कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
केन्द्रीय सर्तकता आयुक्त श्री केवी चौधरी का यूएनसीएसी के कार्यान्वयन समीक्षा समूह के 8वें सत्र में संबोधन
प्रविष्टि तिथि:
20 JUN 2017 11:16AM by PIB Delhi
केंद्रीय सतर्कता आयुक्त श्री के वी चौधरी ने कल आस्ट्रिया के वियना में संयुक्त राष्ट्र संघ के भ्रष्टाचार विरूद्ध सम्मेलन (यूएनसीएसी) के 8वें सत्र में कार्यान्वयन समीक्षा समूह में भारत की ओर से वक्तव्य दिया। 8वें सत्र का आयोजन 19 जून से 23 जून 2017 तक किया गया है।
भारत की ओर से वक्तव्य देते हुए श्री के वी चौधरी ने कहा कि भारत ने प्रभावी ढंग से भ्रष्टाचार से निपटने की आवश्यकता की पहचान की है। इसके लिए सुदृढ़, समयबद्ध, संस्थागत और विधायी खाका तैयार कर लिया है। इसमें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और स्वतंत्र केंद्रीय सतर्कता आयोग, लेख नियंता और महालेखा परीक्षक, न्यायाधीश (जांच) अधिनियम और बड़ी संख्या में वर्ष 2013 के लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, विसिल ब्लोवर संरक्षण अधिनियम 2011, धनशोधन निवारण अधिनियम, बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम जैसे कानून सम्मिलित हैं। जिससे बहुत से क्षेत्रों में अपराधीकरण और भ्रष्टाचार पर कानून के तहत रोक लगती है।
श्री के वी चौधरी ने कहा कि भारत भ्रष्टाचार से निपटने के लिए पूर्ण रूप से वचनबद्ध है और इसके प्रति पूर्ण असहनशीलता और न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन का दृष्टिकोण रखता है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाये गए कुछ प्रमुख कदमों को उल्लेख किया। इसमें युवाओं और विद्यार्थियों द्वारा नौकरी या अन्य किसी सरकारी सुविधाओं के लिए सरकारी अधिकारियों द्वारा सत्यापित और अनुप्रमाणित प्रमाणपत्रों की व्यवस्था को समाप्त करना शामिल है। इसका पूरे देश पर व्यापक प्रभाव पड़ा। इन कदमों से केंद्र सरकार और उसकी अन्य संस्थाओं में निम्न स्तर के पदों पर चयन के लिए व्यक्तिगत साक्षात्कार को समाप्त करना भी शामिल है। इसके फलस्वरूप जन सेवकों के चयन में भ्रष्टाचार और निकटता की गुंजाइश को समाप्त कर दिया। इसमें कालेधन और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए उच्च मूल्य वाली मुद्रा का विमुद्रीकरण भी एक साहसी कदम भी शामिल है।
वीके/डीवी/एजे- 1793
(रिलीज़ आईडी: 1493418)
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