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वित्त वर्ष 2010-11 की अप्रैल-जून अवधि (प्रथम तिमाही) से ही वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के बजट प्रभाग का सार्वजनिक ऋण प्रबंधन कार्यालय (पीडीएमसी) (पूर्ववर्ती मध्य कार्यालय) नियमित रूप से सार्वजनिक ऋण प्रबंधन पर तिमाही रिपोर्ट जारी करता रहा है। वर्तमान तिमाही रिपोर्ट का वास्ता अप्रैल-जून 2017 की तिमाही (वित्त वर्ष 2017-18 की प्रथम तिमाही) से है।
विमुद्रीकरण के पश्चात उपर्युक्त तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था में तरलता अधिशेष (सरप्लस) के रूप में रही। इसके परिणामस्वरूप यील्ड निचले स्तर पर बनी रही। हालांकि, इस तिमाही के दौरान भारत सरकार की नकदी की स्थिति कुछ हद तक दबाव में रही। प्राप्ति और भुगतान के बेमेल होने के कारण ही यह स्थिति देखी गई। यही स्थिति आम तौर पर वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान देखी जाती है। भारत सरकार के नकदी प्रवाह में इस बेमेल स्थिति से निपटने के लिए उपर्युक्त तिमाही के दौरान अलग-अलग अवधि के 1,30,000 करोड़ रुपये के नकद प्रबंधन बिल यानी कैश मैनेजमेंट बिल (सीएमबी) जारी किए गए थे। इसी तिमाही के दौरान 40,000 करोड़ रुपये के सीएमबी का विमोचन किया गया। यह तिमाही रिपोर्ट आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) ने जारी की है।
वित्त वर्ष 2017-18 की प्रथम तिमाही के दौरान जारी की गई सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) की भारित औसत परिपक्वता (डब्ल्यूएएम) और भारित औसत यील्ड (डब्ल्यूएवाई) क्रमश: 14.92 साल और 7.01 प्रतिशत रहीं। वित्त वर्ष 2017-18 की प्रथम तिमाही के दौरान सरकार ने 1,68,000 करोड़ रुपये (बजट अनुमान का 29.0 प्रतिशत) मूल्य की दिनांकित प्रतिभूतियां जारी कीं, जो वित्त वर्ष 2016-17 की प्रथम तिमाही के दौरान जारी की गई 1,65,000 करोड़ रुपये (बजट अनुमान का 28.4 प्रतिशत) मूल्य की दिनांकित प्रतिभूतियों की तुलना में अधिक है। वित्त वर्ष 2017-18 की प्रथम तिमाही के दौरान सरकार की दिनांकित प्रतिभूतियों और ट्रेजरी बिलों दोनों की ही नीलामियां सुचारू रूप से आयोजित की गईं।
केंद्र सरकार के सार्वजनिक ऋण (‘सार्वजनिक खाते’ के तहत देनदारियों को छोड़कर) में वित्त वर्ष 2018 की प्रथम तिमाही के दौरान तिमाही आधार पर अनंतिम रूप से 3.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आंतरिक कर्ज जून 2017 के आखिर में सार्वजनिक ऋण का 93.0 प्रतिशत था, जबकि विपणन योग्य प्रतिभूतियां सार्वजनिक ऋण का 83.2 प्रतिशत आंकी गईं।
वित्त वर्ष 2017-18 की प्रथम तिमाही के दौरान एकमुश्त आधार पर सरकारी प्रतिभूतियों का कुल कारोबार पिछली तिमाही की तुलना में 2.65 प्रतिशत बढ़ गया।
सार्वजनिक ऋण प्रबंधन पर पूर्ण तिमाही रिपोर्ट भी तैयार संदर्भ के लिए यहां संलग्न है, जिसे देखने के लिए अंग्रेजी का अनुलग्नक यहां क्लिक करें
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वीके/आरआरएस- 3615
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