वित्त मंत्रालय
राजस्व सचिव डॉक्टर हसमुख अढिया ने दोहराया- इस वर्ष पहली जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का कार्यान्वयन किया जाएगा; बोले नई पीढ़ी के लिए ढेरों रोज़गार पैदा करने में मिलेगी मदद
प्रविष्टि तिथि:
30 MAY 2017 1:29PM by PIB Delhi
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भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव डॉक्टर हसमुख अढिया ने कहा है कि इस वर्ष पहली जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर को कार्यान्वित किया जाएगा। डॉक्टर अढिया कर्नाटक के बंगलुरु में कर आकलनकर्ताओं, उद्यमियों एवं ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों समेत जीएसटी से सम्बंधित विभिन्न हिस्सेदारों के साथ टाउनहॉल में हुई बैठक में बोल रहे थे। इस बैठक का आयोजन संयुक्त रूप से केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर मुख्य आयुक्त, केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड, भारत सरकार एवं कर्नाटक सरकार के वाणिज्यिक कर आयुक्त की ओर से जीएसटी पर एक संपर्क-कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया था।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में डॉक्टर अढिया ने आगे कहा कि कर्नाटक सरकार ने जीएसटी में सर्वाधिक योगदान किया है और केंद्र सरकार इसके साथ आगे बढ़ रही है, क्योंकि जीएसटी पूरा खेल बदलने वाला सिद्ध होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी नई पीढ़ी के लिए ढेरों रोज़गार पैदा करने जा रहा है। डॉक्टर अढिया ने कहा कि भारत की आर्थिक शक्ति अत्यधिक है और जीएसटी से इस आर्थिक ऊर्जा का वास्तविक प्रगति में रूपांतरण करने में मदद मिलेगी।
बैठक में भाग लेने आए विभिन्न लोगों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए डॉक्टर अढिया ने विस्तारपूर्वक जीएसटी के फायदे बताए। उन्होंने यह वर्णित किया कि जीएसटी से किस तरह व्यापार करने की सुगमता में वृद्धि होगी और इसके विभिन्न प्रावधानों का पालन कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी अलग-अलग कर कानूनों और सम्बंधित नियमों में एकरूपता लाएगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट का बाधारहित स्थानांतरण होगा। अपने संक्षिप्त सन्देश में डॉक्टर अढिया ने जीएसटी के अलग अलग विषयों पर विभिन्न हिस्सेदारों के संदेहों का निवारण किया। उन्होंने सभी प्रश्नों का उत्तर देने और जीएसटी ट्विटर हैंडल के ज़रिये लोगों के सभी संदेहों का निवारण करने का भरोसा दिलाया।
कर्नाटक सरकार के कृषि मंत्री एवं जीएसटी परिषद् के सदस्य श्री कृष्ण गौड़ा ने इस अवसर पर जीएसटी के अंतर्गत कर संरचना के औचित्य को व्याख्यायित किया। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद के योगदान की व्याख्या की जिसने एकमत से अब तक सभी निर्णय लिए हैं और जीएसटी के कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी एक बड़ा ग्राहक हितैषी अप्रत्यक्ष कर सुधार है। उन्होंने कहा कि कर में वृद्धि करने की मंशा नहीं है वरन् जीएसटी के क्रियान्वयन से राजस्व में बढ़ोतरी करना है क्योंकि इससे कर प्रशासन में पारदर्शिता, सरलीकरण एवं क्षमता आती है और कर चोरी पर रोक लगती है जिसके परिणामस्वरूप कर में उछाल आता है।
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जीवाई/एबी/वाईबी-1591 |
(रिलीज़ आईडी: 1491615)
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