वित्त मंत्रालय
‘पनामा पेपर्स’ से जुड़े मामले : तेजी से हो रही है जांच-पड़ताल
प्रविष्टि तिथि:
06 NOV 2017 3:42PM by PIB Delhi
वाशिंगटन स्थित एक संगठन ‘खोजी पत्रकारों के अंतर्राष्ट्रीय कंसोर्टियम (आईसीआईजे)’ द्वारा अप्रैल 2016 में कोई कर नहीं/कम कर वाले क्षेत्राधिकारों में अवस्थित विदेशी निकायों से कुछ भारतीयों के जुड़े होने के बारे में किए गए खुलासे के बाद सरकार ने 4 अप्रैल, 2016 को एक मल्टी-एजेंसी ग्रुप (एमएजी) का गठन किया था, ताकि अन्य बातों के अलावा समन्वित एवं त्वरित ढंग से जांच-पड़ताल संभव हो सके। एमएजी में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) और भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी शामिल थे। एमएजी ने अब तक 7 रिपोर्ट सरकार को पेश की हैं।
‘पनामा पेपर्स’ में प्रथम दृष्टया लगभग 426 भारतीयों अथवा भारतीय मूल के लोगों के बारे में संक्षिप्त ब्यौरा दिया गया है। आयकर विभाग ने अन्य बातों के अलावा 28 विदेशी क्षेत्राधिकारों का 395 बार संदर्भ देते हुए सभी 426मामलों में पूछताछ की है। प्राप्त सूचनाओं के विश्लेषण और की गई जांच के आधार पर अब तक जो निष्कर्ष सामने आए हैं उनसे 147 कार्रवाई योग्य मामलों और 279 गैर-कार्रवाई योग्य मामलों (अनिवासी/कोई अनियमितता नहीं, इत्यादि) के बारे में संकेत मिले हैं।
147 कार्रवाई योग्य मामलों में निम्नलिखित भी शामिल हैं:
- विभिन्न जांच प्रक्रियाओं से अब तक लगभग 792 करोड़ रुपये के अघोषित ऋणों के बारे में पता चला है।
- 35 मामलों में तलाशियां ली गई है और 11 मामलों में निरीक्षण किया गया है।
- अन्य मामलों में पूछताछ के दौरान संबंधित व्यक्तियों के समक्ष साक्ष्य भी पेश किए गए।
- 5 मामलों में आपराधिक अभियोजन शिकायतें दर्ज की गई हैं।
- 7 मामलों में काला धन (अघोषित विदेशी आय एवं परिसम्पत्तियां) और टैक्स आरोपण अधिनियम 2015 की धारा 10 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।
- उपर्युक्त सभी मामलों में आगे की जांच प्रगति पर है।
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वीके/आरआरएस/वीके- 5339
(रिलीज़ आईडी: 1508504)
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