रेल मंत्रालय

19 नवम्बर, 2017 को खड़कपुर जंक्शन पर नई इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग प्रणाली चालू

खड़कपुर जंक्शन पर नई इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग प्रणाली भारत की सबसे बड़ी और विश्व की बड़ी प्रणालियों में एक है

प्रविष्टि तिथि: 20 NOV 2017 6:31PM by PIB Delhi

न्यूनतम यातायात बाधा और यात्री सुविधा सुनिश्चित करते हुए इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग प्रणाली रिकार्ड समय में चालू

खड़कपुर जंक्शन पर इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग प्रणाली से दक्षिण-पूर्व रेलवे की रेलगाड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी

 

पश्चिम बंगाल के खड़कपुर स्टेशन पर 19.11.2017 को शाम 18:12 बजे 800 रूटों की भारत के सबसे बड़ी अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली चालू की गई। यह ईआई प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग प्रणाली में एक है और इसे 423 रूटों के साथ पुरानी रूट रिले इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग प्रणाली के स्थान पर स्थापित किया गया है।

पश्चिम बंगाल का खड़कपुर जंक्शन दक्षिण और पश्चिम की ओर से पूर्वी महानगर कोलकाता का प्रवेश द्वार है। यह पूर्वी भारत के अत्यधिक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है। इस स्टेशन से रोजना मेल/ एक्सप्रेस/ मालगाड़ी तथा उपनगरीय रेलों की लगभग 116 जोड़ियां आती- जाती हैं।

इस प्रणाली को चालू करने का अंतिम कार्य 12 घंटों के खंड में किया गया। इसके चालू करने की तैयारी लगभग 18 महीने पहले शुरू की गई थी और इसकी स्थापना और परीक्षण में लाखों मानव दिवस लगे। सामान्य रूप से इस प्रकार के बड़े काम में प्रमुख यार्ड रिमाडलिंग को लगाया जाता है और कई दिनों तक इंटरलॉक किए बिना कार्य किया जाता है। इसका परिणाम यह होता है कि रेल यातायात गंभीर रूप से बाधित होती है और गाड़ियों के रद्द होने और विलंब से चलने के कारण लोगों को असुविधा होती है। इस स्थिति को टालने के लिए 12 घंटे के यातायात खंड में प्रणाली को चालू करने के लिए काम किया गया। इससे कम से कम रेल यातायात प्रभावित हुआ और यात्रियों को कम असुविधा हुई। यह दक्षिण-पूर्व रेलवे की योजना और तैयारी को दर्शाता है। प्रणाली 10 घंटे में अंततः चालू कर दी गई यानी 12 घंटे के लक्ष्य से 2 घंटे पहले।

नई इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली चालू होने से (1) खड़कपुर जंक्शन पर 2 अतिरिक्त प्लेटफार्म जुड़ गए हैं (2) खड़कपुर जंक्शन पर हावड़ा की ओर से तीसरी लाइन और आद्रा की ओर से दूसरी लाइन एकीकृत हो गई है। इसके अतिरिक्त डाउन मालगाड़ी प्रस्थान यार्ड संचालन सुनिश्चित हुआ है।

उच्च स्तरीय उपलब्धता और लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए ईआई को 9 आपस में जुड़े जोन में रिंग कंफ्यूरिगेशन करके विश्वसनीय ऑप्टिकफाइबर केबल के साथ वितरित किया गया है। इससे तांबे के केबल के इस्तेमाल में बड़ी कमी आई है। तांबे के केबल विश्वसनीय नहीं होते, उनका रखरखाव कठिन है और चोरी हो जाने की संभावना के अतिरिक्त उनकी लागत भी अधिक है।

 खड़कपुर जंक्शन पर ईआई प्रणाली चालू होने से दक्षिण पूर्व रेलवे की रेलगाड़ियों की आवाजाही सुगम होगा और मेल एक्सप्रेस रेलगाड़ियां समय पर चलेंगी।

 

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वीके/एजी/सीएस-5517


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