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भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए) में 27 मई, 2017 को आयोजित एक भव्य पासिंग आउट परेड में भारतीय नौसेना के 272 कैडेट, भारतीय तट रक्षक बल के 66 कैडेट और दो अंतर्राष्ट्रीय कैडेटों - (बेनिन और तंजानिया के एक – एक) ने भाग लिया। इन कैडेटों ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है।
इस पासिंग आउट परेड में स्प्रिंग टर्म 2017 के चार अलग-अलग पाठ्यक्रमों - जैसे 92 वें भारतीय नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम (बीटेक), 92 वें भारतीय नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम (एमएससी), 23वें नौसेना ऑरिएटेशन पाठ्यक्रम (विस्तारित) और 24 वें नौसेना ऑरिएटेशन पाठ्यक्रम (नियमित) के कैडेट शामिल थे। इस परेड में भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की 25 महिला कैडेटों ने भी अपने पुरुष समकक्षों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परेड मार्च में भाग लिया।
भव्य परेड की समीक्षा वाइस एडमिरल रवींद्र विजिगुणरत्ने, डब्ल्यूवी, आरडब्ल्यूपी एंड बार, आरएसपी, यूएसपी, वीएसवी, एनडीसी, पीएससी, एमएनआई, श्रीलंका नौसेना के प्रमुख द्वारा की गई। श्रीलंका के नौसेना प्रमुख की उपस्थिति ने भारत और श्रीलंका के मध्य द्विपक्षीय नौसैनिक संबंधों को और मजबूत बनाया और नौसेना सहयोग के नए अवसर तलाशने के लिए एक नए अध्याय का सृजन किया। भारत और श्रीलंका के मध्य नौसेना सहयोग परंपरागत रूप से मजबूत रहा है। श्रीलंका की नौसेना के लिए दो उन्नत अपतटीय गश्ती जहाज (एओपीवी) वर्तमान में मैसर्स गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में निर्माण के अंतिम चरण में हैं। भारतीय नौसेना जहाज (आईएनएस) दर्शक जो एक सर्वेक्षण जहाज है, ने अभी हाल में श्रीलंका में दो महीने की सर्वेक्षण तैनाती को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
औपचारिक समीक्षा के बाद वाइस एडमिरल विजिगुणरत्ने ने नौ मेधावी कैडेटों को पदक से सम्मानित किया। उन्होंने पासिंग आउट कैडेटों को बधाई देते हुए एक सफल नौसैनिक अधिकारी बनने के लिए अपनी शारीरिक और मानसिक सीमा को लगातार चुनौती देने का आग्रह किया। वाइस एडमिरल एआर कर्वे, एएसएसएम, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान, वाइस एडमिरल एसवी भोकरे, एवीएसएम, वाईएसएम, एनएम, कमांडेंट, आईएनए, प्रोफेसर अनिल डी सहस्रबुद्धे, अध्यक्ष, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई), नई दिल्ली तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद थे। पासिंग आउट परेड को सभी सफल कैडेटों के गर्वित माता-पिता और संरक्षकों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी गणमान्य व्यक्तियों, मीडिया कर्मियों, राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय (आरआईएमसी), देहरादून के कैडेटों और स्कूल के बच्चों ने भी देखा।
भारतीय नौसेना अकादमी बी टेक कोर्स के लिए 'राष्ट्रपति का स्वर्ण पदक' मिडशिपमैंन अक्षय सर्वेश्वरन को प्रदान किया गया जबकि नेवल ओरिएंटेशन (विस्तारित) कोर्स के लिए 'चीफ ऑफ नवल स्टाफ़' गोल्ड मेडल से सब लेफ्टिनेंट अर्पण मंडल को सम्मानित किया गया। नवल ओरिएंटेशन (रेगुलर) पाठ्यक्रम के लिए सहायक कमांडेंट रवीन्द्र एस रामोला को चीफ ऑफ नवल स्टाफ़ गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।
समीक्षा अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पदक विजेताओं और अन्य सभी प्रशिक्षुओं को कड़े प्रशिक्षण की सफल समापन के लिए बधाई दी। ये अधिकारी अब विभिन्न क्षेत्रों में अपने प्रशिक्षण को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न नौसेना और तटरक्षक जहाजों/प्रतिष्ठानों में जाएंगे।
वीके/आईपीएस/एसके-1520
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