कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय

डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने पीजी पोर्टल पर लोक शिकायत निवारण में श्रेष्‍ठ प्रदर्शन के लिए मंत्रालय को प्रमाण पत्र दिए

प्रविष्टि तिथि: 04 SEP 2017 7:28PM by PIB Delhi

केंद्रीय पूर्वात्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने आज यहां एक समारोह में केंद्रीकृत लोक शिकायत समाधान और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) में मंत्रालयों/विभागों को कार्य प्रदर्शन पर आधारित प्रशंसा पत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने विजेता विभागों/मंत्रालयों की प्रशंसा की। उन्‍होंने केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को लगातार चार तिमाही से प्रमाण पत्र जीतने के लिए बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि शिकायत निवारण के लिए सीबीडीटी द्वारा विकसित व्‍यवस्‍था से दूसरे विभागों को सीख लेनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि ऐसी व्‍यवस्‍था से प्रणाली निरंतर रूप से काम करती है। शिकायत समाधान की दिशा में काम करने के लिए उन्‍होंने अन्‍य मंत्रालयों की भी सराहना की। उन्‍होंने कहा कि डीएआरपीजी ने भी प्राप्‍त शिकायतों की विश्‍लेषण के लिए अध्‍ययन किया है। विभाग ने हाल में 20 मंत्रालयों की शिकायत अध्‍ययन विश्‍लेषण को जारी किया है।

डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि शिकायतों के समाधान के लिए समय-सीमा तय की गईहै, लेकिन अनेक शिकायतें जानकारी के अभाव में दर्ज की जाती हैं। उन्‍होंने कहा है कि प्रक्रिया के बारे में लोगों को शिक्षित होने की आवश्‍यकता है। उन्‍हें इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि सूचना पहले से सार्वजनिक रूप से उपलब्‍ध है। उन्‍होंने बताया कि शिकायतोंकी संख्‍या बढ़कर प्रतिवर्ष 12 लाख हो गई है और इससे शिकायत समाधान व्‍यवस्‍था में नागरिकों के बढ़ते विश्‍वास का पता लगता है। उन्‍होंने सुझाव दिया कि अधिक संख्‍या में शिकायतें प्राप्‍त करने वाले मंत्रालयों से जानकारी ली जानी चाहिए। उन्‍होंने राज्‍यों से कारगर तरीके से शिकायत निवारण व्‍यवस्‍था लागू करने की अपील की।

डीएआरपीजी के सचिव श्री सी. विश्‍वनाथ ने कहा कि अब शिकायत निवारण का फोकस निष्‍पादन गुणवत्‍ता पर होना चाहिए। उन्‍होंने बताया कि विभाग ने शिकायत के मूल कारण का पता लगाने तथा यह देखने के लिए कि मूल कारणों का समाधान किया जाता है और प्रणालीगत सुधार लागू किए जाते हैं या नहीं इसके लिए 40 मंत्रालयों का विश्‍लेषण किया है। उन्‍होंने बताया कि 20 मंत्रालयों के अध्‍ययन से 65 सुधार लागू किए गए हैं। हाल में 20 अन्‍य मंत्रालयों का अध्‍ययन भी किया गया है और 180 सुधार सुझाए गए हैं।

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव श्री अजय मित्‍तल ने कहा कि हमें शिकायतों के कारणों पर बल देना चाहिए। उन्‍होंने प्रशस्‍ति पत्र प्राप्‍त करने वालों को बधाई दी।

 

जनवरी से मार्च 2017 और अप्रैल से जून 2017 की तिमाही के लिए निम्‍नलिखित विभागों को पुरस्‍कृत किया गया है:

 

ग्रुप

 

तिमाही (जनवरी से मार्च, 2017)

 

 

तिमाही (अप्रैल से जून, 2017)

(एक तिमाही में 300 तक शिकायतें प्राप्‍त करने वाले मंत्रालय/विभाग 

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (अंक: 86.77/100)

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय

(अंक: 87.41/100)

बी

( एक तिमाही में 301-2000 तक शिकायतें प्राप्‍त करने वाले मंत्रालय/विभाग

 

सूक्ष्‍म, लघु और मझौले उद्यम

(अंक: 85.72/100)

पंचायती राज मंत्रालय

(अंक: 83.58/100)

सी

( एक तिमाही में 2000 से अधिक शिकायतें प्राप्‍त करने वाले मंत्रालय/विभाग

केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड  (आय कर )

( अंक: 86.58/100)

केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड  (आय कर )

 

(अंक: 86.89/100)

 

इस अवसर पर डीएआरपीजी की अपर सचिव श्रीमती वसुधा मिश्रा तथा विभाग के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी उपस्‍थित थे।

 ****

वीके/एजी/एसकेपी-3641


(रिलीज़ आईडी: 1501694) आगंतुक पटल : 36