गृह मंत्रालय
आपदा जोखिम में कमी के लिए कैनकन, मैक्सिको में वैश्विक मंच
प्रविष्टि तिथि:
25 MAY 2017 7:18PM by PIB Delhi
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आपदा जोखिम में कमी को लेकर कल कैनकन, मैक्सिको में वैश्विक मंच 2017 शुरू किया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री किरण रिजिजू भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। मंत्रियों के लिए आयोजित विशेष सत्र में श्री किरण रिजिजू ने देश का वक्तव्य दिया। प्रतिनिधि मंडल के सदस्य हैं - डॉ. पी. के. मिश्रा, प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और एनडीएमए के सदस्य श्री कमल किशोर ने दो अलग-अलग विषयगत सत्रों में सभा को संबोधित किया।
महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के सत्र में संबोधित करते हुए डॉ. पी. के. मिश्रा ने कहा कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के प्रभावों से होने वाले नुकसान सार्वजनिक क्षेत्र के नुकसान के 66 प्रतिशत के बराबर है, इसके अलावा छोटे और मध्यम दर्जे की आपदाओं की अनकही कहानियां भी हैं जहां जहां बुनियादी ढांचे को नुकसान भयावह तो नहीं हो सकता है, लेकिन इसकी प्रगतिशील गिरावट से उत्पादकता में हानि होती है। ये नुकसान आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को बाधित करते हैं और कठिनाई एवं संकट को जन्म देते हैं, खासतौर पर गरीबों और विकलांगों के लिए।
आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए पीएम के 10 सूत्री एजेंडा का जिक्र करते समय डॉ. मिश्रा ने जोखिम के लचीले बुनियादी ढांचे को लेकर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और एक गठबंधन बनाने के लिए पहल करने पर जोर दिया जो कि बुनियादी ढांचे के विकास में सबसे ज़्यादा ज़रूरतों को पूरा करेगा। यह नॉलेज बेस बनाने में हमारी मदद करेगा जो सभी देशों को लाभ पहुंचाएगा। शुरुआत में चार विषयगत क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा- बुनियादी ढांचा क्षेत्र में जोखिम को समझना, रिस्क मेट्रिक्स, स्थिरता के संकेतक, डिजाइन के बेहतर मानक, संचालन और रखरखाव, प्रवर्तन, विनियमन, व्यवसायों का विनियमन, आपदा लचीला आधारभूत संरचना और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में रिकवरी के समर्थन में तंत्र।
श्री कमल किशोर ने सेंडई फ्रेमवर्क की प्रगति की निगरानी पर अपने संबोधन में प्रत्येक साझेदार पर रोशनी डालते हुए कहा कि उनकी भूमिका पूरी तरह से स्पष्ट होनी चाहिए और निगरानी संकेतकों को शासन व्यवस्था के साथ संरेखित करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि निगरानी संकेतकों को समझने के लिए उपयुक्त समय दिया जाना चाहिए।
उधर, श्री रिजिजू ने भविष्य के लिए आपदा प्रबंधन पर गठजोड़ के लिए मंगोलिया और इंडोनेशिया के साथ दो प्रतिनिधि मंडल स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में डॉ. पी. के. मिश्रा भी मौजूद ने भी हिस्सा लिया। इन देशों के आग्रह पर भारत ने आपदा प्रबंधन, प्रतिक्रिया और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहायता के लिए दोनों देशों की मदद का प्रस्ताव रखा है। सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों को लेकर देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन साझा किया जाएगा।
वैश्विक मंच में पशुओं की सुरक्षा के लिए भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा बनाई गई एक अनूठी योजना भी शुरू की गई।
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जीवाई/पीवी/वाईबी- 1506 |
(रिलीज़ आईडी: 1490979)
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