गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने हथियार उत्पादन के क्षेत्र में “मेक इन इंडिया” पहल को बढ़ावा दिया।

प्रविष्टि तिथि: 30 OCT 2017 4:50PM by PIB Delhi

गृह मंत्रालय ने सरकार की विनिर्माण नीति “मेक इन इंडिया” को बढ़ावा देने के साथ ही हथियार और गोला-बारूद के उत्पादन के क्षेत्र में रोज़गार बढ़ाने के लिए हथियार नियमों को उदार बनाया है।

नियमों के उदार होने से “मेक इन इंडिया” कार्यक्रम के रूप में हथियार और गोला-बारूद तथा हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। उदार नियमों से वैश्विक स्तर के देश में ही निर्मित हथियारों के ज़रिए सेना और पुलिस बल की हथियार संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। नए नियम गृह मंत्रालय द्वारा छोटे हथियारों के निर्माण के लिए प्रदान किए जाने वाले लाइसेंस पर लागू होंगे साथ ही यह नियम औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग के तहत लाइसेंस प्राप्त करने वाले टैंक, हथियारों से लैस लड़ाकू वाहन, रक्षक विमान, स्पेस क्राफ्ट, युद्ध सामग्री और अन्य हथियारों के पुर्जे तैयार करने वाली इकाईयों पर लागू होंगे।

उदार नियमों की विशेषताएं निम्नलिखित हैं।

(i)  उत्पादन के लिए दिया गया लाइसेंस कंपनी के लाइफ-टाइम के लिए वैध होगा। प्रत्येक 5 वर्ष के बाद लाइसेंस के नवीकरण की शर्त को हटा दिया गया है।

(ii) इसी प्रकार, हथियार उत्पादकों द्वारा निर्मित छोटे और हल्के हथियारों को केंद्र और राज्य सरकारों को बेचने के लिए गृह मंत्रालय की पूर्व अनुमति की अब ज़रूरत नहीं होगी।

(iii)     इसके अलावा, जितने उत्पादन की अनुमति है अगर उससे 15 फीसदी अधिक तक का उत्पादन किया जाता है तो इसके लिए सरकार से स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी। इस संदर्भ में सिर्फ उत्पादक इकाई को लाइसेंस देने वाले प्राधिकरण को सूचना देनी होगी।

(iv)     लाइसेंस शुल्क काफी कम कर दिया गया है। पहले 500 रुपये प्रति हथियार लाइसेंस शुल्क था, जिसके कारण काफी राशि लगती थी और यह विनिर्माण लाइसेंस पाने में एक बाधा थी। लाइसेंस शुल्क अब 5000 रुपये से लेकर अधिकतम 50,000 रुपये की सीमा में होगा।

(v) विनिर्माण लाइसेंस शुल्क का भुगतान आवेदन करने के समय के बजाय लाइसेंस देते समय किया जाएगा।

(vi)     एक ही राज्य के भीतर या देश के अंदर विभिन्न राज्यों में बहु-इकाई सुविधा के लिए एक ही विनिर्माण लाइसेंस की अनुमति होगी।

गृह मंत्रालय द्वारा हथियार (संशोधन) नियम 2017 की अधिसूचना 27 अक्टूबर 2017 को जारी कर दी गई है।

अधिसूचना के लिए यहां क्लिक करें। http://egazette.nic.in/WriteReadData/2017/179873.pdf

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वीके/बीपी/एमके/एमएस-5233


(रिलीज़ आईडी: 1507454) आगंतुक पटल : 54