प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने नानाजी देशमुख के जन्म शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया
प्रविष्टि तिथि:
11 OCT 2017 3:45PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूसा, नई दिल्ली स्थित आईएआरआई में नानाजी देशमुख के जन्म शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री ने ‘’प्रौद्योगिकी और ग्रामीण जीवन’’ विषय पर एक प्रदर्शनी भी देखी। उन्होंने अच्छी पद्धति एवं उनके अनुकरण के साथ-साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं व पहल को भी देखा। उन्होंने कुछ अन्वेषकों व लाभार्थियों के साथ संवाद भी किया।
प्रधानमंत्री ने नानाजी देखमुख और लोकनायक जयप्रकाश नारायण को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने नानाजी देशमुख के सम्मान में डाक टिकट जारी किया।
प्रधानमंत्री ने दिशा पोर्टल का भी शुभारम्भ किया – जो सांसदों और विधायकों के लिए अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विभिन्न मंत्रालयों के विभिन्न कार्यक्रमों व योजनाओं के कार्यान्वयन पर एकल पोर्टल के माध्यम से निगरानी रखने का पोर्टल है। अभी तक 20 मंत्रालय के 41 कार्यक्रमों व योजनाओं की प्रगति के आंकड़े इस पोर्टल पर दर्शाए गए हैं।
उन्होंने भारत के ग्रामीणों की सेवा और सशक्तिकरण के लिए एक नागरिक केन्द्रित मोबाइल ऐप ‘’ग्राम संवाद’’ का भी शुभारम्भ किया, जिसमें नागरिक विभिन्न ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के बारे में ग्राम पंचायत स्तर पर एकल विंडो पर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस ऐप में इस समय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सात कार्यक्रमों को शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री ने 11 ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान भवनों (आरएसईटीआई) तथा आईएआरआई में प्लान्ट फिनोमिक्स सुविधा का डिजिटल पद्धति से उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों, पंचायतों, जल संरक्षण अन्वेषकों और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के 10,000 से ज्यादा लोगों को सम्बोधित किया।
उन्होंने कहा कि आज हम दो महान नेताओं – नाना जी देशमुख और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जन्म दिवस मना रहे है, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र की बेहतरी के लिए अर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण युवाओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के आह्वान से प्रेरित होकर लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ. लोहिया ‘भारत छोड़ो’ आन्दोलन के दौरान सक्रिय हुए। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सत्ता की राजनीति में कभी रूचि नहीं दिखाई और वे भ्रष्टाचार के विरूद्ध लड़ते रहे। उन्होंने कहा कि नानाजी देशमुख ने भी ग्रामीण विकास और हमारे गांवों को स्वावलम्बी व निर्धनता से मुक्त करने की दिशा में स्वयं को अर्पित कर दिया।
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अतुल तिवारी/हिमांशु सिंह/बाल्मीकि महतो/सुरेन्द्र शर्मा/हेमा
(रिलीज़ आईडी: 1505830)
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