रक्षा मंत्रालय
इंद्र - 2017
प्रविष्टि तिथि:
19 OCT 2017 6:59PM by PIB Delhi
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भारत और रूस के बीच लंबे समय से सैन्य और रणनीतिक संबंध रहे हैं। आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत और रूस प्रत्येक वर्ष सैन्य अभ्यास करते है जिसे इंद्र का नाम दिया गया है। यह सैन्य अभ्यास दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध को दर्शाता है। इंद्र – 2017 के तहत पहली बार तीनों सेनाओं के द्विपक्षीय अभ्यास का आयोजन किया गया है। 18 अक्टूबर, 2017 को भारतीय वायुसेना के आईएल-76 विमान व्लादिवोस्तक पहुंचा। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व टास्क फोर्स कमांडर मेजर जनरल एन. डी. प्रसाद ने किया। रशियन इस्टर्न मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट की 5वीं सेना के कमांडर मेजर जनरल कुटुजोव ने टास्क फोर्म का गर्मजोशी से स्वागत किया।
19 अक्टूबर, 2017 को स्वदेश में निर्मित भारतीय नौसेना के दो जहाज आईएनएस सतपुरा और आईएनएस कदमट्ट व्लादिवोस्तक बंदरगाह पहुंचे और इनका पारंपरिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर रूसी नौसेना के प्रशांत बेड़े के डिप्टी कमांडर रियर एडमिरल अनातोली ज़िलिन्स्की उपस्थित थे।
टास्क फोर्स कमांडर मेजर जनरल एन.डी. प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने व्लादिवोस्तक के कार्यकारी मेयर श्री एलेक्सी लिटविनोव से मुलाकात की। मेजर जनरल एन.डी. प्रसाद ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को दिए गए पारंपरिक स्वागत के लिए मेयर को धन्यवाद दिया। नौसेना कंपोनेंट कमांडर रियर एडमिरल बिश्वाजीत दासगुप्ता ने रशियन पैसेफिक फ्लीट के कमांडर-इन-चीफ एडमिरल सर्गेई अवाक्यंट्स के साथ विचार-विमर्श किया।
एयर वाइस मार्शल वी.आ. चौधरी और रियर एडमिरल वी. श्रीनिवास के साथ लेफ्टिनेंट जनरल जे.एस. नेगी ने 249 सर्जेविस्की ट्रेनिंग रेंज का जायजा लिया। इसी स्थान पर इंद्र – 2017 के अधिकांश अभ्यास होंगे।
इंद्र – 2017 दोनों देशों की सशक्त सेनाओं के बीच विश्वास को बढ़ाएगा और आपसी संबंधों को मजबूती प्रदान करेगा। तीनों सेनाओं का यह अभ्यास दोनों देशों द्वारा समान चुनौतियों से निपटने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
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वीके/जेके/डीके – 5165 |
(रिलीज़ आईडी: 1506891)
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