राष्ट्रपति सचिवालय

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद का मणिपुर संगाई उत्सव 2017 में संबोधन

प्रविष्टि तिथि: 21 NOV 2017 12:42PM by PIB Delhi

·         भारत के राष्ट्रपति के रूप में यह मेरी पहली मणिपुर यात्रा है और राज्य के सबसे बड़े उत्सव, मणिपुर संगाई महोत्सव का उद्घाटन करते हुए मैं अत्यंत प्रसन्न हूँ। 2010 से प्रतिवर्ष नवंबर में 10 दिनों तक मनाया जाने वाला यह उत्सव मणिपुर की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का एकदम सटीक प्रदर्शन करता है, जिसमें यहाँ के विभिन्न समुदाय और उनका सुंदर सामाजिक तानाबाना शामिल हैं।

·         कोई भी दुनिया भर में यात्रा कर सकता है लेकिन शायद ही उसे कभी लोकटक झील जैसा शानदार नज़ारा देखने को मिले। पर्यटकों के लिए यह एक स्वर्ग है और मुझे खुशी है कि सरकार मणिपुर की पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है।

·         मणिपुर की सांस्कृतिक परंपराएं, इसका सामाजिक, धार्मिक और जातीय तानाबाना एवं हिम्मत और जीवटता का इतिहास भारत में सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। 1891 के शहीदों को हमेशा हमारी आजादी और मानव स्वतंत्रता के सिद्धांतों हेतु किये गए उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा।

·         दुर्भाग्य से लगभग आधी सदी के बाद, मणिपुर द्वितीय विश्व युद्ध की सबसे भयंकर लड़ाईयों में से एक का एक युद्धस्थल था। आज इंफाल में स्थित युद्ध कब्रिस्तान और युद्ध स्मारक उस समय की याद दिलाते हैं। विडंबना यह है कि ये युद्ध अवशेष आज अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की क्षमताएं रखते हैं और पश्चिम तथा जापान से आगंतुकों को आकर्षित करते हैं। लेकिन 1940 के दशक में मणिपुर की धरती ने युद्ध के विध्वंस को सहते हुए भारत के बाकी हिस्सों की रक्षा की और हमारे देश का हर नागरिक हमेशा के लिए इस बात का आभारी है।

देवियो और सज्जनों,

·         मणिपुर भारत में दक्षिण पूर्व एशिया का एक झरोखा है और हमारी सरकार की एक्ट ईस्ट नीति का एक प्रमुख पात्र है अतःसंपर्क सम्बन्धी परियोजनाओं को शीघ्रता से विकसित करने के लिए सघन प्रयास जारी हैं। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग है। इसके अलावा, इंफाल अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक एयर कार्गो टर्मिनल कॉम्प्लेक्स की योजना बनाई जा रही है एवं रेल लिंक को बढ़ाया जा रहा है।

·         मुझे विश्वास है कि ये प्रयास एवं केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझेदारी अच्छे परिणाम पैदा करेगी। पर्यटन की संभावनाएं अपार हैं। यह आवश्यक है कि इस तरह के प्रयासों के लाभ यहां के स्थानीय समुदायों तक पहुंचे एवं मणिपुर के किसानों और हथकरघा बुनकरों को नए बाजार और रोजगार उपलब्ध कराएं।

·         मेरी एक और पसंद, सिर्फ मेरी पसंद नहीं बल्कि हम सब की, पूरे देश की पसंद अद्भुत मैरी कॉम हैं जो कि मणिपुर की अपनी ओलंपिक पदक विजेता हैं। जैसा कि हाल ही में उनके एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर मैंन अपने ट्वीट में कहा था कि वह अपने प्रत्येक मुक्के के प्रहार के साथ हमें और गौरव प्रदान करती हैं।

·         मणिपुर को भारतीय फुटबॉल का गढ़ कहा जाता है। भारत द्वारा आयोजित अंडर -19 विश्व कप में हमारी राष्ट्रीय टीम के 21 सदस्यों में से आठ मणिपुर के थे। इस सूची में कप्तान अमरजीत सिंह क्यम और दिग्गज गोलरक्षक धीरज सिंह मोइरंगत्थेम शामिल हैं। मणिपुर के साहसी लड़कों ने सभी भारतीयों के दिलों को जीत लिया है और हम उनसे आशा करते हैं कि वे देश के लिए और अधिक गौरव अर्जित करें।

·         अगर मैं सच कहूँ तो मणिपुर भारत में खेल-कूद की राजधानी है। यहाँ का पारंपरिक खेल सागोल कांगजी आज के आधुनिक पोलो का प्रेरणास्रोत है और यहीं इम्फाल में दुनिया का सबसे पुराना पोलो मैदान भी स्थित है। मेरा मानना है कि हुयेन लैंग्लॉन मार्शल आर्ट को और अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन की आवश्यकता है। उसी प्रकार यूबी लक्की भी जो कि एक रग्बी गेंद के स्थान पर एक चिकनाई युक्त नारियल के साथ खेला जाता है। ये वे खजाने हैं जिन्हें पूरे देश और विश्व के साथ साझा किए जाना चाहिए।

·         अंत में, मैं मणिपुर संगाई महोत्सव और यहां मौजूद प्रतिभागियों तथा मणिपुर की सरकार और मणिपुर के लोगों को हर सफलता की शुभकामनाएं देता हूं। भारत मणिपुर की सांस्कृतिक पहचान, इसकी सामाजिक विविधता - और आर्थिक क्षमता से बहुत गौरवान्वित है। हम सभी को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि मणिपुर अपनी सम्पूर्ण क्षमताओं का लाभ उठाए और हर मणिपुरी, जो भी उसकी पृष्ठभूमि हो, इससे लाभान्वित हो। हमें सफल होना है और हम सफल होंगे।

धन्यवाद

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