पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुवाहाटी में पूर्वोत्तर राज्यो के स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित किया
प्रविष्टि तिथि:
30 MAY 2017 11:44AM by PIB Delhi
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (डीओएनईआर), एमओएस पीएमओ, कार्मिक, जन शिकायतें और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर के 8 राज्यों में निजी-सार्वजनिक साझेदारी के आधार पर जिला स्तर तक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का प्रस्ताव दिया है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुवाहाटी में उत्तर पूर्वी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस बैठक में दूसरे लोगों के साथ-साथ आद्यार कैंसर संस्थान चेन्नई, पतंजलि और योग संस्थान बेंगलुरू के प्रतिनिधि भी शामिल थे। पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय द्वारा पिछले 3 सालों में स्वास्थ्य संबंधी पहल की संक्षिप्त जानकारी देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बरुआ कैंसर संस्थान गुवाहाटी परमाणु ऊर्जा विभाग के संरक्षण में पिछले साल से ही टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान से संबद्ध हो चुका है। इससे बरुआ कैंसर संस्थान में पढ़ाई और चिकित्सा के स्तर में बड़ा सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में पिछले साल से ही कैंसर सर्जरी में सुपर स्पेशलिटी एमसीएच की पढ़ाई शुरू की जा चुकी है जबकि इस सेशन से सुपर स्पेशलिटी डीएम कैंसर मेडिसीन की पढ़ाई भी शुरू होने की उम्मीद है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आद्यर कैंसर संस्थान चेन्नई के साथ साझेदारी से पूर्वोत्तर के सभी 8 राज्यों के 1 फिजिशियन और 1 सर्जन इस जाने माने संस्थान में जाकर 6 महीने की ट्रेनिंग लेंगे। वहां से आने के बाद ये डॉक्टर अपने राज्यों में कैंसर का और बेहतर इलाज कर पाएंगे।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सभी राज्यों से सलाह के बाद पूर्वोत्तर मामलों का मंत्रालय देश के स्वास्थ्य सेवा से जुड़े निजी संस्थानों को यहां आने के लिए आमंत्रित करेगा जिससे अपनी क्षमता के अनुसार वो भी क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को संपूर्ण प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसमें परंपरागत चिकित्सा पद्धति को भी शामिल किया जाएगा जिसमें पतंजली जैसी कंपनियां बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
असम सरकार से पूर्वोत्तर मंत्रालय के साथ मिलकर आधुनिक कैंसर अस्पताल के निर्माण के प्रस्ताव पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर मंत्रालय के अधिकारी राज्य सरकार के बड़े स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत कर इसका रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि टेली मेडिसीन के क्षेत्र में भी पूर्वोत्तर मंत्रालय निजी क्षेत्रों से सहयोग लेने की कोशिश कर रहा है ताकि देश के सुदूर इलाकों में रह रहे लोगों को भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सके।
मणिपुर सरकार से चर्चा के बाद मिले एक सुझाव की ओर ध्यान दिलाते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हेलिकॉप्टर आधारित सुविधा ‘‘एयर क्लीनिक’’ को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से बातचीत चल रही है। अगर ये सुविधा सफल रही तो बेहतर स्वास्थ्य सेवा से वंचित यहां की एक बड़ी आबादी को राहत मिलेगी।
बैठक में असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा और दूसरे राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने भी अपने अपने सुझाव दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्रीय पूर्वोत्तर राज्य मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों और राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत के माध्यम से इन योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
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जीवाई/पीकेटी/एजे-1565
(रिलीज़ आईडी: 1491486)
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