सूचना और प्रसारण मंत्रालय

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2017 के सातवें दिन फिल्म मिर्माता अतानु मुखर्जी ने ‘रुख़’ का प्रचार किया

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने फिल्मों के शौकीन लोगों के बीच अनेक वर्षों में एक ऐसे कार्यक्रम की छवि बना ली है जिसकी विश्व भर में सर्वाधिक प्रतीक्षा रहती है । यह दर्शकों और फिल्म निर्माताओं को कहानी के ज़रिये संस्कृति, भाषा एवं विभिन्न नज़रियों की विरासत से बांधने का प्रयास है ।

भारतीय चित्रमालाः अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सातवें दिन मीट द डायरेक्टर्स की शोभा हिंदी फीचर फिल्म रुख़ के निर्देशक अतानु मुखर्जी एवं फिल्म की छायाकार पूजा गुप्ते ने बढ़ाई । यह फिल्म अपने घर से दूर वोर्डिंग स्कूल में रह रहे एक बच्चे ध्रुव पर बनी है । इस बच्चे को तब तक अपने घर में जारी समस्याओं का पता नहीं चलता जब तक उसके पास अपने पिता की मृत्यु का समाचार नहीं पहुंच जाता । वह दुविधा में रहता है कि उसके पिता वास्तव में गुज़र गए हैं या यह योजनाबद्ध ढंग से करवाई गई हत्या है । इस फिल्म के आधार में यही कहानी है ।    

अतानु मुखर्जी ने कहा, “यह बड़े सम्मान की बात है और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में आकर मुझे ख़ुशी हो रही है । अपनी पहली फिल्म का आइडिया आने से लेकर इस पर काम करने तक इसका फिल्मांकन एक महान यात्रा जैसा है- यह यादगार यात्रा रही है । मुझे प्रसन्नता है कि यह भारतीय चित्रमाला का हिस्सा है एवं इसकी स्क्रीनिंग के बाद अच्छी प्रतिक्रिया मिली है ।”

 

 

पूजा गुप्ते ने कहा, “मनीष मूंदड़ा सबसे अच्छे निर्माताओं में से एक हैं और वह उन पटकथाओं को लेते हैं जिनका वह समर्थन करते हैं । ‘आंखों देखी’ समेत उनका कार्य विलक्षण है । मुझे यह जान कर ख़ुशी है कि उन्होंने पूरी फिल्म के दौरान मेरा साथ दिया । वह उन लोगों में से हैं जिनके साथ कार्य करने की हर किसी की इच्छा रहती है ।” 

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का अड़तालीसवां संस्करण 20 से 28 नवम्बर तक तटीय राज्य गोवा में आयोजित हो रहा है ।

 

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वीके/एमपी/एसके-5630

 


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