कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय

‘सुशासन और सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं की प्रतिकृति’ पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन गोवा में शुरू

सुशासन का अंतिम उद्देश्य लोगों को लाभ पहुंचाना है: सचिव, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग

प्रविष्टि तिथि: 14 SEP 2017 11:44AM by PIB Delhi

 ‘सुशासन और सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं की प्रतिकृति’ पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन आज गोवा में शुरू हुआ। श्री सी. विश्वनाथ, सचिव, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार, श्री धर्मेंद्र शर्मा, मुख्य सचिव, गोवा सरकार, श्री मैथ्यू सैमुअल, डीजी, गोवा लोक प्रशासन और ग्रामीण विकास संस्थान, श्रीमती स्मिता कुमार, संयुक्त सचिव (एआर एंड पीजी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे।  

   श्री सी. विश्वनाथ ने अपने उद्घाटन भाषण में सुशासन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सेवाओं की त्वरित डिलीवरी से संबंधित प्रधानमंत्री के आह्वान को मूर्त रूप देने के लिए नौकरशाही को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन का अंतिम उद्देश्य लोगों को लाभ पहुंचाना है। वर्ष 2007 से ही सिविल सेवा दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन पिछले दो वर्षों के दौरान सिविल सेवा दिवस के जश्न का पैटर्न पूरी तरह से बदल गया है। उन्‍होंने यह भी कहा कि सिविल सेवा दिवस नौकरशाहों के लिए अच्‍छा प्रदर्शन करने और अपनी विशिष्‍ट पहचान बनाने का एक बढ़िया अवसर है।

  उन्‍होंने कहा कि अब सिविल सेवा दिवस के लिए काफी अच्‍छी प्रतिक्रिया मिलने के मद्देनजर पिछले साल देश में 599 जिले प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए नामांकित हुए थे। इस वर्ष के सिविल सेवा दिवस के लिए अब तक 601 जिलों को पंजीकृत किया जा चुका है। नौकरशाही के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए सुशासन सूचकांक पर निर्णय लेने हेतु केंद्र में सचिवों के एक समूह का गठन किया गया है। हैदराबाद स्थित सुशासन केद्र को इस पहल के लिए ज्ञान भागीदार के रूप में शामिल किया गया है। अत: सुशासन सूचकांक जल्द ही एक वास्तविकता बनने जा रहा है। यह जानकारी देते हुए उन्‍होंने कहा कि सुशासन सूचकांक पर अमल से सुधारों के लिए राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी।

   उद्घाटन सत्र के बाद सफलता की विभिन्न गाथाओं और केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नई परियोजनाओं पर पावर प्वाइंट प्रस्‍तुतियां दी गईं।

   उत्तरी गोवा की कलक्टर श्रीमती नीला मोहनन ने अपनी प्रस्तुति में सफल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के साथ-साथ गोवा सरकार की अन्य पहलों के बारे में भी विस्‍तृत जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि गोवा सरकार ने राज्य में किसानों के लिए ‘ई-कृषि’ पहल की शुरुआत की है। किसानों के लिए एक समर्पित पोर्टल है। 65 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं और राज्य में 31,000 किसानों को ‘कृषि कार्ड’ दिए गए हैं। सलिगांव ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा परियोजना देश की पहली एकीकृत ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन परियोजना है। यह परियोजना स्वच्छ भारत अभियान संबंधी प्रधानमंत्री के सपने की उत्पत्ति है।

  श्री राजीव चौधरी, महाप्रबंधक, कृषि बीमा कंपनी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह योजना सभी फसलों पर लागू है। इससे पहले दावा निपटान में छह-सात महीने लग जाते थे। अब दावों का निपटान सिर्फ तीन हफ्तों के भीतर किया जा रहा है और अब तक 50 प्रतिशत दावों का निपटारा हो चुका है।  

    कौशल विकास मंत्रालय के निदेशक श्री अनिल सुब्रमण्यम ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के बारे में जानकारी दी, जो सतत आजीविका मिशन के एक हिस्से के रूप में सरकार की एक पहल है। वर्तमान में हमारे पास केवल 4 से 5 प्रतिशत कुशल कार्यबल है। सरकार ने राष्ट्रीय नीति में 400 मिलियन कुशल कार्यबल का लक्ष्य रखा है।

   डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए बैंकों द्वारा जारी कार्डों के अलावा सरकार ने ‘आधार’ सक्षम भुगतान सेवा  ‘भीम’, भारत क्यूआर कोड शुरू किया है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में वरिष्ठ निदेशक श्रीमती अर्चना ड्यूरेजा ने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में  सरकार ने डिजिटल मोड के जरिए 2500 करोड़ रुपये के लेन-देन का लक्ष्य रखा है।

   इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) पर भी प्रस्तुतियां दी गईं।  

  यह दो दिवसीय सम्मेलन नागरिक केंद्रित शासन के निरूपण एवं कार्यान्वयन, ई-गवर्नेंस के जरिए सार्वजनिक सेवाओं की बेहतर डिलीवरी और पारदर्शी, जवाबदेह एवं नागरिक अनुकूल प्रभावशाली प्रशासन के अनुभवों को साझा करने के लिए एक साझा प्‍लेटफॉर्म या मंच बनाने का एक प्रयास है। इस सम्मेलन में 25 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

   प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने सुशासन संबंधी प्रथाओं के निरूपण एवं सफल कार्यान्वयन से जुड़े अनुभवों को साझा करने के साथ-साथ सार्वजनिक सेवाओं के त्वरित और कुशल वितरण के लिए अब तक 26 ऐसे क्षेत्रीय सम्मेलनों का आयोजन किया है।

   गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर और केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कल गोवा में समापन सत्र में भाग लेंगे।

 

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वीके/आरआरएस/एसएस- 3788

 


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