राष्ट्रपति सचिवालय
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन का उद्घाटन किया
प्रविष्टि तिथि:
21 NOV 2017 12:25PM by PIB Delhi
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने आज इंफाल, मणिपुर में पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि पूर्वोत्तर में एक अद्भुत सामाजिक और सांस्कृतिक पारिस्थितिकी तंत्र है। दुनिया में कुछ ही ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ इस तरह के एक छोटे से स्थान में इतनी सांस्कृतिक, जातीय और धार्मिक विविधता समाहित है। यह विविधता हम सभी के लिए एक प्रेरणा है। दुनिया में कुछ सबसे पुराने मूल समुदायों का निवास पूर्वोत्तर में है। यह हमारे आध्यात्मिक निवासों में से एक है। चाहे वह कामाख्या की देवी परम्परा हो या तवांग एवं अन्य जगहों पर बौद्ध धर्म की परंपरा, वे एक पवित्र बंधन बनाते हैं जो दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ता है। ईसाई मिशनरियों ने इस क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में काफी योगदान दिया है तथा मणिपुर और मिजोरम में एक छोटा लेकिन समृद्ध यहूदी समुदाय भी है।
राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्वोत्तर की भौगोलिक स्थिति इसे भारत का स्वाभाविक प्रवेश मार्ग बनाती है, जो भारतीय उपमहाद्वीप की विशाल अर्थव्यवस्था और आज के समय में आसियान देशों से इसे जोड़ती है। इन संभावनाओं पर हमें ध्यान देना है और यही वह सोच जो इस सम्मेलन को प्रेरित करनी चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास के लिए भारत सरकार के प्रस्तावों के केंद्र में संपर्क-संसाधनों में एक त्वरित और तेजी से वृद्धि है। यह एक बहु-आयामी कार्यक्रम है, जिसमें जल, थल, और वायुमार्ग सम्मिलित हैं और इसमें भारत के आंतरिक संपर्क के साथ साथ भारत का अपने पूर्वी और दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित पड़ोसी देशों के साथ संपर्क भी शामिल है।
राष्ट्रपति ने जोर दिया कि पूर्वोत्तर का विकास भारत के विकास के साथ-साथ भारत-आसियान साझेदारी का सही पैमाना भी है। उन्होंने कहा कि अवसर हमारे सामने है और हमें उसे जाने नहीं देना चाहिए।
राष्ट्रपति श्री कोविंद इसके बाद इम्फाल में 'मणिपुर संगाई फेस्टिवल 2017' के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित हुए और उसे संबोधित भी किया। सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वह संगाई उत्सव का उद्घाटन करते हुए अत्यंत प्रसन्न हैं जो मणिपुर की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि, जिसमें इसके विभिन्न समुदायों और इसका सुंदर सामाजिक तानाबाना भी शामिल है, का सटीक प्रदर्शन करता है।
राष्ट्रपति ने 1891 के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि इन नायकों को हमेशा हमारी आजादी और मानव स्वतंत्रता सिद्धांतों हेतु किये गए उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि न सिर्फ उनकी पसंदीदा बल्कि हम सबकी पसंदीदा, पूरे देश की पसंदीदा हैं - तेजस्वी मैरी कॉम, जो कि मणिपुर की अपनी ओलंपिक पदक विजेता हैं।
राष्ट्रपति ने कहा की मणिपुर को भारतीय फुटबॉल का गढ़ कहा जाता है। भारत द्वारा आयोजित अंडर -19 विश्व कप में हमारी राष्ट्रीय टीम के 21 सदस्यों में से 8 मणिपुर के थे।
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5541-वीके/केटी/एजे/एसएस/एमबी
(रिलीज़ आईडी: 1510398)
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