पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने एसोचेम के साथ निवेश विकल्पों पर विचार-विमर्श किया
प्रविष्टि तिथि:
25 SEP 2017 3:29PM by PIB Delhi
केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक एवं लोक शिकायत, पेशंन,परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कल एसोचेम के प्रतिनिधिमंडल के साथ पूर्वोत्तर में निवेश के विभिन्न विकल्पों, अवसरों और संभावनाओं के बारे में विचार विमर्श किया। एसोचेम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय टीम कार्यालय के पदाधिकारियों ने किया।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र को पूर्वोत्तर में निवेश के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जापानी सरकार का उदाहरण दिया जा सकता है, जो इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में निवेश की योजना बना रही है। सिंगापुर ने भी असम में कौशल-केंद्र स्थापित करने की पेशकश की है। इसके अतिरिक्त मंत्री महोदय ने यह भी बताया कि भारत के कई अग्रणी औद्योगिक घरानों ने अरूणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर सहित पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में निवेश में रूचि दिखाई है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि एसोचेम भारत में व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र की अग्रणी प्रतिनिधि इकाई है। एसोचेम पूर्वोत्तर में निवेश के अवसरों बारे में जागरूकता का प्रसार कर सकती है और सरकार तथा निजी उद्योग क्षेत्र के बीच पुल का कार्य कर सकती है, जिससे सार्वजनिक निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के जरिए व्यापार का संवर्द्धन हो सके। पूर्वोत्तर क्षेत्र की हस्तकलाओं, नैसर्गिक हरबल उत्पादों एवं चिकित्सीय पौधों ने कई प्रमुख व्यापारिक घऱानों को यहां उद्यम लगाने के लिए आकर्षित किया है।
मंत्री महोदय ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में संभावित उद्यमियों के मार्ग में आने वाले अवरोधों को दूर किया है और पूर्वोत्तर क्षेत्र को वायु, रेल और सड़क मार्ग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। केंद्र सरकार ने ‘एक्ट ईस्ट’ पॉलिसी पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए विकास उत्पादन की नई संभावनाओं के बड़े अवसर खोजे जा सकते हैं।
हाल ही में उठाए गए कई कदमों की जानकारी देते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार ने पूर्वोत्तर औद्योगिक संवर्द्धन नीति (एनईआईपीपी), स्टार्टअप के लिए कोष और एनईआरएएमएसी का पुनरूत्थान शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर के आठ राज्य अब देश के अधिक विकसित राज्यों के समान तेजी से उन्नति कर रहे हैं और इन राज्यों की सरकारें भी केंद्र सरकार द्वारा इस क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता से उत्साहित हैं।
एसोचेम के सदस्यों ने डॉ. जितेन्द्र सिंह को इस संबंध में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि निकट भविष्य में वे पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश के कई अवसरों के लिए योजना बना रहे हैं।
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वीएल/एजे/एमएस-3923
(रिलीज़ आईडी: 1504060)
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