वित्त मंत्रालय
सरकार ने सेल्युलर मोबाइल फोन, विशिष्ट कलपुर्जों और कुछ खास इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर 10 फीसदी मूल सीमा शुल्क लगाया
प्रविष्टि तिथि:
01 JUL 2017 7:22PM by PIB Delhi
सरकार ने उन इलेक्ट्रॉनिक/आईटी/टेलीकॉम उत्पादों की पहचान के लिए अंतर मंत्रालय समिति (आईएमसी) गठित की थी जो सूचना प्रौद्योगिकी समझौते (आईटीए)-I के अनुरूप नहीं हैं। इसका उद्देश्य इन उत्पादों पर सीमा शुल्क में वृद्धि करना था। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, वाणिज्य विभाग, दूरसंचार विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारीगण इस अंतर मंत्रालय समिति में शामिल थे।
1 जुलाई, 2017 से सरकार ने निम्नलिखित उत्पादों पर 10 फीसदी मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) लगाया हैः
- सेल्युलर मोबाइल फोन एवं इनके विशिष्ट कलपुर्जे जैसे कि चार्जर, बैटरी, वायर हेडसेट, माइक्रोफोन एवं रिसीवर, कीपैड, यूएसबी केबल इत्यादि।
- कुछ अन्य विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद
मोबाइल फोन के विशिष्ट कलपुर्जों पर मूल सीमा शुल्क से मौजूदा छूट आगे भी जारी रहेगी। प्रिटेंड सर्किट बोर्ड एसेम्बली (पीसीबीए), कैमरा मॉड्यूल, कनेक्टर्स डिस्प्ले एसेम्बली, टच पैनल/कवर ग्लास एसेम्बली, वाइब्रेटर मोटर/रिंगर इन कलपुर्जों में शामिल हैं।
इसके अलावा, मोबाइल फोन सहित उपर्युक्त इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के कलपुर्जों के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर भी मूल सीमा शुल्क से छूट जारी रहेगी।
इस बारे में अधिसूचना संख्या 56/2017-कस्टम्स, 57/2017-कस्टम्स और 58/2017-कस्टम्स (दिनांकित 30-06-2017) जारी की गई हैं।
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वीके/आरआरएस/डीएस-1951
(रिलीज़ आईडी: 1494517)
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