उप राष्ट्रपति सचिवालय

प्रबंधकीय उत्‍कृष्‍टता के साथ प्रौद्योगिकी एक नये पथ की रूपरेखा बना सकती है : उपराष्‍ट्रपति

रेलवे एवं मेट्रो परियोजनाओं 2017 में अंतरराष्‍ट्रीय प्रौद्येगिकी उन्‍नति सम्‍मेलन का उद्घाटन

प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2017 6:06PM by PIB Delhi

उपराष्‍ट्रपति श्री एम.वेंकैया नायडू ने कहा है कि प्रबंधकीय उत्‍कृष्‍टता के साथ प्रौद्योगिकी एक नये पथ की रूपरेखा बना सकती है। वह आज यहां रक्षा अवसंरचना योजना निर्माण एवं प्रबंधन परिषद, रेल मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय एवं नीति आयोग द्वारा आयोजित रेलवे एवं मेट्रो परियोजनाओं 2017 में अंतरराष्‍ट्रीय प्रौद्येगिकी उन्‍नति सम्‍मेलन का उद्घाटन करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय रेल एवं कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल, रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष श्री अश्‍वनी लोहानी तथा अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

उपराष्‍ट्रपति महोदय ने कहा कि भारत में तेज गति से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए तीव्र गतिशीलता एवं टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी और किफायती परिवहन की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने यह भी कहा कि ‘पारगमन केंद्रित विकास’ जैसी नई अवधारणाओं का प्रयास किया जाना चाहिए तथा उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए जिससे कि मेट्रो स्‍टेशन के आसपास रहने वाले लोगों के जीवन में व्‍यापक स्‍तर पर सुधार आए।

उपराष्‍ट्रपति महोदय ने कहा कि भारतीय रेल को प्रगतिशील, दक्ष प्रौद्योगिकियों के साथ बहुत सुनियोजित तरीके से विस्‍तार की योजना बनानी चाहिए तथा वर्तमान में दुनिया भर में उपलब्‍ध नवप्रवर्तक प्रचलनों का अनुपालन करने के द्वारा अपने देश की आकांक्षी आबादी की सेवा करनी चाहिए। उन्‍होंने यह भी कहा कि दुनिया भर में सूचना प्रौद्योगिकी की क्रांति आ चुकी है जिसमें भारत का भी काफी बड़ा योगदान रहा है। इससे सिगनल देने, संचार एवं सुरक्षा में दक्षता में बेहतरी आएगी तथा कुशल परिवहन प्रणाली जैसे क्षेत्रों में मदद मिलेगी।

उपराष्‍ट्रपति महोदय ने कहा कि भारतीय लोकाचार में, हम मानते हैं कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जीवन की गुणवत्‍ता बढ़ाने के माध्‍यम हैं और हम कहते हैं कि ‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय’ जिसका अर्थ यह है कि हमारा लक्ष्‍य व्‍यापक रूप से मानवता की भलाई है और हम इस ग्रह के समस्‍त लोगों की प्रसन्‍नता चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि हमारा यह भी विश्‍वास है कि अगर हम नये विचारों एवं अवधारणाओं, जो या तो स्‍वदेशी हैं या बाहर से आई हुई हैं, के प्रति खुले हुए हैं तो यह संभव है।

उपराष्‍ट्रपति महोदय ने उम्‍मीद जताई कि इस दो दिवसीय सम्‍मेलन में की गई चर्चाओं एवं विचार-विमर्शों से कई अत्‍याधुनिक रेल प्रणालियों के त्‍वरित निर्माण में सहायता मिलेगी जिससे अर्थव्‍यवस्‍था तथा भारत और शेष विश्‍व में लोगों के जीवन स्‍तर में बेहतरी आएगी।

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वीके/एसकेजे/एनआर–4061


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