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वर्ष
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संशोधित (करोड़)
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खर्च
(करोड़)
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2011-12
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31,000.00
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37,072.82
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2012-13
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30,287.00
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39,778.29
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2013-14
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33,000.00
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38,511.10
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2014-15
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33,000.00
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36,025.04
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2015-16
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37,345.95
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44,006.56
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2016-17
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48,220.26
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57,946.72
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2017-18*
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48,000.00
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35,436.92
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* 12.09.2017 तक के आंकड़े
इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन की दिशा में धन की कमी जैसी कोई रूकावट नहीं है। सरकार मनरेगा के कार्यान्वयन के लिए धनराशि उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है।
मनरेगा कामगारों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए नेशलन इलेक्ट्रॉनिक फंड मेनेजमेंट सिस्टम (एनईएफएमएस) को लागू किया गया है। लगभग 96 प्रतिशत भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कराया जा रहा है। इसके अलावा गहन निगरानी और भुगतान में होने वाले विलम्ब के लिए जवाबदेही तय करने की बदौलत चालू वित्त वर्ष के दौरान महत्वपूर्ण नतीजे प्राप्त हुए। लगभग 85 प्रतिशत मजदूरी कामगारों को समय पर प्रदान किया जाना संभव हो सका है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह प्रतिशत लगभग दो गुणा है। जैसा कि नीचे दिए गए ग्राफ में देखा जा सकता है:

स्थिति में और ज्यादा सुधार लाने के लिए मंत्रालय की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ खास कारणों से आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के धन राशि के अंतरण संबंधी आदेश यानि (एफटीओ) का भुगतान लंबित है। दोनों राज्यों में पिछले दिनों मंत्रालय द्वारा कराए गए आंतरिक परीक्षण के दौरान कार्यान्वयन में अनियमितता बरते जाने के बारे में पता चला, जिसके लिए राज्यों को स्थिति में सुधार लाने के लिए उचित कदम उठाने को कहा गया है। उनके पूर्ण होते ही तथा समुचित प्रतिक्रिया प्राप्त होते ही धनराशि जारी कर दी जाएगी। मंत्रालय सभी राज्यों/संघशासित प्रदेशों के वित्तीय दर्जे तथा जिन राज्यों/संघशासित प्रदेशों में एफटीओ को जांच के अधीन होने के कारण लंबित दर्शाया गया है, उन्हें अतिरिक्त धनराशि जारी करने की रोजाना समीक्षा करता है। यहां इस बात का उल्लेख करना उचित होगा कि चालू वित्त वर्ष में लगभग 36500 करोड़ रूपये की राशि (कुल आवंटन का 76%) पहले ही जारी की जा चुकी है, जिसकी वजह से 85 प्रतिशत मामलों में मजदूरी का समय पर भुगतान संभव हो सका है।
हर साल ग्राम पंचायतें बॉटम-अप साझेदारी दृष्टिकोण के माध्यम से अगले वित्त वर्ष में किए जाने वाले कार्यों का विवरण तैयार करती हैं। इन कार्यों का चयन इस योजना के अंतर्गत स्वीकृत 155 गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए जाता है, जिन्हें राज्य के अनुरोध के अनुसार समय-समय पर संशोधित भी किया जाता है।
गरीबों के आजीविका संबंधी संसाधन के आधार को मजबूती प्रदान करना मनरेगा के मुख्य उद्देश्यों में से एक है। मनरेगा के अंतर्गत हर साल लगभग 1.5 करोड़ कार्य किए जाते हैं। पिछले साल कार्य पूरा करने पर दिए गए दबाव की वजह से अधिकतम 62 लाख कार्य पूरे किए गए।

पूर्ण किए गए इन कार्यों की जियो टैकिंग की गई है और इन्हें कार्यक्रम के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध कराया गया है।
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वीके/आरके/डीएस-3789
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