वित्त मंत्रालय
69 लाख से भी अधिक ग्राहक 2690 करोड़ रुपये के अंशदान के साथ अटल पेंशन योजना में शामिल हुए
वित्तीय सेवा विभाग में सचिव ने कहा, ‘पेंशन कवरेज बढ़ाने की अब भी व्यापक गुंजाइश’
प्रविष्टि तिथि:
16 OCT 2017 6:28PM by PIB Delhi
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अटल पेंशन योजना में फिलहाल 2690 करोड़ रुपये के अंशदान के साथ 69 लाख से भी ज्यादा ग्राहक हैं। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के अध्यक्ष श्री हेमंत जी. कांट्रैक्टर ने, हालांकि, हाल ही में अटल पेंशन योजना पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत में पेंशन कवरेज बढ़ाने की जरूरत पर विशेष बल दिया। इस सम्मेलन का आयोजन पीएफआरडीए द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में किया गया, जिसमें सभी प्रमुख बैंकों के साथ-साथ एनपीसीआई, एससीएचआईएल, सिडबी, एक्सेस एसिस्ट और कुछ प्रमुख माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (एमएफआई) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
श्री कांट्रैक्टर ने कहा कि समाज का एक बड़ा तबका अब भी पेंशन सुविधा से वंचित है और यह पीएफआरडीए तथा सरकार के लिए चिंता का विषय है। पीएफआरडीए द्वारा आयोजित एक प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई देते हुए अध्यक्ष ने कहा कि अटल पेंशन योजना (एपीवाई) ने लक्षित ग्राहकों को अपने दायरे में लाने में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन इस दिशा में अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पात्र माने जाने वाली आबादी का औसतन दो प्रतिशत से भी कम हिस्सा फिलहाल एपीवाई के दायरे में आ चुका है। अत: बड़ी संख्या में लोगों को वृद्धावस्था में नियमित रूप से आमदनी मुहैया कराने के लिए अब भी बहुत कुछ करना होगा।
इस अवसर पर वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) में सचिव श्री राजीव कुमार का एक वीडियो संदेश दिखाया गया। श्री राजीव कुमार ने कहा है कि अटल पेंशन योजना वित्तीय समावेश और वित्तीय सुरक्षा के तहत भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। भारत में पेंशन कवरेज लगभग 12 प्रतिशत है और बैंकों तथा अन्य हितधारकों को इस योजना के तहत कवरेज और ज्यादा बढ़ाने की दिशा में काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हो रही प्रगति पर डीएफएस करीबी नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बैंकों के लिए तय लक्ष्य पूरे की जानी चाहिए। उन्होंने पीएफआरडीए द्वारा अटल पेंशन योजना के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म यथा ई-एपीवाई उपलब्ध कराए जाने के बारे में भी अपने विचार व्यक्त किए। श्री राजीव कुमार ने संबंधित अभियानों के तहत बढ़िया प्रदर्शन के लिए बैंकों को बधाई दी और उनसे इस दिशा में अपने कार्य आगे भी जारी रखने का अनुरोध किया।
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वीके/आरआरएस/वाईबी/एसकेपी- 5084 |
(रिलीज़ आईडी: 1506288)
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