जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने एक शाम गंगा के नाम- कार्यक्रम आयोजित किया
प्रविष्टि तिथि:
05 NOV 2017 4:45PM by PIB Delhi
गंगा नदी देश की आबादी के 40 प्रतिशत लोगों की आजीविका का स्थायी स्त्रोत है। यह बगैर किसी शर्त के हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने का स्त्रोत और आध्यात्मिकता का सार है। नदी के महत्व को स्वीकारने और इसकी महिमा को मनाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने कल नई दिल्ली में एक सांस्कृतिक संध्या-"एक शाम गंगा के नाम" का आयोजन किया। 2008 में आज ही के दिन गंगा को देश की राष्ट्रीय नदी घोषित किया गया था।
गंगा नदी के बारे में जागरूकता फैलाने के मकसद से आयोजित इस कार्यक्रम में नौकरशाहों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, कलाकारों, छात्रों, शिक्षकों, जल और नदी विशेषज्ञों, इंजीनियरों, मीडिया और अन्य हितधारकों सहित समाज सभी क्षेत्रों के हजारों लोग उपस्थित थे। इस शाम का उद्देश्य गंगा के कायाकल्प के अदभुत काज के लिए सभी हितधारकों को एकजुट कर इस मकसद को आगे बढ़ाना है। इस अवसर पर जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय में सचिव श्री अमरजीत सिंह भी उपस्थित थे।
एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक श्री यू.पी सिंह ने कहा, ‘गंगा केवल जल स्रोत ही नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। इस नदी को प्रदूषण से मुक्त करना आवश्यक है, जहां सरकार नदी के संरक्षण के लिए काफी परिश्रम कर रही है, वहीं लोगों की प्रतिभागिता अत्यधिक महत्वपूर्ण है।’
शाम के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पद्म भूषण डॉ. सरोजा वैद्यनाथ द्वारा तैयार की गई नृत्य नाटिका ‘नमामि गंगे’ थी। भरतनाट्यम की इस प्रस्तुति में गंगा नदी की गाथा कि प्रासंगिकता को दर्शाया गया। नृत्य नाटिका में नदी के धीरजता को दर्शाते हुए इसकी मौलिकता के साथ नदी के आजीवन प्रवाह को तुरन्त संरक्षित करने का आह्वान किया गया। इसमें नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत तेजी से आगे बढ़ रहे स्वच्छ गंगा अभियान में जन भागीदारी की आवश्यकता को खुबसूरती से दर्शाया गया। गंगा नदी की गाथा का इतना सुन्दर प्रदर्शन देख कर दर्शक मंत्रमुग्ध हुए।
नृत्य नाटिका के बाद गंगा पर लोकप्रिय गीत पेश किए गए। श्री पार्थ पुरूषोतम दत्ता और उनकी पत्नी श्रीमती बिनापानी दत्ता तथा उनके बैंड ने अनोखे अंदाज में अपने गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ नमामि गंगे विषय पर आधारित त्रिचुर बन्धुओं द्वारा संगीतबद्ध किए और गाए गीत पर हेरिटेज पब्लिक स्कूल के छात्रों के बैले नृत्य से हुआ। इसमें भारतीय पौराणिक कथा की उस कड़ी को दर्शाया गया, जहां राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए तपस्या की और भागीरथ के आग्रह पर भगवान शिव ने अपनी जटा में कैद गंगा को पृथ्वी पर भेजा। पांचवी से नवीं कक्षा के छात्रों के बेहतरीन प्रदर्शन से दर्शक मंत्रमुग्ध हुए।
अपने अन्दर कई जलीय प्रजातियों को संजोए गंगा मां लाखों लोगों की जीवन रेखा हैं और अनन्त काल से हमारे साथ है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि खुशी और दुख के समय निर्मल तथा अविरल गंगा हमारे साथ बहती रहे, हमें अपनी भूमिका निभानी होगी। नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वच्छ गंगा का संदेश लोगों तक पहुंचाने में कोई कसर नही छोड़ी जा रही है। हालांकि गंगा नदी को स्वच्छ करने का कठिन कार्य जनता की प्रतिभागिता के बिना संभव नहीं है।
वीके/एमके/सीएल-5321
(रिलीज़ आईडी: 1508362)
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