुक्त मोबाइल फोनों में एक डेडिकेटिड ‘‘पैनिक बटन’’ और ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) की व्यवस्था की गई है।

·         विभाग ने अगस्त, 2016 को ‘‘ट्वीटर सेवा’’ का शुभारंभ किया, ताकि लोगों से दूरसंचार संबंधी मुद्दों और सेवाओं के बारे में फीडबैक प्राप्त किया जा सके।

 

5. एमटीएनएल

·         एमटीएनएल डेटा हैंडलिंग क्षमता को 10 जीबीपीएस तक अपग्रेड करने के लिए 1080 नए 3जी स्थल जोड़ते हुए मोबाइल नेटवर्क के विस्तार की प्रक्रिया में है।

·         दिल्ली में सात पर्यटक स्थलों – लालकिला, कुतुबमीनार, लोधी गार्डन, हुमांयू का मकबरा, पुराना किला और पांच बाजार स्थलों – नेहरू प्लेस, हौज़खास, डिफेंस कालोनी, अरबिंदो मार्ग, ग्रीन पार्क सहित सौ से अधिक एक्सेस प्वाइंटों के साथ विभिन्न स्थानों पर वाईफाई हॉट स्पाट प्रदान किए गए हैं।

 

6. बीएसएनएल

·         बीएसएनएल की बाजार में भागीदारी 31.12.2016 को बढ़कर 9.95 प्रतिशत हो गई, जो 31.12.2015 को 8.16 प्रतिशत थी।

·         बीएसएनएल ने 1000 से अधिक स्थानों पर 5000 से अधिक वाईफाई हॉट स्पाट प्रदान किए हैं।

 

डाक विभाग की तीन वर्ष की उपलब्धियां

 

1. आईटी आधुनिकीकरण परियोजना

     49.9 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ डाक विभाग की आईटी आधुनिकीकरण परियोजना लागू की जा रही है।

 

2. इंडिया पोस्ट पेमैंट बैंक

   रायपुर और रांची में दो शाखाओं के साथ इंडिया पोस्ट पेमैंट बैंक का शुभारंभ किया गया है।

 

3. डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों की स्थापना

    देश के विभिन्न भागों में 129 पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीओपीएसकेएसके बारे में विदेश मंत्रालय और डाक विभाग के बीच सहमति हुई है। अभी तक 50 केंद्र परिचालित किए जा चुके हैं।

 

4. मोबाइल मनी ट्रांसफर सेवा

   मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए भारतीय डाक घरों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर धन अंतरण हेतु मोबाइल मनी ट्रांसफर सेवा चालू की गई है।

 

कृपया दूरसंचार विभाग और डाक विभाग की तीन वर्ष की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी के लिए निम्नांकित लिंक पर क्लिक करें।

 

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वि.कासोटिया/आरएसबी/वाईबी- 1503

 

 

 


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