उप राष्ट्रपति सचिवालय

जीवनशैली जन्य रोगों का शिकार बनने से बचें: उप-राष्ट्रपति

विशाल स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन किया

प्रविष्टि तिथि: 05 NOV 2017 1:34PM by PIB Delhi

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने लोगों को चेताया है कि वे आधुनिक और आरामतलब जीवनशैली की वजह से होने वाली बीमारियों से बचें। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा जिले में स्वर्ण भारत ट्रस्ट द्वारा आयोजित एक विशाल स्वास्थ्य मेले के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुये उप-राष्ट्रपति ने ऐसा कहा। आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री कामिनेनी श्रीनिवास, जल संसाधन मंत्री श्री देवीनेनी उमा महेश्वरा राव एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

उप-राष्ट्रपति ने इस बात पर चिंता जतायी कि शारीरिक गतिविधियों की कमी और आधुनिक खान-पान की आदतों की वजहों से जीवनशैली जनित रोग हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि लोगों को एक स्वस्थ जीवन के लिये शारीरिक गतिविधियों जैसे पैदल चलना, हल्की दौड़, साइकल चलाना और योगाभ्यास करना चाहिये।

उप-राष्ट्रपति ने चिकित्सक बंधुओं से आह्वाहन किया कि वे लोगों लोगों को आधुनिक जीवनशैली जनित रोगों के खतरे के बारे में और बचाव के कदमों को अपनाने की जरूरत के बारे में जागरूक करें। ग्रामीण इलाकों में समुचित स्वास्थ्य सेवायें नहीं होने पर चिंता व्यक्त करते हुये उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को सरकार अकेले पूरा नहीं कर सकती और निजी क्षेत्र और स्वयंसेवी संस्थाओं को इन प्रयासों में मदद करनी चाहिये। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।

उपराष्ट्रपति ने कुछ सरकारी अस्पतालों को नये तरीके से नहीं चलाये जाने की वजह से लोगों को निजी अस्पतालों में जाने की मजबूरी पर क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रति 1,000 व्यक्तियों पर एक चिकित्सक के मानक की जगह भारत में 1,700 व्यक्तियों पर 1 चिकित्सक है। उन्होंने आगे कहा कि चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिये नीति आयोग की उच्चस्तरीय समिति ने 2022 तक 187 नये मेडिकल कॉलेज खोले जाने की संस्तुति की है।

उप-राष्ट्रपति ने चिकित्सा शिविर का दौरा कर वहां पर इलाज करा रहे मरीजों से बातचीत की।

 

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वीएल/आरके-5318 


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