जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय
कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भू-जल प्रवाह के विकास तथा भू-जल प्रवाह प्रबन्धन को लेकर सीजीडब्ल्यूबी और आईआईएस, बंगलौर के बीच समझौता
प्रविष्टि तिथि:
08 SEP 2017 7:14PM by PIB Delhi
कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भू-जल प्रवाह के विकास तथा भू-जल प्रवाह प्रबन्धन को लेकर जल संसाधन मंत्रालय के केन्द्रीय भू-जल परिषद (सीजीडब्ल्यूबी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बंगलौर के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए।
इस गणितीय प्रारूप को जल प्रवाह स्तर मापने तथा प्रबन्ध कार्यक्रम के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। यह भू-जल की वर्तमान स्थिति को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करेगा। इससे यह भी जानकारी मिलेगी कि भविष्य में किन क्षेत्रों में भू-जल का स्तर अत्यधिक कम हो जाएगा। प्रभावी प्रबंधन के जरिये मांग और पूर्ति के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकेगा। इस अध्ययन में 48000 वर्ग किमी के क्षेत्र को शामिल किया गया है। इस क्षेत्र में चिकबल्लापुर और कोलार जिले आते हैं तथा बगलकोट, बंगलौर ग्रामीण, बेलगाम, बेल्लारी, चित्रदुर्ग, देवनगिरी, गदग, गुलबर्गा और यदगिर जिलों के कुछ हिस्से शामिल हैं।
इस अध्ययन को एक साल में पूरा किया जाना है और इस संबंध में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस प्रारंभिक रिपोर्ट और अंतिम विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। सहमति पत्र के हस्ताक्षर होने के दो महीने के अन्दर प्रारंभिक रिपोर्ट जमा करनी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कार्ययोजना की विस्तृत रिपोर्ट होगी, जिसमें उद्देश्य, कार्यक्षेत्र, कार्यप्रारूप, समयावधि आदि का स्पष्ट उल्लेख होगा। अंतिम रिपोर्ट में सारांश, परिचय, आंकड़ों की समीक्षात्मक रिपोर्ट, हाइड्रोज्योलोजिकल जानकारी, भू-जल प्रणाली का विभिन्न स्थितियों में प्रतिक्रिया, प्रखंड आधारित प्रबंधन योजना, प्रखंड आधारित प्रबंधन योजना का प्रभाव आदि पर विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
सहमति पत्र पर सीजीडब्ल्यूबी के सदस्य डॉक्टर दीपांकर साहा तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के रजिस्ट्रार प्रो. वी. राजराजन ने हस्ताक्षर किए।
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वीके/जेके/आरएन–3704
(रिलीज़ आईडी: 1502252)
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