प्रधानमंत्री कार्यालय
तेल अवीव में प्रधानमंत्री का प्रेस वक्तव्य
प्रविष्टि तिथि:
04 JUL 2017 8:45PM by PIB Delhi
देवियों और सज्जनों
शलोम। मुझे इजरायल आने की बेहद खुशी है। पहले भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में इजरायल की ऐतहासिक यात्रा करना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू का उनके निमंत्रण और गर्मजोशी से की गई अगवानी के लिए आभार प्रकट करता हूं। मेरी यह यात्रा दोनों देशों के समाज के बीच सदियों पुराने सशक्त संबंधों का जश्न बनाने का अवसर है। इन मजबूत संबंधों की बुनियाद पर ही दोंनों देशों के बीच पच्चीस वर्ष पहले बने पूर्ण राजनयिक संबंध लगातार प्रगति कर रहे हैं।
मित्रों
इजरायल के लोगों ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर राष्ट्र का निमार्ण किया है। यहां के लोंगों ने अपनी कड़ी मेहनत और नवाचार से देश को मजबूत बनाया है। आप लोंगों ने विषम परिस्थितियों में भी चुनौतियों को संभावनाओं में तब्दील किया है। भारत आपकी उपलब्धियों की सराहना करता है।
आज चार जुलाई है। आज से ठीक 41 वर्ष पहले आपरेशन एंटेबी को अंजाम दिया गया था। यह वह दिन था जब आपके प्रधानमंत्री और मेरे मित्र बीबी ने कई इजरायली बंधकों की जान बचाने के अभियान में अपने बड़े माई योनी को खोया था। आपके हीरो हमारी युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा हैं।
मित्रों
भारत की सभ्यता पुरानी है लेकिन यह एक युवा देश है। यहां 80 करोड़ लोग 35 साल से कम उम्र के हैं। भारत के दक्ष और प्रतिभावान युवा देश की प्रेरक शक्ति भी हैं। वे भारत,उसके उद्योग, उसकी अर्थव्यवस्था और कारोबार करने के तौर तरीकों में बड़े बदलाव की मेरी सोच को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
मित्रों
ऊंची ग्रोथ और समग्र विकास के लिए भारत इजरायल को एक महत्वपूर्ण साझीदार मानता है। विकास की चुनौतियों से निबटने के लिए विज्ञान,प्रैाद्योगिकी,नवाचार और उच्चत तकनीकी शिक्षा पर निर्भरता हम दोंनों के लिए समान रुप से जरुरी है। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो दोनों देशों के दक्ष और उद्यमी युवाओं को एक साथ जोड़ने का काम करते हैं। हम आर्थिक समृद्धि की साझेदारी बनाने के साथ साथ अपने समाज को आतंकवाद के खतरे से सुरक्षित रखने में भी सहयोग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ मेरी वार्ता इन सभी क्षेत्रों में प्रगतिशील साझेदारी की संभावनाओं की रुप रेखा तय करेगी। मैं इस अवसर पर इजरायल में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ ही भारतीय मूल के उन यहूदियों से भी मिलना चाहूंगा जिन्होंने हमारे समाज को जोड़ने और समृद्ध बनाने का काम किया है।
महामहिम और मित्रों
मेरी यह यात्रा परस्पर संबधों का एक नया मार्ग प्रशस्त करने वाली है। यह एक ऐसी यात्रा है जिससे दोनों देशों के लोगों और समाज की भलाई का मार्ग निकलेगा। जैसे जैसे हम आगे बढ़ेंगे इजरायल के साथ एक मजबूत और अटूट साझेदारी मेरा मुख्य उद्देश्य होगा। गर्मजोशी के साथ किए गए इस स्वागत के लिए मैं आप सभी का एक बार फिर से आभार व्यक्त करता हूं।
धन्यवाद। बहुत बहुत धन्यवाद
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AKT/HS/MS
(रिलीज़ आईडी: 1494811)
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