राष्ट्रपति सचिवालय

राष्ट्रपति की अरूणाचल प्रदेश की यात्राः राज्य की विधान सभा को संबोधित किया

प्रविष्टि तिथि: 19 NOV 2017 6:21PM by PIB Delhi

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज (19 नवंबर, 2017) ईटा नगर में अरूणाचल प्रदेश विधान सभा के विशेष सत्र में विधान सभा सदस्यों को संबोधित किया। 

विधान सभा सदस्यों से आग्रह करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह याद रखना चाहिए कि विधान सभा सदस्य के रूप में उनका चुनाव राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा आम लोगों की सेवा करने के लिए हुआ हैं। निर्वाचित होने के बाद वे अपने चुनाव क्षेत्र के सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे लोगों का भी जिन्होंने उन्हे वोट नही दिया था। विधान सभा सदस्यों के रूप में वे लोगों के हितो और विश्वास के अभिभावक हैं। यह आपका कर्त्तव्य है कि आप लोगों के जीवन में सुधार लाने और लोगों से जुड़े मामलों का समाधान निकालने के संदर्भ में कानून बनाएं। 

राष्ट्रपति महोदय ने कहा कि हम सभी सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और विविधता पूर्ण देश के नागरिक है। भारत में खान-पान, वस्त्र, रीति-रिवाज और धार्मिक परम्पराओं में विविधताएं विद्यमान हैं। लेकिन यही विविधता हमारी शक्ति है और हमें एकता के सूत्र में पिरोती हैं। चाहे तिरूपति हो या तारनेतर हो या फिर तवांग का बौद्ध मठ, यह प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करता है और हममें से प्रत्येक के लिए यह गर्व का विषय हैं। 

राष्ट्रपति ने कहा कि ‘अनेकता में एकता’ के संदर्भ में अरूणाचल प्रदेश का अनुभव देश की परम्पराओं को सुन्दरता के साथ व्यक्त करता है। राज्य में कई जातियाँ व धार्मिक समुदाय हैं और वे सामंजस्यता के साथ एक साथ रहते हैं। यह सभी भारतीयों के लिए एक आदर्श है। 

राष्ट्रपति महोदय ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण अरूणाचल प्रदेश पड़ोसी देशों के साथ व्यापार करने के लिए एक बेहतर विकल्प प्रस्तुत करता है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि एक्ट इस्ट नीति के अंतर्गत आसियान देशों के साथ व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में अरूणाचल प्रदेश एक प्रमुख भूमिका निभाएगा। 

राष्ट्रपति महोदय ईटा नगर स्थित विवेकानंद केन्द्र के 40 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह के समापन सत्र में भी शामिल हुए। 

इस अवसर पर राष्ट्रपति महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि विवेकानंद केन्द्र ने राज्य के शिक्षा-क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विवेकानंद केन्द्र के स्कूलों ने गुरू-शिष्य परम्परा को जीवित रखा है। इन स्कूलों ने योग, प्राणायाम, ध्यान, संस्कृत तथा अन्य विरासतों को बनाए रखा हैं।

 

-अरूणाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में राष्‍ट्रपति के संबोधन के पूरे भाषण के लिए यहां क्लिक करें -

         

विवेकानन्‍द केन्‍द्र के 40 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के समापन सत्र में राष्‍ट्रपति के संबोधन के पूरे भाषण के लिए यहां क्लिक करें-

 

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वीके/जेके/सीएल-5514


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