रेल मंत्रालय

रेल मंत्रालय ने विश्‍व पर्यावरण दि‍वस मनाया

प्रविष्टि तिथि: 05 JUN 2017 6:30PM by PIB Delhi

विश्‍व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रेल मंत्रालय ने आज अर्थात 5 जून, 2017 को नई दिल्‍ली स्थित राष्‍ट्रीय रेल संग्रहालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु इस अवसर पर मुख्‍य अतिथि थे। सदस्‍य (इंजीनियरिंग) श्री ए. के. मित्तल, सदस्‍य (रोलिंग स्‍टॉक) श्री रविन्‍द्र गुप्‍ता, सदस्‍य (स्‍टाफ) श्री प्रदीप कुमार और अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारीगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे। रेलवे के साथ-साथ अन्‍य पर्यावरणीय निकायों के अनेक गणमान्‍य व्‍यक्ति भी इस अवसर पर मौजूद थे। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्‍न पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर भारत के अभीष्‍ट राष्‍ट्रीय स्‍तर पर निर्धारित अंशदान (आईएनडीसी) से जुड़ी प्रतिबद्धता पूरी करने की दिशा में रेलवे द्वारा किये गये प्रयासों पर ध्‍यान केन्द्रित किया गया। इस अवसर पर रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने ‘पर्यावरण निरंतरता रिपोर्ट 2016-17’ जारी की।

इस अवसर पर रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि आज पृथ्‍वी के लिए अहम चुनौती जलवायु परिवर्तन है। अत: यह प्रत्‍येक व्‍यक्ति का कर्तव्‍य है कि वह आगे आए और पर्यावरण संरक्षण में अपनी ओर से भूमिका निभाए। इस दिशा में समुचित जागरूकता की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने कहा कि जहां तक रेलवे का संबंध है यह परिवहन का सर्वोत्तम पर्यावरण अनुकूल साधन है। पर्यावरण संरक्षण के लिए तरह-तरह के प्रयास किये गए हैं। रेलवे में पर्यावरण के लिए एक अलग निदेशालय का सृजन किया गया है। परंपरागत ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए जो विशेष जोर दिया जा रहा है वह अपेक्षित है। उन्‍होंने कहा कि रेल पटरियों के विद्युतीकरण के काम में तेजी लाई गई है, ताकि डीजल का उपयोग नाममात्र का हो और इसके साथ ही उत्‍सर्जन कम हो सके। ऊर्जा संसाधनों के अन्‍य विकल्‍पों जैसे कि सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा को प्रोत्‍साहित किया गया है। जल क्षेत्रों के पूर्व स्‍वरूप को बहाल करना, संयुक्‍त राष्‍ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के साथ मिलकर काम करना, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर गोलमेज सम्‍मेलन आयोजित करना, नए जल क्षेत्रों का शुभारंभ करना इत्‍यादि ऐसे ठोस उपाय हैं जिन्‍हें रेलवे ने अपनाये हैं और ये कार्य पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के लिए भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। श्री प्रभु ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से अर्थव्‍यवस्‍था को नई गति हासिल हो सकती है। यही नहीं, इससे रेलवे के विकास में मदद मिल सकती है क्‍योंकि इसके जरिये भारी-भरकम राशि की बचत संभव है।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ रेल मंत्री द्वारा उन रेल कर्मचारियों को पुरस्‍कार देने के साथ हुआ जिन्‍होंने रेलवे में पर्यावरण संरक्षण के लिए उल्‍लेखनीय योगदान दिया है। दक्षिण-मध्‍य रेलवे के उन अधिकारियों को भी पुरस्‍कार दि‍या गया जिन्‍होंने सलारजंग में एक जल क्षेत्र के पुराने स्‍वरूप को बहाल किया जिससे रेलवे द्वारा ताजा जल का उपयोग करने में काफी कमी आई।

 

      

*****

वीके/आरआरएस/वीके – 1622

 


(रिलीज़ आईडी: 1491867) आगंतुक पटल : 31