जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय
मध्यप्रदेश,राजस्थान,उत्तरप्रदेश और गुजरात में नदियो के जल स्तर में तीव वृद्धि के संबंध में पूर्वानुमान
प्रविष्टि तिथि:
13 JUL 2017 11:09AM by PIB Delhi
मौसम विभाग द्वारा अगले तीन दिनों के लिए जारी बारिश के पूर्वानुमान के अनुसार 13 जुलाई, 2017 से 16 जुलाई, 2017 तक पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा और एक दो स्थानों पर बहुत अधिक वर्षा होगी।
इसके कारण मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, और गुजरात में नर्मदा,केन,बेतवा, चंबल और इसकी सहायक नदियों माही और साबरमती में जल स्तर बढ़ने की संभावना है।
वर्तमान में जल स्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते निम्नलिखित नदियों के क्षेत्रों में जल स्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है।
नर्मदा बेसिन-मध्य प्रदेश मे होशंगाबाद, बेतुल,रायसेन,सीहोर,खंडवा,खारगौन के कुछ भाग, देवास, इंदौर और धार पश्चिमी नीमर और झबुआ तथा गुजरात में धूलिया, नर्मदा, भडूच और वडोदरा जिले के कुछ भाग।
केन बेसिन मध्य प्रदेश के जबलपुर,सागर,दमोह,पन्ना,सतना, छतरपुर और रायसेन जिले तथा उत्तरप्रदेश के हमीरपुर और बांदा जिले।
बेतवा बेसिन- मध्यप्रदेश के टीकमगढ़, सागर, विदिशा, रायसेन,भोपाल,शिवपुरी और छतरपुर जिले तथा उत्तरप्रदेश के हमीरपुर, जालौन, झांसी और बांदा जिले।
चंबल बेसिन - मध्य प्रदेश के इंदौर,उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और नीमच तथा राजस्थान के कोटा और झालावार जिले।
माही बेसिन- मध्य प्रदेश के झबुवा, धार और रतलाम जिले तथा मध्यप्रदेश के उदयपुर, डुगरपुर और बांसवाडा जिले तथा गुजरात के पंचमहल माही सागर और खेड़ा जिले।
साबरमती बेसिन- राजस्थान के उदयपुर सिरोही, पाली और डुंगरपुर जिले तथा गुजरात के साबरकांठा, मेहसाना, अहमदाबाद,गांधीनगर और खेडा जिले।
चंबल, बेतवा, माही और साबरमती बेसिन के बांधो में जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है, लेकिन इन बांधो मे पर्याप्त भंडारण उपलब्ध होने के कारण निचले इलाकों में वर्षा और नदियों के स्तर के आधार पर जल स्तर सावधानी पूर्वक छोड़ा जा सकता है।
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वीके/एजे/पीबी–2083
(रिलीज़ आईडी: 1495571)
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