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केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जनशिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने आज यहां 20 मंत्रालयों से संबधित प्रशासनिक सुधार तथा जनशिकायत विभाग का ‘‘शिकायत अध्ययन विश्लेषण’’ जारी किया।
इस अवसर पर डॉ जितेन्द्र सिंह ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व तथा प्रोत्साहन से विभिन्न सुशासन की विभिन्न पहलें शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन से युवा अधिकारी अब वरीयता कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में निपुणता की प्रतिस्पर्धा में हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में दर्ज शिकायतों की संख्या 5 गुना बढ़ गई है। यह 2014 के 2 लाख शिकायतों से बढ़कर अब 11 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया यह बढोतरी सरकार द्वारा शिकायतों के शीघ्र निपटारे के कारण हुई है। उन्होंने आगे बताया कि अब शिकायतों को निपटाने की औसत अवधि घटा कर एक सप्ताह कर दी गई है।
डॉ जितेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार पेंशनभोगियों की मांगों के प्रति भी संवेदनशील है। उन्होंने पेंशनभोगियों के लिए अनुभव तथा संकल्प जैसी सरकारी पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पेंशनभोगियों के लिए मोबाइल एप एक ऐसा उदाहरण है जिससे पता चलता है कि सुशासन पहलों के लिए प्रोद्योगिकी का किस प्रकार इष्टतम उपयोग हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के अंत तक सभी मंत्रालय और विभाग ई-कार्यालय में बदल जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारों से भी इन पहलों का अनुसरण करने के लिए कहा जा रहा है।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रशासनिक सुधार तथा जनशिकायत विभाग में सचिव श्री सी विश्वनाथ, ने कहा कि इस समय 28 मंत्रालय/विभाग ई-कार्यालय पद्धति पर चल रहे हैं तथा इस वर्ष के अंत तक सभी मंत्रालयों/विभागों इसके अंतर्गत लाने के उपाय किये जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री पुरस्कार सिविल सेवा दिवस 2018, के अवसर पर प्रदान किये जाएंगे, इसके लिए निम्नलिखित 4 वरियताप्राप्त कार्यक्रम निर्धारित किये गए हैं।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
- डिजिटल भुगतान (डिजिटिकरण के तहत डिजिटल भुगतान)
- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी तथा ग्रामीण)
- दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना
उन्होंने आगे बताया कि इस वर्ष सभी जिलों को सूचिबद्ध करने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के कार्यान्वयन की गुणवत्ता पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
पेंशन विभाग की पहलों पर विस्तार जानकारी देते हुए श्री सी विश्वनाथ ने बताया कि सामान्य भविष्य निधि नियम उदार बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली पर अपनी सिफारिश देने के लिए एक समिति का गठन किया गया है जो वर्ष 2000 के पश्चात सेवा में आने वाले युवा अधिकारियों पर लागू होगी। उन्होंने आगे कहा कि ‘अनुभव’ पहल के अन्तर्गत अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। पेंशनभोगियों के मामलों के शीघ्र निपटान के लिए एक पेंशन अदालत स्थापित करने के बारे में भी उन्होंने बात की।
वर्ष 2015 में 20 मंत्रालयों के लिए ‘शिकायत विश्लेषण तथा क्रमबद्ध सुधार’ अध्ययन किया गया था। इसके परिणाम स्वरूप 65 सुधार शुरू किये गए हैं जिनका शासन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। 2017 में 20 और मंत्रालयों के लिए अध्ययन शुरू किया गया है और 180 सुधार सुझाए गए हैं।
मंत्रालयों/विभागों द्वारा शुरू किये गए कुछ प्रमुख सुधार हैं, पैट्रोलियम मंत्रालय में एलपीजी कनेक्शन लेने में विलम्ब में कमी mylpg.in पर ऑनलाइन एलपीजी पंजीकरण की शुरूआत से आई है, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में, चिकित्सकों तथा कर्मचारियों की अनुपलब्धता के कारण अधिकतम से कुछ कम सीजीएच सेवाओं में सभी सीजीएचएस ईकाइयों में आधार से जुड़ी बायोमेट्रिक की शुरूआत करके सुधार लाया गया है, शहरी विकास मंत्रालय में, मैनुअल प्रक्रिया के कारण निर्माण योजना स्वीकृति में विलम्ब को स्वीकृति तंत्र की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करके कम किया गया है तथा रेल मंत्रालय में अन्य बातों के साथ-साथ गाडियों के रद्द होने पर कन्फर्म/वेटलिस्ट ई-टिकटों के रिफन्ड के लिए स्वचालित प्रक्रिया शुरू करके टिकटों के रिफन्ड में विलम्ब को कम किया गया है।
वीके/जेडी/पीकेए/एल/सीएल–3536
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